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Mahoba News: वीरभूमि महाविद्यालय की 17 हजार किताबों में लगेंगी चिप
Fri, 25 Aug 2023 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Fri, 25 Aug 2023 12:31 AM IST
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महोबा। किताबों के सुरक्षित रखरखाव को लेकर शहर के वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय में अनूठा प्रयोग होने जा रहा है। इस महाविद्यालय के पुस्तकालय में मौजूद करीब 17 हजार पुस्तकों में चिप लगाई जाएंगी। चिप को साॅफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर किताबों को खोजने में दिक्कत न हो और एक क्लिक में पुस्तकों का पता चल सके। इसको लेकर काम भी शुरू हो गया है। यदि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो सितंबर माह तक सभी किताबों में चिप लगाने का काम पूरा हो जाएगा।
महाविद्यालय में स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं में साढ़े तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पुस्तकालय में इनको अध्ययन के लिए पुस्तकें मुहैया कराई जाती हैं। कौन पुस्तक कहां रखी है और किस अलमारी में मौजूद है, इसको खोजने में कॉलेज के स्टाफ को दिक्कत होती है। इन समस्या को दूर करने के लिए महाविद्यालय के पुस्तकालय को हाईटेक तरीके से व्यवस्थित किया जा रहा है।
किताबों को एकत्रित कर उनमें चिप लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था पूरी होने के बाद छात्रों को पुस्तकालय से पुस्तकें प्राप्त करने में आसानी होगी। किताबों का रखरखाव भी सुरक्षित हो सकेगा और पुस्तकों के चोरी होने का भी डर नहीं रहेगा। पुस्तकालय में बैठकर किताबों का अध्ययन करने की भी व्यवस्था बेहतर की जा रही है। यहां फर्नीचर आदि तैयार किया जा रहा है। ताकि पुस्तकालय में किताबें पढ़ने के लिए आने वाले छात्रों को बेहतर माहौल मिल सके।
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पुस्तकालय में ऑटोमेशन (स्वचलन) का काम किया जा रहा है। पुस्तकालय से किताबों की चोरी रोकने के लिए एंटी थेप्ट स्मार्ट गेट की व्यवस्था की जा रही है। यह एक विशेष प्रकार का सिक्योरिटी सिस्टम है। जब भी कोई पुस्तकालय की किताबों को चुराने की कोशिश करेगा तो एंटी थेप्ट सिस्टम से सायरन की आवाज निकलने लगेगी। ऐसे में महाविद्यालय के पुस्तकालय में मौजूद पुस्तकों को चोरी होने से बचाया जा सकेगा।
महाविद्यालय के पुस्तकालय में मौजूद कुछ किताबों को ऑनलाइन भी किया जाएगा। ताकि ऑनलाइन तरीके से किताबों का अध्ययन करने में छात्रों को आसानी हो सके। इसको लेकर भी कवायद शुरू की गई है। महाविद्यालय के छात्र अब पुस्तकालय में ऑनलाइन तरीके से भी किताबें पढ़ सकेंगे।
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महाविद्यालय में स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं में साढ़े तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पुस्तकालय में इनको अध्ययन के लिए पुस्तकें मुहैया कराई जाती हैं। कौन पुस्तक कहां रखी है और किस अलमारी में मौजूद है, इसको खोजने में कॉलेज के स्टाफ को दिक्कत होती है। इन समस्या को दूर करने के लिए महाविद्यालय के पुस्तकालय को हाईटेक तरीके से व्यवस्थित किया जा रहा है।
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किताबों को एकत्रित कर उनमें चिप लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। नई व्यवस्था पूरी होने के बाद छात्रों को पुस्तकालय से पुस्तकें प्राप्त करने में आसानी होगी। किताबों का रखरखाव भी सुरक्षित हो सकेगा और पुस्तकों के चोरी होने का भी डर नहीं रहेगा। पुस्तकालय में बैठकर किताबों का अध्ययन करने की भी व्यवस्था बेहतर की जा रही है। यहां फर्नीचर आदि तैयार किया जा रहा है। ताकि पुस्तकालय में किताबें पढ़ने के लिए आने वाले छात्रों को बेहतर माहौल मिल सके।
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पुस्तकालय में ऑटोमेशन (स्वचलन) का काम किया जा रहा है। पुस्तकालय से किताबों की चोरी रोकने के लिए एंटी थेप्ट स्मार्ट गेट की व्यवस्था की जा रही है। यह एक विशेष प्रकार का सिक्योरिटी सिस्टम है। जब भी कोई पुस्तकालय की किताबों को चुराने की कोशिश करेगा तो एंटी थेप्ट सिस्टम से सायरन की आवाज निकलने लगेगी। ऐसे में महाविद्यालय के पुस्तकालय में मौजूद पुस्तकों को चोरी होने से बचाया जा सकेगा।
महाविद्यालय के पुस्तकालय में मौजूद कुछ किताबों को ऑनलाइन भी किया जाएगा। ताकि ऑनलाइन तरीके से किताबों का अध्ययन करने में छात्रों को आसानी हो सके। इसको लेकर भी कवायद शुरू की गई है। महाविद्यालय के छात्र अब पुस्तकालय में ऑनलाइन तरीके से भी किताबें पढ़ सकेंगे।