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उपभोक्ता हित में प्रशासन ने चाबुक उठाई
Mahoba
Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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राशन दुकान बंद मिलने पर कार्रवाई का आदेश
ज्वाइंट मजिस्टेट ने किया औचक निरीक्षण
महोबा। राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले कोटेदाराें की अब खैर नहीं है। कारण, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतेश कुमार ने राशन वितरण में धांधली रोकने के लिए औचक निरीक्षण शुरू कर दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के औचक निरीक्षण से कोटेदाराें में हड़कंप है। वहीं तमाम राशन कार्डधारकाें ने राशन न मिलने, दुकान बंद रहने जैसी शिकायतें की। उन्होंने निरीक्षण दौरान राशन की दुकान बंद पाए जाने पर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार ने रविवार को सरकारी राशन की दुकानाें का औचक निरीक्षण किया। गांधीनगर नरसिंह कुटी स्थित रामश्री की राशन दुकान में उन्होंने राशन कार्डों की जांच पड़ताल की। साथ ही उपभोक्ताआें से पूछताछ की। निरीक्षण दौरान मोहल्ला नयापुरा नैकाना निवासी दुर्गिया पत्नी गिरधारीलाल ने बताया कि उसका राशन कार्ड खो गया है। कई बार अधिकारियाें से फरियाद करने के बाद भी उसका नया राशन कार्ड नहीं बनाया गया। केवल राशन कार्ड की फोटोकापी के आधार पर वह राशन ले रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्हाेंने दुर्गिया का नया राशन कार्ड बनवाए जाने के निर्देश दिए। दुर्गिया ने बांट में गड़बड़ी कर राशन कम तौलने की शिकायत भी की। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कोटेदार रामदेवी की दुकान के बांट चेक करने के आदेश दिए। साथ ही गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। निरीक्षण दौरान कोटेदार कमला देवी की दुकान बंद पाई गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताते हुए कोटेदार और पर्यवेक्षक एमपी वैश्य के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं उन्हाेंने कोटेदाराें को फर्जी बीपीएल कार्ड धारकाें को राशन न देने और उनकी रिपोर्ट देने की बात कही। निरीक्षण दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतेश कुमार ने एक महिला उपभोक्ता से राशन के मूल्य के बाबत पूछा। लेकिन महिला हर माह राशन लेने के बावजूद कितना मूल्य अदा करती है, इसकी जानकारी नहीं दे सकी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि उपभोक्ताआें में जागरूकता की कमी के चलते कोटेदार उसका गलत फायदा उठाते हैं।
गैस एजेंसी निरस्त करने को लिखापढ़ी
dlअमर उजाला ब्यूरो
महोबा। चरखारी में घरेलू गैस की किल्लत कम नहीं हो रही है। उपभोक्ता गैस के लिए दिनभर परेशान हो रहे हैं। गैस एजेंसियाें के मनमाने नियमाें के चलते समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उधर ब्लैक पर सिलेंडर सरेआम मिल रहा है। उपभोक्ताआें की समस्या पर प्रशासन भी गौर नहीं कर रहा है। उधर एसडीएम का कहना है कि गैस का वितरण करने में नाकाम हो रहे गैस संचालक के विरुद्ध एजेंसी निरस्त करने के लिए लिखा गया है।
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घरेलू गैस एजेंसी चरखारी की लापरवाही के चलते उपभोक्ता गैस के लिए चार-चार माह से चक्कर काट रहे हैं। समय पर गैस न मिलने से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। गैस एजेंसी में गैस वितरण के अपने नियम कानून निराले हैं। गैस की डिलेवरी के 25 दिन बाद गैस की बुकिंग होती है। जबकि ब्लैक से घरेलू गैस की बिक्री हो रही है। एजेंसी में गैस न मिलने के कारण उपभोक्ता 600 रुपए से अधिक में गैस सिलेंडर लेकर गुजारा करने को मजबूर हैं। तीन दिन पहले गैस की समस्या को देखते हुए एजेंसी मालिक गोदाम और शो रूम में ताला डालकर गायब हो गया। सैकड़ाें उपभोक्ताआें ने गोदाम में हंगामा काटने के बाद तहसील पहुंचकर गैस वितरक की मनमानी उप जिलाधिकारी को बताई। उप जिलाधिकारी पीके जैन ने बताया कि गैस की किल्लत का मामला उपभोक्ताआें ने दर्ज कराया था। जिस पर शिकंजा कसा जा रहा है। हमेशा गैस वितरण में लापरवाही करने वाले एजेंसी संचालक के विरुद्ध एजेंसी निरस्त करने के लिए लिखा गया है।
मिड डे मील का रजिस्टर अधूरा पाए जाने पर सीडीओ ने दिए निर्देश
महोबा। मिडडे मील में अब गड़बड़ी नहीं होगी। साथ ही कितना मिड डे मील बना, कितने बच्चाें ने भोजन किया, गुणवत्ता कैसी रही, इसका पूरा लेखाजोखा रजिस्टर में अंकित करना होगा। यह कालम अधिकांश विद्यालयाें में पूरा न पाए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के अंदर रजिस्टर के पृष्ठ दाएं पर दिए गए इन कालमाें को पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधान के हस्ताक्षर पृष्ठ पर हर हाल में कराए जाने की बात कही।सीडीओ वाईके उपाध्याय ने कहा कि स्कूल न जाने वाले लापरवाह अध्यापकाें के खिलाफ सभी खंड शिक्षाधिकारी बीएसए को रिपोर्ट दें। जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। गुणवत्ता के लिए बनाई गई मिड डे मील कमेटी पहले मिड डे मील चखेगी, इसके बाद रजिस्टर में मिड डे मील की गुणवत्ता न होने के बाबत लिखेगी। सीडीओ ने प्रधानाें को विद्यालय में जाकर चेकाें में हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए। साथ ही मिड डे मील बनाते समय छात्राें की संख्या अंकित करने के निर्देश दिए। बाद में छात्र संख्या अंकित करते पाए जाने पर प्रधानाध्यापकाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ज्वाइंट मजिस्टेट ने किया औचक निरीक्षण
महोबा। राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले कोटेदाराें की अब खैर नहीं है। कारण, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतेश कुमार ने राशन वितरण में धांधली रोकने के लिए औचक निरीक्षण शुरू कर दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के औचक निरीक्षण से कोटेदाराें में हड़कंप है। वहीं तमाम राशन कार्डधारकाें ने राशन न मिलने, दुकान बंद रहने जैसी शिकायतें की। उन्होंने निरीक्षण दौरान राशन की दुकान बंद पाए जाने पर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार ने रविवार को सरकारी राशन की दुकानाें का औचक निरीक्षण किया। गांधीनगर नरसिंह कुटी स्थित रामश्री की राशन दुकान में उन्होंने राशन कार्डों की जांच पड़ताल की। साथ ही उपभोक्ताआें से पूछताछ की। निरीक्षण दौरान मोहल्ला नयापुरा नैकाना निवासी दुर्गिया पत्नी गिरधारीलाल ने बताया कि उसका राशन कार्ड खो गया है। कई बार अधिकारियाें से फरियाद करने के बाद भी उसका नया राशन कार्ड नहीं बनाया गया। केवल राशन कार्ड की फोटोकापी के आधार पर वह राशन ले रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्हाेंने दुर्गिया का नया राशन कार्ड बनवाए जाने के निर्देश दिए। दुर्गिया ने बांट में गड़बड़ी कर राशन कम तौलने की शिकायत भी की। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कोटेदार रामदेवी की दुकान के बांट चेक करने के आदेश दिए। साथ ही गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। निरीक्षण दौरान कोटेदार कमला देवी की दुकान बंद पाई गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नाराजगी जताते हुए कोटेदार और पर्यवेक्षक एमपी वैश्य के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं उन्हाेंने कोटेदाराें को फर्जी बीपीएल कार्ड धारकाें को राशन न देने और उनकी रिपोर्ट देने की बात कही। निरीक्षण दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नीतेश कुमार ने एक महिला उपभोक्ता से राशन के मूल्य के बाबत पूछा। लेकिन महिला हर माह राशन लेने के बावजूद कितना मूल्य अदा करती है, इसकी जानकारी नहीं दे सकी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि उपभोक्ताआें में जागरूकता की कमी के चलते कोटेदार उसका गलत फायदा उठाते हैं।
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गैस एजेंसी निरस्त करने को लिखापढ़ी
dlअमर उजाला ब्यूरो
महोबा। चरखारी में घरेलू गैस की किल्लत कम नहीं हो रही है। उपभोक्ता गैस के लिए दिनभर परेशान हो रहे हैं। गैस एजेंसियाें के मनमाने नियमाें के चलते समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उधर ब्लैक पर सिलेंडर सरेआम मिल रहा है। उपभोक्ताआें की समस्या पर प्रशासन भी गौर नहीं कर रहा है। उधर एसडीएम का कहना है कि गैस का वितरण करने में नाकाम हो रहे गैस संचालक के विरुद्ध एजेंसी निरस्त करने के लिए लिखा गया है।
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घरेलू गैस एजेंसी चरखारी की लापरवाही के चलते उपभोक्ता गैस के लिए चार-चार माह से चक्कर काट रहे हैं। समय पर गैस न मिलने से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। गैस एजेंसी में गैस वितरण के अपने नियम कानून निराले हैं। गैस की डिलेवरी के 25 दिन बाद गैस की बुकिंग होती है। जबकि ब्लैक से घरेलू गैस की बिक्री हो रही है। एजेंसी में गैस न मिलने के कारण उपभोक्ता 600 रुपए से अधिक में गैस सिलेंडर लेकर गुजारा करने को मजबूर हैं। तीन दिन पहले गैस की समस्या को देखते हुए एजेंसी मालिक गोदाम और शो रूम में ताला डालकर गायब हो गया। सैकड़ाें उपभोक्ताआें ने गोदाम में हंगामा काटने के बाद तहसील पहुंचकर गैस वितरक की मनमानी उप जिलाधिकारी को बताई। उप जिलाधिकारी पीके जैन ने बताया कि गैस की किल्लत का मामला उपभोक्ताआें ने दर्ज कराया था। जिस पर शिकंजा कसा जा रहा है। हमेशा गैस वितरण में लापरवाही करने वाले एजेंसी संचालक के विरुद्ध एजेंसी निरस्त करने के लिए लिखा गया है।
मिड डे मील का रजिस्टर अधूरा पाए जाने पर सीडीओ ने दिए निर्देश
महोबा। मिडडे मील में अब गड़बड़ी नहीं होगी। साथ ही कितना मिड डे मील बना, कितने बच्चाें ने भोजन किया, गुणवत्ता कैसी रही, इसका पूरा लेखाजोखा रजिस्टर में अंकित करना होगा। यह कालम अधिकांश विद्यालयाें में पूरा न पाए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के अंदर रजिस्टर के पृष्ठ दाएं पर दिए गए इन कालमाें को पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधान के हस्ताक्षर पृष्ठ पर हर हाल में कराए जाने की बात कही।सीडीओ वाईके उपाध्याय ने कहा कि स्कूल न जाने वाले लापरवाह अध्यापकाें के खिलाफ सभी खंड शिक्षाधिकारी बीएसए को रिपोर्ट दें। जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। गुणवत्ता के लिए बनाई गई मिड डे मील कमेटी पहले मिड डे मील चखेगी, इसके बाद रजिस्टर में मिड डे मील की गुणवत्ता न होने के बाबत लिखेगी। सीडीओ ने प्रधानाें को विद्यालय में जाकर चेकाें में हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए। साथ ही मिड डे मील बनाते समय छात्राें की संख्या अंकित करने के निर्देश दिए। बाद में छात्र संख्या अंकित करते पाए जाने पर प्रधानाध्यापकाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।