फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   जिंदगी को जंग लड़ रहा मासूम

जिंदगी को जंग लड़ रहा मासूम

Tue, 02 Dec 2014 05:30 AM IST
Mahoba
Mahoba Updated Tue, 02 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
अजनर (महोबा)। विकास खंड जैतपुर के ग्राम आरी निवासी मंगलदास कुशवाहा के घर 18 जुलाई 2006 को एक बच्चे का जन्म हुआ था। जन्म से ही हाथ और पैर पूरी तरह गायब थे। दोनाें हाथ कंधों से नीचे तक अविकसित थे। हिप प्वाइंट तक का भी अता पता नहीं। इस कारण बच्चा वीर बहादुर लुढ़ककर चलने को मजबूर है। बच्चे का पिता मंगलदास मजदूरी करता है। वह बच्चे का इलाज नहीं करा पा रहा है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा के मुताबिक गर्भ के तीन माह के दौरान मां के बीमार होने पर ही दवा प्रयोग में लानी चाहिए। इसके अतिरिक्त अन्य दवाएं लेने पर खतरा होता है। बताया कि पहले तीन माह में अंगों का विकास (आर्गेनोजिनेसिस) होता है। यदि बच्चे का हिप प्वाइंट काम कर रहा है तो कृत्रिम पैर लग सकते हैं। पीड़ित के पिता का कहना है कि सबसे ज्यादा दिक्कत शौचालय लाने और ले जाने में होती है।
विज्ञापन

गंभीर रोगों में गरीबाें की मदद करने वाला समाज कल्याण विभाग की वीर बहादुर की मदद नहीं कर सकता। कारण, महकमे द्वारा कैंसर, टीबी जैसे गंभीर रोगों पर आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। हालांकि जिला समाज कल्याण अधिकारी कहते हैं कि वीर बहादुर को विकलांग पुनर्वास केंद्र झांसी से मदद मिल सकती है। भारत सरकार और एलिम्को के सहयोग से झांसी में संचालित केंद्र में पंजीयन कराने के बाद एक्सपर्ट उसकी आवश्यकतानुसार उपकरणाें का निर्माण कर सकते हैं, जिससे उसकी जिंदगी संवर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed