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प्राईवेट विद्यालय बच्चों की जिंदगी से कर रहे खिलवाड़
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महोबा। जिले में जारी ज्यादातर मांटेसरी स्कूल बच्चों की जिदंगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। कई विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की कोई व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं, तमाम विद्यालयों में रखे अग्निशमन यंत्रों की तिथि तक निकल गई हैं। वे शोपीस बन गए हैं।
गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इमारतों को भूकंपरोधी बनाया गया है, जबकि बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त 90 फीसदी विद्यालयों की इमारतें भूकंपरोधी नहीं बनाई गई हैं। कुछ विद्यालयों में तो पक्की छत न होने पर टीन डालकर छात्रों के बैठने का इंतजाम कर दिया गया, इतना ही नहीं ज्यादातर प्राइवेट विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र भी नहीं हैं। इससे आग लगने पर बच्चों को बचाना मुश्किल है। अग्निशमन विभाग द्वारा आदेश देने के बाद भी ज्यादातर विद्यालयों और कोचिंग सेंटरों ने अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं की। बावजूद इसके विद्यालय प्रबंधन इससे बेखबर है और धड़ल्ले से मानक के विपरीत विद्यालयों व कोचिंग सेंटरों का संचालन हो रहा है।
प्राइवेट विद्यालयों में नहीं हैं अग्निशमन यंत्र
सुरक्षा की दृष्टि से जिले के परिषदीय विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था करा दी गई है। इससे अग्निकांड की घटनाओं को अग्निशमन यंत्र के जरिए काबू करके बच्चों को सुरक्षित किया जा सके, जबकि परिषदीय विद्यालयों से शहरीय क्षेत्रों में दस गुना से अधिक संचालित प्राइवेट विद्यालयों में एकाध को छोड़कर किसी भी विद्यालय में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं है।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था करने के पूर्व में ही निर्देश दिए गए थे। विद्यालयों का निरीक्षण कराकर बच्चों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और मानक के अनुरूप विद्यालयों का संचालन न पाए जाने पर विद्यालय प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महेश प्रताप सिंह
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
महोबा
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गौरतलब है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इमारतों को भूकंपरोधी बनाया गया है, जबकि बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त 90 फीसदी विद्यालयों की इमारतें भूकंपरोधी नहीं बनाई गई हैं। कुछ विद्यालयों में तो पक्की छत न होने पर टीन डालकर छात्रों के बैठने का इंतजाम कर दिया गया, इतना ही नहीं ज्यादातर प्राइवेट विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र भी नहीं हैं। इससे आग लगने पर बच्चों को बचाना मुश्किल है। अग्निशमन विभाग द्वारा आदेश देने के बाद भी ज्यादातर विद्यालयों और कोचिंग सेंटरों ने अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं की। बावजूद इसके विद्यालय प्रबंधन इससे बेखबर है और धड़ल्ले से मानक के विपरीत विद्यालयों व कोचिंग सेंटरों का संचालन हो रहा है।
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प्राइवेट विद्यालयों में नहीं हैं अग्निशमन यंत्र
सुरक्षा की दृष्टि से जिले के परिषदीय विद्यालयों में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था करा दी गई है। इससे अग्निकांड की घटनाओं को अग्निशमन यंत्र के जरिए काबू करके बच्चों को सुरक्षित किया जा सके, जबकि परिषदीय विद्यालयों से शहरीय क्षेत्रों में दस गुना से अधिक संचालित प्राइवेट विद्यालयों में एकाध को छोड़कर किसी भी विद्यालय में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं है।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था करने के पूर्व में ही निर्देश दिए गए थे। विद्यालयों का निरीक्षण कराकर बच्चों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और मानक के अनुरूप विद्यालयों का संचालन न पाए जाने पर विद्यालय प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महेश प्रताप सिंह
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
महोबा