छात्रा के साथ दुराचार मामले में मानवाधिकार आयोग गंभीर

Mahoba Updated Sat, 19 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
लखनऊ। उन्नाव में राज्य सरकार द्वारा संचालित बालिका विद्यालय के एक अध्यापक द्वारा कक्षा छह की छात्रा के साथ जबरन दुराचार कर उसे गर्भवती बनाने के मामले को राज्य मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में गर्भवती होने पर छात्रा की विद्यालय में रसोइए का काम करने वाली महिला द्वारा गर्भपात की दवा खिला दी गई जिससे उसका दशा बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए चिकित्सा विश्वविद्यालय में दाखिल कराना पड़ा। आयोग ने इस घटना पर दुख जताते हुए राज्य सरकार से पीड़ित छात्रा के परिवार के लोगों को 25 हजार रुपए का हर्जाना देने के निर्देश दिए हैं और चिकित्सा विश्वविद्यालय से निशुल्क इलाज करने को कहा है।
विज्ञापन

आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति विष्णु सहाय ने इस मामले को स्वत: संज्ञान लिए जाने योग्य करार देते हुए प्रमुख सचिव गृह को निर्देश दिए कि बतौर हर्जाना राशि 25 हजार रुपए सात जून तक अशय दे दिए जाएं। इस मामले में स्कूल के अध्यापक हरि नारायण व रसोइए अनुराधा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आयोग ने कहा है कि जिले के कप्तान अपनी सीधी निगरानी में जांच कराएं।
इस मामले में पीड़िता छात्रा जब गर्भवती हुई तो रसोईया अनुराधा ने उसे गर्भपात करने की जो दवा खिलाई, उससे उसे अत्यधिक रक्त स्राव हुआ। छात्रा की दशा बिगड़ने पर उसके परिवार के लोग उसे लखनऊ में चिकित्सा विश्वविद्यालय ले आय। यहां बालिका की दशा गंभीर बताई जा रही है।
आयोग ने इस पूरे मामले को शर्मनाक ठहराते हुए कहा है कि अध्यापक की भूमिका विद्यालय में घर के बड़े सदस्य या पिता समान होती है। ऊपर से सरकारी कर्मचारी होने के बाद भी इस तरह का कृत्य किया जाना निहायत शर्मनाक है। आयोग ने डीजीपी और उन्नाव के एसपी को नोटिस देकर कहा है कि इस मामले में दर्ज मुकदमे की तफ्तीश पूरी गंभीरता से कर, दोषियों को सजा दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
कोर्ट में पेशी से पहले रेप के आरोपियों को पीटा
उन्नाव। कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा के साथ रेप करने वाले शिक्षक की अधिवक्ताओं ने जमकर पिटाई की। जबकि सहयोग करने वाली रसोइया को महिला अधिवक्ताओं ने पीटने के साथ ही चप्पलों की माला पहनाकर जेल के लिए रवाना किया। उन्हें भारी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश करने के लिए लाया गया था। इस दौरान अधिवक्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। घटना को लेकर अधिवक्ताओं में खासा आक्रोश था और वह सुबह से ही आरोपियों को न्यायालय लाए जाने का इंतजार कर रहे थे। फतेहपुर चौरासी स्थित कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा के साथ रेप के मामले में गिरफ्तार पार्ट टाइम टीचर व रसोइया भारी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को अदालत लाए गए। चालान आने की जानकारी मिलने के बाद से ही न्यायिक कार्य से विरत होने के बाद भी अधिवक्ताओं ने सबक सिखाने की योजना बनाई थी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस सतर्क हो गई। न्यायालय में पीएसी और भारी पुलिस बल की व्यवस्था होने के बाद दोनों को न्यायालय लाया गया। भारी सुरक्षा के बीच न्यायालय लाते समय गेट के पास जैसे ही आरोपी हरनारायन को पुलिस जीप से उतारा गया अधिवक्ताओं ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं से आरोपी का बचाव करने का प्रयास कर रही पुलिस की तीखी झड़प हुई। घटनाक्रम को लेकर महिला अधिवक्ता भी आक्रोशित थीं। उन्होंने पुलिस जीप में चढ़कर रसोइया अनुराधा को पीटने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ महिला अधिवक्ताओं ने उसे चप्पलों की माला पहना दी। घंटों कचहरी परिसर में हंगामा होता रहा। इसको लेकर अफरातफरी का माहौल रहा। काफी मशक्कत के बाद पसीना-पसीना हुई पुलिस आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सकी। इस दौरान दीपक मिश्रा, रतींद्र, सतीश त्रिवेदी, दिनेश, ज्ञान प्रकाश सिंह, उमेश यादव, हृदय प्रकाश श्रीवास्तव, दीपक यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us