{"_id":"62a0e7ed9657051d3c1f69ef","slug":"civic-mahoba-news-knp70134224","type":"story","status":"publish","title_hn":"लू के थपेड़ों ने गाल किए लाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लू के थपेड़ों ने गाल किए लाल
विज्ञापन
छाता लगाकर तेज धूप से बचाव करता बुजुर्ग।
- फोटो : MAHOBA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोपहर में बाहर निकलने वाले लोगों के गाल लू के थपेड़ों से लाल हो रहे हैं। उमस के चलते इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल है। अधिकतम तापमान 45.5 व न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सुबह से ही तेज धूप निकलने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिख रहा है। शाम सात बजे के बाद ही सड़कों पर चहल-पहल नजर आती है। जरूरी काम से आने-जाने वाले मुंह पर नकाब, छतरी व पूरे शरीर को सूती कपड़ों से ढककर निकल रहे हैं। हालात यह है कि पशु-पक्षी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वैज्ञानिक डॉ. मुकेशचंद्र का कहना है कि अभी कुछ दिन गर्मी इसी तरह रहेगी। एक सप्ताह बाद बारिश की संभावना है।
गर्मी व उमस में उल्टी, दस्त, बुखार के साथ पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन जिला अस्पताल में 700 से 750 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार को दिसरापुर निवासी नफीसा (68) की उमस व गर्मी के चलते हालत बिगड़ गई। बेचैनी व घबराहट की शिकायत होने पर परिजन जिला अस्पताल लाए। वहां मौत हो गई। इसी तरह छतरपुर के पठा गांव निवासी भूपत सिंह (70) की बीमारी के चलते जिला अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह से ही तेज धूप निकलने से लोग घरों में कैद होने को मजबूर है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिख रहा है। शाम सात बजे के बाद ही सड़कों पर चहल-पहल नजर आती है। जरूरी काम से आने-जाने वाले मुंह पर नकाब, छतरी व पूरे शरीर को सूती कपड़ों से ढककर निकल रहे हैं। हालात यह है कि पशु-पक्षी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वैज्ञानिक डॉ. मुकेशचंद्र का कहना है कि अभी कुछ दिन गर्मी इसी तरह रहेगी। एक सप्ताह बाद बारिश की संभावना है।
विज्ञापन
गर्मी व उमस में उल्टी, दस्त, बुखार के साथ पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन जिला अस्पताल में 700 से 750 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार को दिसरापुर निवासी नफीसा (68) की उमस व गर्मी के चलते हालत बिगड़ गई। बेचैनी व घबराहट की शिकायत होने पर परिजन जिला अस्पताल लाए। वहां मौत हो गई। इसी तरह छतरपुर के पठा गांव निवासी भूपत सिंह (70) की बीमारी के चलते जिला अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन