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बंदी रक्षक के खिलाफ होगी कार्रवाई
ब्यूूराे/अमर उजाला महोबा।
Updated Wed, 20 Jan 2016 12:21 AM IST
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जिला कारागार में संदिग्ध परिस्थिति में हुई बंदी की मौत के मामले में मंगलवार को इलाहाबाद परिक्षेत्र के डीआईजी जेल संतोष कुमार श्रीवास्तव ने छह घंटे तक जिला कारागार में जांच की। जिला जेल में उन्होंने बंदियों के बयान भी दर्ज किए। आई के निरीक्षण से जेल प्रशासन में खलबली मची रही। जांच के दौरान बंदी रक्षक की लापरवाही पाए जाने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि सोमवार को जिला कारागार में दोहरे हत्या कांड में निरुद्ध पहरा निवासी भोला उर्फ बद्रीप्रसाद की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जिस पर मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। मंगलवार को डीआईजी जेल ने सुबह दस बजे जिला कारागार पहुंचकर जांच पड़ताल की। छह घंटे तक चली जांच के दौरान डीआईजी ने 50 से ज्यादा बंदियों से पूछतांछ की और उनके बयान दर्ज किए। डीआईजी ने शौचालय में जाकर देखा देखा साथ ही बैरकों में जाकर बंदियों के बयान लिए। डीआईजी ने बताया कि बयान के दौरान जेल में बंद मृतक के बेटे जीतू से भी पूछतांछ की गई। जीतू ने बताया कि हत्या कांड के बाद से पिता परेशान रहते थे। इसलिए आत्महत्या की भी आशंका जताई जा रही है। लेकिन अभी भी बंदी की मौत रहस्यमय बनी हुई है। स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने बताया कि बंदी रक्षक तीन बजे तक बंदियों को बैरक में बंद रखता है। लेकिन दो बजे शौचालय के लिए बंदी बद्रीप्रसाद को बाहर निकाला गया लेकिन बंदी रक्षक अवधेश मौर्या ने उस पर निगरानी नही रखी। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम हो कि सोमवार को जिला कारागार में दोहरे हत्या कांड में निरुद्ध पहरा निवासी भोला उर्फ बद्रीप्रसाद की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। जिस पर मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। मंगलवार को डीआईजी जेल ने सुबह दस बजे जिला कारागार पहुंचकर जांच पड़ताल की। छह घंटे तक चली जांच के दौरान डीआईजी ने 50 से ज्यादा बंदियों से पूछतांछ की और उनके बयान दर्ज किए। डीआईजी ने शौचालय में जाकर देखा देखा साथ ही बैरकों में जाकर बंदियों के बयान लिए। डीआईजी ने बताया कि बयान के दौरान जेल में बंद मृतक के बेटे जीतू से भी पूछतांछ की गई। जीतू ने बताया कि हत्या कांड के बाद से पिता परेशान रहते थे। इसलिए आत्महत्या की भी आशंका जताई जा रही है। लेकिन अभी भी बंदी की मौत रहस्यमय बनी हुई है। स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने बताया कि बंदी रक्षक तीन बजे तक बंदियों को बैरक में बंद रखता है। लेकिन दो बजे शौचालय के लिए बंदी बद्रीप्रसाद को बाहर निकाला गया लेकिन बंदी रक्षक अवधेश मौर्या ने उस पर निगरानी नही रखी। इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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