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‘कुष्ठ के खिलाफ, आखिरी युद्ध’ थीम पर चला अभियान
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महोबा। शहर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में चल रहे स्पर्श कुष्ठ जागरूकता पखवाड़े का गुरुवार को समापन हो गया। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर 30 जनवरी 2020 को इसकी शुरुआत हुई थी। इस वर्ष यह अभियान ‘कुष्ठ के खिलाफ, आखिरी युद्ध’ की थीम पर चलाया गया।
जिला कुष्ठ सलाहकार डॉ. आशीष पटैरिया ने बताया कि अपनी या दूसरों की त्वचा पर दाग या सुन्न निशान हो तो इसकी अनदेखी न करें। नजदीकी अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं। उन्होंने कहा कि इसे छिपाने या टालने से आप कुष्ठ रोगी बन सकते हैं। थोड़ी सी जागरुकता इस रोग से मुक्ति दिला सकती है। यह रोग हमारे शरीर के तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। उपचार न कराने, उपचार में देरी करने या आधा-अधूरा उपचार कराने पर अंगों में विकृति ला देता है। कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है और कुष्ठ रोग का पूर्णत: उपचार संभव है। कुष्ठ रोगियों को स्पर्श करने से कुष्ठ रोग नहीं होता है। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें, उनके साथ समान व्यवहार और बर्ताव करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने बताया कि पखवाड़े में स्कूलों, मदरसों, इंटर कॉलेज, आईटीआई, पालीटेक्निक सहित ग्राम सभाओं, नगरीय व ब्लाकों में गोष्ठियां आयोजित की गईं। पखवाड़े में खेलकूद, निबंध, पेंटिंग इत्यादि प्रतियोगिताएं भी कराई गई साथ ही ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के खिलाफ शपथ दिलाई। आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों जागरुक किया और उनकी जांच की। बताया कि कुष्ठ रोग से विकलांग होने पर 2,500 रुपए मासिक पेंशन का भी प्रावधान है। इस मौके पर गिरिराज कश्यप, मोहम्मद अंसार व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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दो प्रकार से हो रहा कुष्ठ का इलाज
वर्तमान में दो तरह से कुष्ठ रोग का इलाज हो रहा है। पॉसी-बैसीलरी कुष्ठरोग (त्वचा पर 1-5 घाव का होना) का उपचार 6 माह तक राइफैम्पिसिन और डैप्सोन से किया जाता है। मल्टी-बैसीलरी कुष्ठरोग (त्वचा पर 5 से ज्यादा घाव का होना) का उपचार 12 माह तक राइफैम्पिसिन, क्लॉफैजिमाइन और डैप्सोन से किया जाता है। जिले में 47 कुष्ठ रोगी हैं।
इलाज में देरी से आ सकती है विकलांगता
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी ने बताया कि इस रोग के संक्रमण का कारण बैक्टीरिया माईकोबैक्टीरियम लेप्री है। यह संक्रमण रोगी की त्वचा को प्रभावित करता है तथा रोगी की तंत्रिकाओं को क्षति पहुंचाता है। यह रोग आंख और नाक में समस्याएं पैदा कर सकता है। कुष्ठ रोग से डरें नहीं, कुष्ठ रोगियों के साथ सामान्य रोगियों की तरह व्यव्हार करें। कुष्ठ रोग का उपचार संभव है, लेकिन इलाज में देरी होने से विकलांगता हो सकती है।
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जिला कुष्ठ सलाहकार डॉ. आशीष पटैरिया ने बताया कि अपनी या दूसरों की त्वचा पर दाग या सुन्न निशान हो तो इसकी अनदेखी न करें। नजदीकी अस्पताल पहुंचकर जांच कराएं। उन्होंने कहा कि इसे छिपाने या टालने से आप कुष्ठ रोगी बन सकते हैं। थोड़ी सी जागरुकता इस रोग से मुक्ति दिला सकती है। यह रोग हमारे शरीर के तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। उपचार न कराने, उपचार में देरी करने या आधा-अधूरा उपचार कराने पर अंगों में विकृति ला देता है। कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है और कुष्ठ रोग का पूर्णत: उपचार संभव है। कुष्ठ रोगियों को स्पर्श करने से कुष्ठ रोग नहीं होता है। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें, उनके साथ समान व्यवहार और बर्ताव करें।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन ने बताया कि पखवाड़े में स्कूलों, मदरसों, इंटर कॉलेज, आईटीआई, पालीटेक्निक सहित ग्राम सभाओं, नगरीय व ब्लाकों में गोष्ठियां आयोजित की गईं। पखवाड़े में खेलकूद, निबंध, पेंटिंग इत्यादि प्रतियोगिताएं भी कराई गई साथ ही ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के खिलाफ शपथ दिलाई। आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर लोगों जागरुक किया और उनकी जांच की। बताया कि कुष्ठ रोग से विकलांग होने पर 2,500 रुपए मासिक पेंशन का भी प्रावधान है। इस मौके पर गिरिराज कश्यप, मोहम्मद अंसार व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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दो प्रकार से हो रहा कुष्ठ का इलाज
वर्तमान में दो तरह से कुष्ठ रोग का इलाज हो रहा है। पॉसी-बैसीलरी कुष्ठरोग (त्वचा पर 1-5 घाव का होना) का उपचार 6 माह तक राइफैम्पिसिन और डैप्सोन से किया जाता है। मल्टी-बैसीलरी कुष्ठरोग (त्वचा पर 5 से ज्यादा घाव का होना) का उपचार 12 माह तक राइफैम्पिसिन, क्लॉफैजिमाइन और डैप्सोन से किया जाता है। जिले में 47 कुष्ठ रोगी हैं।
इलाज में देरी से आ सकती है विकलांगता
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी ने बताया कि इस रोग के संक्रमण का कारण बैक्टीरिया माईकोबैक्टीरियम लेप्री है। यह संक्रमण रोगी की त्वचा को प्रभावित करता है तथा रोगी की तंत्रिकाओं को क्षति पहुंचाता है। यह रोग आंख और नाक में समस्याएं पैदा कर सकता है। कुष्ठ रोग से डरें नहीं, कुष्ठ रोगियों के साथ सामान्य रोगियों की तरह व्यव्हार करें। कुष्ठ रोग का उपचार संभव है, लेकिन इलाज में देरी होने से विकलांगता हो सकती है।