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स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें महिलाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
Updated Thu, 05 Feb 2015 11:13 PM IST
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सहायक कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र चंद्र मिश्रा ने
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कहा कि छह माह तक के बच्चों को स्तनपान कराना बेहद आवश्यक है। स्तनपान से
जहां बच्चा स्वस्थ होता है वहीं उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि
होती है।
सहायक कार्यक्रम अधिकारी गुरुवार को ग्राम डढ़हत माफ के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित चुप्पी तोड़ो कार्यशाला के अवसर पर बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि पहला स्तनपान जरूर कराना चाहिए।
यह सबसे लाभकारी होता है। छह महीने तक स्तनपान कराने के बाद सातवें महीने से ऊपरी आहार देना शुरू कर देना चाहिए, जिससे बच्चे को पोषक तत्व प्राप्त होते रहें और उसे कुपोषण से बचाया जा सके।
सेनेटरी नैपकिन उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रबंध निदेशक अनिल सिंह सेंगर ने कहा कि महिलाआें और किशोरियाें को अब चुप्पी तोड़नी होगी और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना होगा। उन्हाेंने कहा कि महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करें, जिससे बीमारियों से बचाव किया जा सके।
इस दौरान 215 सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। साथ ही आयोडीन नमक और सोयाबीन बरी के पैकेट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम संपन्न कराने में सहयोगी सेवा संस्थान की निदेशक नेहा चंसौरिया ने भी सहयोग किया। इस मौके पर तमाम आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, महिलाएं व किशोरियां मौजूद रहीं।
सहायक कार्यक्रम अधिकारी गुरुवार को ग्राम डढ़हत माफ के आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित चुप्पी तोड़ो कार्यशाला के अवसर पर बोल रहे थे। उन्हाेंने कहा कि पहला स्तनपान जरूर कराना चाहिए।
यह सबसे लाभकारी होता है। छह महीने तक स्तनपान कराने के बाद सातवें महीने से ऊपरी आहार देना शुरू कर देना चाहिए, जिससे बच्चे को पोषक तत्व प्राप्त होते रहें और उसे कुपोषण से बचाया जा सके।
सेनेटरी नैपकिन उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रबंध निदेशक अनिल सिंह सेंगर ने कहा कि महिलाआें और किशोरियाें को अब चुप्पी तोड़नी होगी और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना होगा। उन्हाेंने कहा कि महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करें, जिससे बीमारियों से बचाव किया जा सके।
इस दौरान 215 सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया। साथ ही आयोडीन नमक और सोयाबीन बरी के पैकेट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम संपन्न कराने में सहयोगी सेवा संस्थान की निदेशक नेहा चंसौरिया ने भी सहयोग किया। इस मौके पर तमाम आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, महिलाएं व किशोरियां मौजूद रहीं।