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ट्रक के लगातार चालान से ऊबकर जान दी
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मृतक राजनारायण की फाइल फोटो।
- फोटो : MAHOBA
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कबरई (महोबा)। लगातार ट्रक के चालान से ऊबे युवक ने जान दे दी। वह कर्ज से भी परेशान था। मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला है। इसमें मृतक ने कई जगह से पैसे के लेनदेन और लगातार हो रहे चालान के चलते गाड़ी न छुड़ा पाने की बात लिखी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजनारायण साहू (36) के पास कुछ वर्ष पूर्व 11 ट्रक थे। लगातार घाटे के चलते दस ट्रक बिक गए। इससे राजनारायण शेष बचा एक ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। इस ट्रक के कई चालान होने से उसकी धनराशि जमा करने के लिए उसने कई लोगों से कर्ज ले लिया था। इससे वह परेशान रहता था। मंगलवार की रात परिवार के सभी लोग सो गए। तभी राजनारायण ने बरामदे में लगे पंखे के हुक से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई। सुबह जब परिजनों ने फांसी पर शव लटकते देखा तो पुलिस को सूचना दी।
मृतक के भाई हीरालाल साहू ने बताया कि ट्रक के कई बार चालान होने से उसने लोगों से कर्ज ले रखा था। एक सप्ताह पहले ट्रक का 25 हजार रुपये का चालान हुआ। जिसे उसने किसी तरह जमा किया। मंगलवार को एक बार फिर डेढ़ लाख रुपये का चालान हो जाने से वह सदमे में पहुंच गया। दिनभर खाना नहीं खाया और रात में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से मृतक की पत्नी हीरादेवी, पुत्र अनुराग, पुत्री प्रियांशी व दिव्यांशी का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार का कहना है कि सुसाइड नोट में किसी पर कोई आरोप नहीं है। जांच कराई जा रही है।
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मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट में कई जगह पैसे के लेनदेन की जानकारी देते हुए लिखा है कि मैं बहुत नुकसान उठा चुका हूं। मैं अब जिंदगी से हार गया हूं। मेरे पास कुछ भी नहीं बचा है। अब मैं अपनी गाड़ी नहीं छुड़ा पाऊंगा। इसलिए मैं अपनी जान दे रहा हूं। मुझे माफ करना।
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राजनारायण साहू (36) के पास कुछ वर्ष पूर्व 11 ट्रक थे। लगातार घाटे के चलते दस ट्रक बिक गए। इससे राजनारायण शेष बचा एक ट्रक चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। इस ट्रक के कई चालान होने से उसकी धनराशि जमा करने के लिए उसने कई लोगों से कर्ज ले लिया था। इससे वह परेशान रहता था। मंगलवार की रात परिवार के सभी लोग सो गए। तभी राजनारायण ने बरामदे में लगे पंखे के हुक से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। इससे उसकी मौत हो गई। सुबह जब परिजनों ने फांसी पर शव लटकते देखा तो पुलिस को सूचना दी।
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मृतक के भाई हीरालाल साहू ने बताया कि ट्रक के कई बार चालान होने से उसने लोगों से कर्ज ले रखा था। एक सप्ताह पहले ट्रक का 25 हजार रुपये का चालान हुआ। जिसे उसने किसी तरह जमा किया। मंगलवार को एक बार फिर डेढ़ लाख रुपये का चालान हो जाने से वह सदमे में पहुंच गया। दिनभर खाना नहीं खाया और रात में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से मृतक की पत्नी हीरादेवी, पुत्र अनुराग, पुत्री प्रियांशी व दिव्यांशी का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार का कहना है कि सुसाइड नोट में किसी पर कोई आरोप नहीं है। जांच कराई जा रही है।
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मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट में कई जगह पैसे के लेनदेन की जानकारी देते हुए लिखा है कि मैं बहुत नुकसान उठा चुका हूं। मैं अब जिंदगी से हार गया हूं। मेरे पास कुछ भी नहीं बचा है। अब मैं अपनी गाड़ी नहीं छुड़ा पाऊंगा। इसलिए मैं अपनी जान दे रहा हूं। मुझे माफ करना।

गमगीन माहौल में बैठी मृतक की पत्नी व बच्चे।- फोटो : MAHOBA