{"_id":"6168748fcdb2e3019a48da88","slug":"crime-mahoba-news-knp658330782","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिजनों की सहमति से गुजरात जा रहे थे 24 बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिजनों की सहमति से गुजरात जा रहे थे 24 बच्चे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन से गुजरात जा रहे 24 मुस्लिम बच्चों को रेलवे स्टेशन महोबा में उतार लिए जाने के बाद उन्हें घर भेजने की तैयारी की जा रही है। बच्चों के अभिभावकों ने जीआरपी पुलिस को सहमति पत्र भेजे हैं। इसमें उनकी सहमति पर ही शिक्षक बच्चों को लेकर गुजरात के मदरसा ले जा रहा था। सभी बच्चों को महोबा चाइल्डलाइन की देखरेख में रखा गया है।
बच्चों के साथ जा रहे युवक अनवर आलम ने बताया था कि वह बच्चों को बिहार के खगरिया गांव से गुजरात स्थित मदरसे लेकर जा रहा था। सभी बच्चों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया था। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने बच्चों को चाइल्डलाइन की देखरेख में सौंप गया था।
चाइल्ड लाइन के निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि बच्चों के परिजनों से बात हुई है। वह इतने गरीब हैं कि उनके पास महोबा आने का किराया भी नहीं हैं। इसके बाद बच्चों को उनके घर भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व रोडवेज बस उपलब्ध कराने की मांग की गई है। बाल कल्याण समिति का आदेश मिलने के बाद बच्चों को उनके घर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
उधर जीआरपी थाना प्रभारी हरिओम मिश्रा का कहना कि बच्चों के परिजनों ने सहमति पत्र भेजे हैं। जिसमें उन्होंने अपनी सहमति पर बच्चों को पढ़ने के लिए गुजरात स्थित मदरसा भेजे जाने की बात कही है।
विज्ञापन
बच्चों के साथ जा रहे युवक अनवर आलम ने बताया था कि वह बच्चों को बिहार के खगरिया गांव से गुजरात स्थित मदरसे लेकर जा रहा था। सभी बच्चों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया था। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने बच्चों को चाइल्डलाइन की देखरेख में सौंप गया था।
विज्ञापन
चाइल्ड लाइन के निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि बच्चों के परिजनों से बात हुई है। वह इतने गरीब हैं कि उनके पास महोबा आने का किराया भी नहीं हैं। इसके बाद बच्चों को उनके घर भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व रोडवेज बस उपलब्ध कराने की मांग की गई है। बाल कल्याण समिति का आदेश मिलने के बाद बच्चों को उनके घर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
उधर जीआरपी थाना प्रभारी हरिओम मिश्रा का कहना कि बच्चों के परिजनों ने सहमति पत्र भेजे हैं। जिसमें उन्होंने अपनी सहमति पर बच्चों को पढ़ने के लिए गुजरात स्थित मदरसा भेजे जाने की बात कही है।