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आग से वृद्ध जिंदा जला डेढ़ लाख की संपत्ति राख
Mahoba
Updated Tue, 03 Jul 2012 12:00 PM IST
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कबरई (महोबा)। थाना क्षेत्र के ग्राम मकरबई में रविवार की रात घर में आग लगने से पूरा मकान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आकर गृहस्वामी की भी जलकर मौत हो गई। चीखने चिल्लाने के बाद भी अंदर से कुंडी बंद होने के कारण कोई भी वृद्ध को बचा नहीं सका। ग्रामीणों की एक घंटे क ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक डेढ़ लाख की सम्पत्ति जलकर राख हो चुकी थी।
ग्राम मकरबई निवासी गोपाल सिंह (75) ने रविवार की रात मच्छर भगाने के लिए चारपाई के पास कंडे जलाकर धुआं किया और सो गया। वृद्ध के सो जाने के बाद रात के करीब 12 बजे कंडों ने आग पकड़ ली। आग की लपटों ने वृद्ध की चारपाई को भी चपेट में ले लिया और वह भी आग की लपटों में घिर गया। उसके चीखने चिल्लाने के बाद भी अंदर से कुंडी लगी होने के कारण कोई भी उसे बचा नहीं सका। बाद में ग्रामीणों ने छप्पर तोड़कर अंदर प्रवेश किया लेकिन तब तक वृद्ध की जलकर मौत हो चुकी थी। आग लगने की खबर गांव में फैलते ही भारी संख्या में लोग रात में ही एकत्र हो गए और आग बुझाने में जुट गए। महिलाओं ने भी घरों से पानी लाकर दिया। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। गृहस्वामी गोपाल सिंह की पत्नी पार्वती (70) और पौत्री रागिनी (16) घर के बाहर आंगन में सो रही थी। चीख पुकार सुनकर पडोसी एकत्र हो गए। आग की घटना की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी सदर विंध्यवासिनी राय और सीओ अशोक कुमार मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को अग्निकांड में हुई क्षति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
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ग्राम मकरबई निवासी गोपाल सिंह (75) ने रविवार की रात मच्छर भगाने के लिए चारपाई के पास कंडे जलाकर धुआं किया और सो गया। वृद्ध के सो जाने के बाद रात के करीब 12 बजे कंडों ने आग पकड़ ली। आग की लपटों ने वृद्ध की चारपाई को भी चपेट में ले लिया और वह भी आग की लपटों में घिर गया। उसके चीखने चिल्लाने के बाद भी अंदर से कुंडी लगी होने के कारण कोई भी उसे बचा नहीं सका। बाद में ग्रामीणों ने छप्पर तोड़कर अंदर प्रवेश किया लेकिन तब तक वृद्ध की जलकर मौत हो चुकी थी। आग लगने की खबर गांव में फैलते ही भारी संख्या में लोग रात में ही एकत्र हो गए और आग बुझाने में जुट गए। महिलाओं ने भी घरों से पानी लाकर दिया। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। गृहस्वामी गोपाल सिंह की पत्नी पार्वती (70) और पौत्री रागिनी (16) घर के बाहर आंगन में सो रही थी। चीख पुकार सुनकर पडोसी एकत्र हो गए। आग की घटना की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी सदर विंध्यवासिनी राय और सीओ अशोक कुमार मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को अग्निकांड में हुई क्षति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
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