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नहीं निपट पा रही चकबंदी प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:16 PM IST
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किसानों से जानकारी लेते चकबंदी अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
कस्बे के रामलला मंदिर प्रांगण में 36 वर्ष से चल रही चकबंदी प्रक्रिया को निपटाकर पूर्ण कराने के मकसद से आयोजित बैठक में कोई निष्कर्ष नही निकल सका। आधे किसान जहां चकबंदी कराने के लिए सहमत हो गए वही कुछ किसानों ने विरोध किया। जिससे आम सहमति नही बन सकी। तहसील कुलपहाड़ क्षेत्र में 36 साल से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है लेकिन आज तक
चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण नही हो सकी। जिससे तमाम किसानों को परेशानी हो रही है। चकबंदी कराने की तमाम शिकायतों के बाद बुधवार को चकबंदी अधिकारी रमेशबाबू, एसओसी चकबंदी इम्तियाज अहमद, चकबंदी कर्ता श्यामलाल व भगवानदास कस्बा कुलपहाड़ पहुंचे और रामलला मंदिर प्रांगण में मुनादी कराकर किसानों के साथ बैठक की खुली बैठक में आधे ही किसान
जहां चकबंदी कराने के पक्ष में नजर आए। तहसील क्षेत्र में चकबंदी के चार हजार खातेदार है। किसानों की आम सहमति न बन पाने के कारण चकबंदी अधिकारी बिना किसी निष्कर्ष के ही वापस लौट आए।
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चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण नही हो सकी। जिससे तमाम किसानों को परेशानी हो रही है। चकबंदी कराने की तमाम शिकायतों के बाद बुधवार को चकबंदी अधिकारी रमेशबाबू, एसओसी चकबंदी इम्तियाज अहमद, चकबंदी कर्ता श्यामलाल व भगवानदास कस्बा कुलपहाड़ पहुंचे और रामलला मंदिर प्रांगण में मुनादी कराकर किसानों के साथ बैठक की खुली बैठक में आधे ही किसान
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जहां चकबंदी कराने के पक्ष में नजर आए। तहसील क्षेत्र में चकबंदी के चार हजार खातेदार है। किसानों की आम सहमति न बन पाने के कारण चकबंदी अधिकारी बिना किसी निष्कर्ष के ही वापस लौट आए।
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