{"_id":"0ac89bae436b2fae5dbabdbf6a27cd97","slug":"asking-for-a-commission-on-rural-raging-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" कमीशन मांगने पर भड़के ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमीशन मांगने पर भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
Updated Mon, 29 Feb 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्योढ़ी गांव स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में केसीसी में कमीशन मांगे जाने, दलालों के बिना काम न होने और किसानों की राहत राशि का पैसा एक-एक माह तक न फीड किए जाने से नाराज नव युवक कमेटी के पदाधिकारियाें ने गांव वालों के साथ मिलकर बैंक के गेट पर सोमवार को नारेबाजी और प्रर्दशन किया। गांव वालों ने समय से भुगतान कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नव युवक कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और कोषाध्यक्ष अशोक सिंह ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत सुविधाएं न दिए जाने, ग्रामीणों का किसी योजना के तहत जीरो बैलेंस पर खाता न खोलने, खाता धारकों से बैंक में अभद्रता किए जाने, किसानों का समय से पैसा खातों में ने डाले जाने और हर सुविधा के लिए कमीशन की डिमांड का आरोप लगाया।
गांव वालों ने समय से फसल मुआवजा की राहत राशि का पैसा समय से भेजे जाने की मांग की। गांव वालों ने आरोप लगाया कि जब वे राहत राशि की जानकारी करने आते हैं तो उन्हें बिना जानकारी दिए बैंक के कर्मचारी भगा देते हैं। उनके खाते में पैसा आया कि नहीं इसकी भी जानकारी नहीं देते हैं।
विज्ञापन
जिससे किसान बैंकों और तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस मौके पर बच्चा सिंह, सुमित सिंह, जीतू सिंह, टिंकू दुबे सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। बैंक प्रबंधक राकेश वर्मा ने कुछ भी कहने से इनकार किया।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान नव युवक कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और कोषाध्यक्ष अशोक सिंह ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत सुविधाएं न दिए जाने, ग्रामीणों का किसी योजना के तहत जीरो बैलेंस पर खाता न खोलने, खाता धारकों से बैंक में अभद्रता किए जाने, किसानों का समय से पैसा खातों में ने डाले जाने और हर सुविधा के लिए कमीशन की डिमांड का आरोप लगाया।
विज्ञापन
गांव वालों ने समय से फसल मुआवजा की राहत राशि का पैसा समय से भेजे जाने की मांग की। गांव वालों ने आरोप लगाया कि जब वे राहत राशि की जानकारी करने आते हैं तो उन्हें बिना जानकारी दिए बैंक के कर्मचारी भगा देते हैं। उनके खाते में पैसा आया कि नहीं इसकी भी जानकारी नहीं देते हैं।
विज्ञापन
जिससे किसान बैंकों और तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस मौके पर बच्चा सिंह, सुमित सिंह, जीतू सिंह, टिंकू दुबे सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। बैंक प्रबंधक राकेश वर्मा ने कुछ भी कहने से इनकार किया।