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कबरई बांध का निर्माण पूरा होने पर 28 हजार हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
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कबरई (महोबा)। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ शनिवार को 125 करोड़ की लागत से उच्चीकृत किए जा रहे कबरई बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सर्वेश कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि नहर निर्माण के शेष कार्य को मार्च 2021 तक हर हाल में पूरा कराकर नहर का संचालन शुरू करा दें।
कबरई बांध की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए उच्चीकरण का कार्य कराया जा रहा है। जिसमें बांध की ऊंचाई 9.23 मीटर बढ़ाई जा रही है और लंबाई 2.5 किमी से 8 किमी तक की जा रही है। बांध का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर 28 हजार हेक्टेयर नया एरिया सिंचित होगा। साथ ही कबरई क्षेत्र के आसपास के इलाके को वर्ष भर पानी उपलब्ध हो सकेगा।
लहचूरा बांध से अर्जुन सहायक नहर से चरखारी के अर्जुन और चंद्रावल बांध भरने के बाद कबरई बांध को भरा जाएगा। जिसके लिए नहर तैयार की जा रही है। 20 किमी क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण में देरी होने का कारण पूछा। जिस पर एक्सईएन अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के लिए वर्ष 2010-12 में किसानों से जमीन का बैनामा लिया गया था।
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जिसका उस समय के रेट अनुसार मुआवजा दिया जा चुका है। वर्तमान में जिले के 1300 किसान ऐसे हैं जो 2.76 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान, वार्षिकी की मांग कर रहे हैं। एक्सईएन ने बताया कि इस मामले से शासन को अवगत करा दिया गया है यदि शासन से अतिरिक्त पैसा मिलता है तो किसानों को उनकी मांग के अनुसार मुआवजा मिलेगा।
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कबरई बांध की जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए उच्चीकरण का कार्य कराया जा रहा है। जिसमें बांध की ऊंचाई 9.23 मीटर बढ़ाई जा रही है और लंबाई 2.5 किमी से 8 किमी तक की जा रही है। बांध का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर 28 हजार हेक्टेयर नया एरिया सिंचित होगा। साथ ही कबरई क्षेत्र के आसपास के इलाके को वर्ष भर पानी उपलब्ध हो सकेगा।
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लहचूरा बांध से अर्जुन सहायक नहर से चरखारी के अर्जुन और चंद्रावल बांध भरने के बाद कबरई बांध को भरा जाएगा। जिसके लिए नहर तैयार की जा रही है। 20 किमी क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण में देरी होने का कारण पूछा। जिस पर एक्सईएन अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के लिए वर्ष 2010-12 में किसानों से जमीन का बैनामा लिया गया था।
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जिसका उस समय के रेट अनुसार मुआवजा दिया जा चुका है। वर्तमान में जिले के 1300 किसान ऐसे हैं जो 2.76 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान, वार्षिकी की मांग कर रहे हैं। एक्सईएन ने बताया कि इस मामले से शासन को अवगत करा दिया गया है यदि शासन से अतिरिक्त पैसा मिलता है तो किसानों को उनकी मांग के अनुसार मुआवजा मिलेगा।