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Mahoba News: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में हटाए गए सीएचसी अधीक्षक
Mon, 26 May 2025 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 26 May 2025 12:01 AM IST
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महोबा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर में फर्जी तरीके से जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के मामले मेंं सीएचसी अधीक्षक को हटा दिया गया है। साथ ही प्रमाण पत्र जारी करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर का पटल भी बदला गया है।
कस्बा अजनर निवासी लव राजपूत के बच्चे का जन्म माह मार्च में जनपद झांसी के एक निजी अस्पताल में हुआ था। उसने सांठगांठ कर सीएचसी जैतपुर से अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया था। प्रमाण पत्र के एवज में सुविधा शुल्क लेने पर लव राजपूत ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी।
डीएम गजल भारद्वाज ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। सीएमओ डॉ. आशाराम ने जांच के बाद डीएम को भेजे पत्र में बताया कि बच्चे का जन्म सीएचसी में नहीं हुआ।
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कंप्यूटर ऑपरेटर हरीओम नामदेव ने बिना परीक्षण के जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इस पर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. आशीष तिवारी को चिकित्सा अधीक्षक पद से हटा दिया गया है जबकि हरीओम नामदेव को जन्म-मृत्यु पटल से अलग करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई है।
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कस्बा अजनर निवासी लव राजपूत के बच्चे का जन्म माह मार्च में जनपद झांसी के एक निजी अस्पताल में हुआ था। उसने सांठगांठ कर सीएचसी जैतपुर से अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया था। प्रमाण पत्र के एवज में सुविधा शुल्क लेने पर लव राजपूत ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी।
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डीएम गजल भारद्वाज ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। सीएमओ डॉ. आशाराम ने जांच के बाद डीएम को भेजे पत्र में बताया कि बच्चे का जन्म सीएचसी में नहीं हुआ।
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कंप्यूटर ऑपरेटर हरीओम नामदेव ने बिना परीक्षण के जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इस पर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. आशीष तिवारी को चिकित्सा अधीक्षक पद से हटा दिया गया है जबकि हरीओम नामदेव को जन्म-मृत्यु पटल से अलग करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई है।