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परजीवी है जिले का मुख्य डाकघर, भटकते हैं ग्राहक
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महोबा। शहर के मुख्य डाकघर से मिलने वाली सुविधाओं से लोग वंचित है। छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर ग्राहक महीनों चक्कर काट रहे हैं। हालत यह है कि यहां पर आधार कार्ड बनने तक की सुविधा नहीं है। अधिकारियों की माने तो मुख्य डाकघर को हेड आफिस का दर्जा प्राप्त न होने से समस्या हो रही है।
मुख्य डाक घर में स्टाफ की कमी हैं। जिससे समय से डाक नहीं पहुंच रही है। इससे डाक पता करने के लिए भी लोग डाकघर पहुंच रहे हैं। पोस्टमास्टर ने बताया कि पोस्टमैन के छह पद स्वीकृत है जिसमें सिर्फ एक व्यक्ति है जिससे डाक बाटने के लिए स्टाफ की कमी हैं।
सोमवार को साधना ने अपने खाते के संचालन के लिए नई पासबुक के लिए पोस्ट मास्टर के पास पहुंची। कहाकि तीन महीने से इसके लिए परेशान हूं। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमीरपुर से आने पर आपको प्राप्त करा दिया जाएगा। वहीं मुख्य डाकघर में आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग पहुंच रहे हैं लेकिन आधार न बनने से लौट रहे हैं। डाकघर में कोरोना की दूसरी लहर में आधार कार्ड बनाना बंद कर दिया गया था जो अब तक शुरू नहीं हो सका है। जिससे शहरी और ग्रामीण लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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क्या बोले लोग
-गांधी नगर निवासी जीतू गुप्ता का कहना है कि बच्चे का आधार कार्ड सही कराने के लिए डाकघर में संपर्क किया लेकिन कार्य ठप है।
- शहर निवासी महेंद्र कुमार ने बताया कि आधार कार्ड डाकघर में नहीं बन रहा है, जबकि बैंक में जाने पर कहा गया कि मशीन खराब है। डाकघर में सुविधाओं का अभाव है।
जिले के मुख्य डाकघर को हेड ऑफिस का दर्जा प्राप्त नहीं हैं। जिससे ग्राहकों की समस्याओं के निस्तारण के हमीरपुर भेजना पड़ता है। जिसमें समय लग जाता है। स्टाफ की भी कमी हैं। जल्द ही आधार कार्ड बनना शुरू हो जाएगा।
शकील अहमद खान, पोस्टमास्टर, मुख्य डाकघर
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मुख्य डाक घर में स्टाफ की कमी हैं। जिससे समय से डाक नहीं पहुंच रही है। इससे डाक पता करने के लिए भी लोग डाकघर पहुंच रहे हैं। पोस्टमास्टर ने बताया कि पोस्टमैन के छह पद स्वीकृत है जिसमें सिर्फ एक व्यक्ति है जिससे डाक बाटने के लिए स्टाफ की कमी हैं।
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सोमवार को साधना ने अपने खाते के संचालन के लिए नई पासबुक के लिए पोस्ट मास्टर के पास पहुंची। कहाकि तीन महीने से इसके लिए परेशान हूं। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमीरपुर से आने पर आपको प्राप्त करा दिया जाएगा। वहीं मुख्य डाकघर में आधार कार्ड बनवाने के लिए लोग पहुंच रहे हैं लेकिन आधार न बनने से लौट रहे हैं। डाकघर में कोरोना की दूसरी लहर में आधार कार्ड बनाना बंद कर दिया गया था जो अब तक शुरू नहीं हो सका है। जिससे शहरी और ग्रामीण लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
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क्या बोले लोग
-गांधी नगर निवासी जीतू गुप्ता का कहना है कि बच्चे का आधार कार्ड सही कराने के लिए डाकघर में संपर्क किया लेकिन कार्य ठप है।
- शहर निवासी महेंद्र कुमार ने बताया कि आधार कार्ड डाकघर में नहीं बन रहा है, जबकि बैंक में जाने पर कहा गया कि मशीन खराब है। डाकघर में सुविधाओं का अभाव है।
जिले के मुख्य डाकघर को हेड ऑफिस का दर्जा प्राप्त नहीं हैं। जिससे ग्राहकों की समस्याओं के निस्तारण के हमीरपुर भेजना पड़ता है। जिसमें समय लग जाता है। स्टाफ की भी कमी हैं। जल्द ही आधार कार्ड बनना शुरू हो जाएगा।
शकील अहमद खान, पोस्टमास्टर, मुख्य डाकघर