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Mahoba News: एशियाड में भारतीयों के प्रदर्शन से महिला खिलाड़ियों में उत्साह
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महोबा। जापान के आइची नागोया में आयोजित एशियाड खेलों में भारतीयों के प्रदर्शन से जनपद की महिला खिलाड़ियों में उत्साह है। भारतीयों ने विभिन्न खेलों में स्वर्ण से लेकर कांस्य पदक जीते हैं। इसे लेकर जनपद की महिला खिलाड़ियों को गर्व है। उनका कहना है कि संसाधनों के अभाव में वह भले ही आगे नहीं निकल पा रही हैं लेकिन अपना प्रयास लगातार जारी रखेंगी। उम्मीद है एक दिन प्रदेश व देश के लिए खेलकर जनपद का नाम रोशन करेंगी। एशियाड में भारतीयों के प्रदर्शन से महिला खिलाड़ियों में कुछ कर गुजरने की ललक और बढ़ गई है।
बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं
फोटो 05 एमएएचपी 01 परिचय-इकरा खान। संवाद
एशियाई खेलों में भारत की महिला खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन कर देश को पदक दिलाए हैं। उनके प्रदर्शन को देखते हुए खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है। विश्वास है कि पदक जीतने का यह सिलसिला हर बार बढ़ेगा। महिला टीम आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। वह भी प्रदेश व देश के लिए खेलने को लेकर जी जान लगाएंगीं। -हॉकी खिलाड़ी इकरा खान, बड़ीहाट।
फोटो 05 एमएएचपी 02 परिचय-कल्पना। संवाद
भारत की टीम ने दिखा दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। चाहे क्रिकेट या फिर कबड्डी, दौड़, शूटिंग आदि, प्रत्येक खेल में जीतना सिर्फ खेल की जीत नहीं बल्कि महिला सशक्तीकरण की मिसाल है। जिस पर हमें गर्व है। वह भी कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश में जिले का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगी। -वालीबॉल खिलाड़ी कल्पना, गांधीनगर।
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फोटो 05 एमएएचपी 03 परिचय-नीलम चौरसिया। संवाद
भारतीय महिला क्रिकेट समेत अन्य खेलों में भारत को स्वर्ण पदक मिलने से भारत का नाम रोशन हुआ है। उनके खेल को देखकर मैं भी आगे अपना प्रयास जारी रखूंगी। एक न एक दिन भारत की टीम का हिस्सा बनकर रहूंगी। इसके लिए वह तीन से चार घंटे प्रतिदिन कड़ी मेहनत कर रही हैं। -एथलीट नीलम चौरसिया, मलकपुरा।
फोटो 05 एमएएचपी 04 परिचय-काव्या गुप्ता। संवाद
खेल हमारी जीवन शैली का अहम हिस्सा है। यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। जिले में संसाधनों की कमी दूर हो तो यहां की बेटियां भी प्रदेश व देश में खेल कर जनपद का नाम रोशन करेंगी। शासन-प्रशासन को चाहिए कि बेहतर संसाधन उपलब्ध कराएं। ताकि वह भी आगे बढ़ सकें। -बैडमिंटन खिलाड़ी काव्या गुप्ता, गांधीनगर।
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बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं
फोटो 05 एमएएचपी 01 परिचय-इकरा खान। संवाद
एशियाई खेलों में भारत की महिला खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन कर देश को पदक दिलाए हैं। उनके प्रदर्शन को देखते हुए खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है। विश्वास है कि पदक जीतने का यह सिलसिला हर बार बढ़ेगा। महिला टीम आगे भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। वह भी प्रदेश व देश के लिए खेलने को लेकर जी जान लगाएंगीं। -हॉकी खिलाड़ी इकरा खान, बड़ीहाट।
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फोटो 05 एमएएचपी 02 परिचय-कल्पना। संवाद
भारत की टीम ने दिखा दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। चाहे क्रिकेट या फिर कबड्डी, दौड़, शूटिंग आदि, प्रत्येक खेल में जीतना सिर्फ खेल की जीत नहीं बल्कि महिला सशक्तीकरण की मिसाल है। जिस पर हमें गर्व है। वह भी कड़ी मेहनत कर प्रदेश और देश में जिले का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगी। -वालीबॉल खिलाड़ी कल्पना, गांधीनगर।
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फोटो 05 एमएएचपी 03 परिचय-नीलम चौरसिया। संवाद
भारतीय महिला क्रिकेट समेत अन्य खेलों में भारत को स्वर्ण पदक मिलने से भारत का नाम रोशन हुआ है। उनके खेल को देखकर मैं भी आगे अपना प्रयास जारी रखूंगी। एक न एक दिन भारत की टीम का हिस्सा बनकर रहूंगी। इसके लिए वह तीन से चार घंटे प्रतिदिन कड़ी मेहनत कर रही हैं। -एथलीट नीलम चौरसिया, मलकपुरा।
फोटो 05 एमएएचपी 04 परिचय-काव्या गुप्ता। संवाद
खेल हमारी जीवन शैली का अहम हिस्सा है। यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। जिले में संसाधनों की कमी दूर हो तो यहां की बेटियां भी प्रदेश व देश में खेल कर जनपद का नाम रोशन करेंगी। शासन-प्रशासन को चाहिए कि बेहतर संसाधन उपलब्ध कराएं। ताकि वह भी आगे बढ़ सकें। -बैडमिंटन खिलाड़ी काव्या गुप्ता, गांधीनगर।