फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   Became a true companion of teenagers

किशोर-किशोरियों का सच्चा साथी बना साथिया केंद्र

Mon, 08 Nov 2021 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 10:39 PM IST
विज्ञापन
Became a true companion of teenagers
महोबा। माहवारी किशोरावस्था में शुरू होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन आज भी इस मुद्दे पर बात करने में झिझक होती है। जिला अस्पताल में संचालित ‘साथिया केंद्र’ में 10 से 19 साल के किशोर-किशोरियों की पोषण, हिंसा, लिंग आधारित हिंसा से जुड़े मामलों पर काउंसिलिग की जाती है। उनकी झिझक दूर कर स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों को दूर किया जाता है।
विज्ञापन

शहर के नैकानापुरा की रहने वाली 14 वर्षीया आरती (काल्पनिक नाम) को मासिक धर्म के समय काफी परेशानी होती थी। इस पर वह घर में भी खुलकर बात करने में संकोच कर रही थी। साथिया केंद्र में इस पर उससे खुलकर बात की गई। उसने भी बेझिझक सारी बातें काउंसलर को बताईं। काउंसलर ने उसे ट्रीटमेंट की सलाह दी। कुछ समय इलाज के बाद अब वह पूरी तरह से सामान्य स्थिति में है।
विज्ञापन

इसी तरह शहर के गांधी नगर के रहने वाले 17 वर्षीय सौरभ (काल्पनिक) इंटरमीडिएट के छात्र हैं, रात में अक्सर उसे स्वप्न दोष होने लगा था। इससे शरीर में कमजोरी भी महसूस हो रही थी। घर वालों को यह बात बताने में शर्म लग रही थी। उसके एक दोस्त ने साथिया केंद्र के बारे में बताया। वहां काउंसलर को बताने में शर्म और झिझक लग रही थी, लेकिन देर तक काउंसलर से बात करने के बाद उसने सहज होकर अपनी समस्या बताई। काउंसलर की सलाह और कुछ एहतियात के बाद अब वह ठीक महसूस कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरकेएसके इन मुद्दों पर कर रहा काम
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के डीईआईसी मैनेजर डा. अंबुज गुप्ता का कहना है कि कार्यक्रम के तहत छह रणनीतिक प्राथमिकता वाले क्षेत्र पोषण, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य (एसआरएच), गैर-संचारी रोग (एनसीडी), पदार्थ का दुरुपयोग, चोट और हिंसा (लिंग आधारित हिंसा सहित) और मानसिक स्वास्थ्य पर किशोर किशोरियों को काउंसिलिंग व उपचार की सुविधा दी जाती है द्य इसी के साथ इस कार्यक्रम में सरकार द्वारा समुदाय आधारित सेवाओं में किशोर स्वास्थ्य दिवस, साप्ताहिक आयरन और फोलिक एसिड अनुपूरक कार्यक्रम और मासिक धर्म स्वच्छता योजना शामिल हैं। जिला पुरु अस्पताल में संचालित साथिया केंद्र के काउंसलर राहुल चौरसिया वहीं महिला अस्पताल में तैनात रजनी चौरसिया ने काउंसलिंग कर उन्हें उचित परामर्श व इलाज मुहैया कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed