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सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका नहीं हुई सुनवाई
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कबरई (महोबा)। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में जेल में निरुद्घ सिपाही अरुण यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने अगली सुनवाई के लिए अभी तारीख तय नहीं की है।
गौरतलब है कि क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। अगले दिन आठ सितंबर को वह अपनी गाड़ी में गोली लगने से घायल मिले थे और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव व दो व्यापारियों सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने चार आरोपियों को अक्तूबर 2020 में जेल भेजा था, जबकि मुख्य आरोपी एक लाख का इनामी आईपीएस अभी भी फरार है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि जेल में निरुद्घ सिपाही की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन फाइलें अधिक होने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अगली सुनवाई की अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है।
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गौरतलब है कि क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। अगले दिन आठ सितंबर को वह अपनी गाड़ी में गोली लगने से घायल मिले थे और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव व दो व्यापारियों सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया था।
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पुलिस ने चार आरोपियों को अक्तूबर 2020 में जेल भेजा था, जबकि मुख्य आरोपी एक लाख का इनामी आईपीएस अभी भी फरार है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि जेल में निरुद्घ सिपाही की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन फाइलें अधिक होने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अगली सुनवाई की अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है।
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