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जिंदा महिला को बताया मृत: पीएम के लिए पहुंचते ही हिला शरीर, दोबारा अस्पताल ले गए तो तोड़ा दम
Sat, 26 Feb 2022 10:22 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 26 Feb 2022 10:22 PM IST
सार
मृत महिला के पति नृपत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में उसके शरीर में हलचल दिखी तो नब्ज टटोली। वह जिंदा थी। नब्ज-धड़कन चल रही थी। पति नृपत ने बताया कि इस तरह किसी को जिंदा से मुर्दा बता देना घोर लापरवाही है, ऐसा करने वाले डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मृत महिला के दो बच्चे हैं।
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मृत महिला
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सड़क दुर्घटना में घायल एक महिला के इलाज में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने लापरवाही की हद पर कर दी। जहां जिंदा महिला को मुर्दा बताकर मृत्यु प्रमाणपत्र तक जारी कर दिया। इसके बाद पीएम के लिए शव ले गए तो उसका शरीर हिलने लगा परिजनों ने हंगामा किया और उसे दोबारा अस्पताल ले गए । ट्रामा सेंटर में महिला ने शनिवार को 11 बजे दम तोड दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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महोब कंठ थाना क्षेत्र के उमरई गांव निवासी नृपत की पत्नी जामवंती (31) 24 फरवरी को पति के साथ बाइक पर बहन के घर जा रही थी। रास्ते में तेली पहाड़ी के पास बाइक दुर्घटना हुई, जिसमें वह घायल हो गई। परिजन महिला को हरपालपुर ले गए। जहां से महिला झांसी रेफर हो गई। महिला के सिर पर गंभीर चोट होने से ग्वालियर रेफर कर दिया गया। शुक्रवार को ट्रामा सेंटर के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित करते हुए डेथ सार्टीफिकेट जारी कर दिया। परिजन सार्टीफिकेट और बॉडी लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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जामवंती के पति नृपत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में उसके शरीर में हलचल दिखी तो नब्ज टटोली। वह जिंदा थी। नब्ज-धड़कन चल रही थी। पति नृपत ने बताया कि इस तरह किसी को जिंदा से मुर्दा बता देना घोर लापरवाही है, ऐसा करने वाले डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मृत महिला के दो बच्चे हैं।
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