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‘बुंदेलखंड के किसानों का कृषि ऋण माफ करें’
ब्यूरो/ अमर उजाला, महोबा
Updated Wed, 23 Sep 2015 12:11 AM IST
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ग्यारह सूत्री मांगों को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन ने मंगलवार को तहसील में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। बुंदेलखंड क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड के सभी जिले के किसानों का संपूर्ण कृषि ऋण माफ किया जाना चाहिए। प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये मुआवजा देने की भी मांग की।
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उन्हाेंने कहा कि कई सालों से सूखा, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो रहीं हैं, इससे किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहा है। राज्य सरकार किसानों के मुआवजे के नाम पर आंसू पोंछ रही है। केंद्र सरकार ने एक धेला नहीं भेजा है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रवण कुमार ने कहा किसान पेट नहीं भर पा रहा है। फैक्ट्री और क्रेशरों में बिजली दी जा रही है। प्रदेश सचिव अवधेश ने कहा कि पांच साल की खनिज की आय किसानों के हित में लगा दी जाए तो वह खुशहाल हो जाएगा। किसानों को राशन कार्ड की तरह कृषि राहत कार्ड जारी करने और डीजल, खाद और बीज पर 75 प्रतिशत की छूट देने की मांग की।
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मौके पर संगठन प्रभारी लक्ष्मीकांत, मंडल अध्यक्ष भैयालाल पटेल, जिलाध्यक्ष रामस्वरूप यादव, मुन्ना चंसौरिया, मकुंदी यादव, रमेश राजपूत, गुलाबचंद्र शर्मा ने विचार व्यक्त किए। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में किसानों को 5000 रुपये प्रति माह पेंशन देने, बिजली विभाग की धांधली रोकने, किसानों का कृषि ऋण माफ करने, दलहनी, तिलहनी, धान, गेहूं की फसलों समर्थन मूल्य कृषि लागत के हिसाब से दिलाने की मांग की है।
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