{"_id":"5d03ef478ebc3e413e7c4727","slug":"15605389408-mahoba-news28","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरसी जारी होने से परेशान किसान ने सलफास खाकर दी जान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
आरसी जारी होने से परेशान किसान ने सलफास खाकर दी जान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो आरसी जारी होने पर किसान के घर वसूली करने पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने चार दिन के अंदर 14,700 रुपये की धनराशि जमा करने की चेतावनी दी लेकिन पैसे का इंतजाम न होने पर चौथे दिन शुक्रवार को किसान ने घर पर सलफास खा लिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
कोतवाली चरखारी के ग्राम रिवई निवासी राधिका सोनी (75) पुत्र रज्जू प्रसाद सोनी का बिजली का बिल बकाया होने पर बिजली विभाग ने 2015 में उसका कनेक्शन काटकर बकाया धनराशि वसूलने के लिए तहसील महोबा में पत्र भेजा था। तहसीलदार परशुराम ने राधिका सोनी के खिलाफ वसूली के लिए आरसी जारी कर दी थी। 10 जून 2019 को तहसीलदार परशुराम पटेल, अमीन पवन व चपरासी गाड़ी से ग्राम रिवई गए थे। परिजनों ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम ने किसान से 14,700 रुपये बकाया बिजली का बिल जमा करने को कहा था।
किसान ने पैसा न होने की बात बताई। जिस पर राजस्व विभाग की टीम चार दिन के अंदर पैसा का इंतजाम कर बकाया धनराशि जमा करने की चेतावनी देकर लौट आई। टीम के जाने के बाद किसान 10 जून से लगातार पैसे के इंतजाम में जुटा रहा लेकिन पैसे की व्यवस्था न होने पर शुक्रवार को किसान ने सलफास खा ली। गंभीर हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तहसीलदार परशुराम का कहना है कि वह वसूली के लिए गांव गए थे लेकिन उसकी स्थिति दयनीय देखकर विद्युत विभाग से बात करके बिल माफ करने की बात कहीं थी। उन्होंने चार दिन के अंदर पैसा जमा करने की चेतावनी देने की बात से इंकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली चरखारी के ग्राम रिवई निवासी राधिका सोनी (75) पुत्र रज्जू प्रसाद सोनी का बिजली का बिल बकाया होने पर बिजली विभाग ने 2015 में उसका कनेक्शन काटकर बकाया धनराशि वसूलने के लिए तहसील महोबा में पत्र भेजा था। तहसीलदार परशुराम ने राधिका सोनी के खिलाफ वसूली के लिए आरसी जारी कर दी थी। 10 जून 2019 को तहसीलदार परशुराम पटेल, अमीन पवन व चपरासी गाड़ी से ग्राम रिवई गए थे। परिजनों ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम ने किसान से 14,700 रुपये बकाया बिजली का बिल जमा करने को कहा था।
विज्ञापन
किसान ने पैसा न होने की बात बताई। जिस पर राजस्व विभाग की टीम चार दिन के अंदर पैसा का इंतजाम कर बकाया धनराशि जमा करने की चेतावनी देकर लौट आई। टीम के जाने के बाद किसान 10 जून से लगातार पैसे के इंतजाम में जुटा रहा लेकिन पैसे की व्यवस्था न होने पर शुक्रवार को किसान ने सलफास खा ली। गंभीर हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तहसीलदार परशुराम का कहना है कि वह वसूली के लिए गांव गए थे लेकिन उसकी स्थिति दयनीय देखकर विद्युत विभाग से बात करके बिल माफ करने की बात कहीं थी। उन्होंने चार दिन के अंदर पैसा जमा करने की चेतावनी देने की बात से इंकार किया है।
विज्ञापन