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टैंकर आते ही टूट पड़ते ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Sun, 22 May 2016 11:26 PM IST
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टैकंर से पानी निकालते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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भीषण गर्मी में बांधों और तालाबों के जवाब देने से अब टैंकरों सें पानी की आपूर्ति की जा रही है। शहर और गांव की गलियों में दिन रात टैंकर दौड़ रहे है। हालत यह है कि टैंकर आते ही भारी संख्या में लोगों की भीड़ उन पर टूट पड़ती है।
आधे शहर में मदन सागर सरोवर से पानी की आपूर्ति की जाती है। मगर इस साल सरोवर में धूल उड़ रही है। जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। जिला प्रशासन शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए महोबा पुर्नगठन पेयजल योजना के तहत उर्मिल बांध से पानी की आपूर्ति करा रहा है। जो नाकाफी साबित हो रहा है। जिसके चलते शहर के कई स्थानों पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू कराई गई है।
डीएम वीरेश्वर सिंह ने पानी की आपूर्ति कराने के लिए 69 गांव में 131 टैंकर लगाए हैं। इसके अलावा 75 टैंकर ग्राम प्रधानों ने खरीदकर ग्राम पंचायत में पानी की व्यवस्था की है। डीएम ने बताया कि ग्राम प्रधानों को 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से ट्रैक्टर किराए पर लगाने 200 रुपये ट्रैक्टर चालक को और 100 रुपये प्रति चक्कर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है।
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आधे शहर में मदन सागर सरोवर से पानी की आपूर्ति की जाती है। मगर इस साल सरोवर में धूल उड़ रही है। जिससे शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। जिला प्रशासन शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए महोबा पुर्नगठन पेयजल योजना के तहत उर्मिल बांध से पानी की आपूर्ति करा रहा है। जो नाकाफी साबित हो रहा है। जिसके चलते शहर के कई स्थानों पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति शुरू कराई गई है।
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डीएम वीरेश्वर सिंह ने पानी की आपूर्ति कराने के लिए 69 गांव में 131 टैंकर लगाए हैं। इसके अलावा 75 टैंकर ग्राम प्रधानों ने खरीदकर ग्राम पंचायत में पानी की व्यवस्था की है। डीएम ने बताया कि ग्राम प्रधानों को 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से ट्रैक्टर किराए पर लगाने 200 रुपये ट्रैक्टर चालक को और 100 रुपये प्रति चक्कर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है।
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