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मुआवजा न मिलने पर किसानों ने जताया आक्रोश
Mahoba
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:32 AM IST
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महोबा। किसानों को अतिवृष्टि और ओलावृष्टि का मुआवजा न मिलने पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताआें ने बैठक में आक्रोश जताया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार कुलपहाड़ को सौंपकर किसानों की समस्याआें का निराकरण कराने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष जगराम तिवारी ने कहा कि अतिवृष्टि और ओलावृष्टि के चलते क्षेत्र के 50 से अधिक गांवाें के किसानों की 80 फीसदी फसलें बर्बाद हो गई थीं, लेकिन आज तक किसानों को इसका मुआवजा नहीं दिया गया। कहा कि फसल बीमा के नाम पर किसानों से पांच से छह प्रतिशत प्रीमियम लेकर उनका शोषण किया जा रहा है, जबकि मुआवजा फसलाें की क्षति के हिसाब से नहीं मिला है।
ब्लाक अध्यक्ष कमलेश कुमार सोनकिया ने कहा कि किसानों को मुआवजे की चेकों का शीघ्र वितरण कराया जाना चाहिए। वरना किसानाें को अपने हक के लिए आंदोलन का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान सदस्यता अभियान चलाकर 175 किसानों को संगठन की सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर कमलेश कुमार, गोविंद दास प्रजापति, वृंदावन पाल, बद्री प्रसाद अवस्थी, जयराम सेन, ओमप्रकाश रावत, ओमप्रकाश चौबे, रामाधीन मिश्रा, तुलाराम, साधुराम, अवधेश मिश्रा, चंद्रकिशोर साहू, चतुर्भुज पाठक आदि किसान नेता मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष जगराम तिवारी ने कहा कि अतिवृष्टि और ओलावृष्टि के चलते क्षेत्र के 50 से अधिक गांवाें के किसानों की 80 फीसदी फसलें बर्बाद हो गई थीं, लेकिन आज तक किसानों को इसका मुआवजा नहीं दिया गया। कहा कि फसल बीमा के नाम पर किसानों से पांच से छह प्रतिशत प्रीमियम लेकर उनका शोषण किया जा रहा है, जबकि मुआवजा फसलाें की क्षति के हिसाब से नहीं मिला है।
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ब्लाक अध्यक्ष कमलेश कुमार सोनकिया ने कहा कि किसानों को मुआवजे की चेकों का शीघ्र वितरण कराया जाना चाहिए। वरना किसानाें को अपने हक के लिए आंदोलन का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान सदस्यता अभियान चलाकर 175 किसानों को संगठन की सदस्यता दिलाई गई। इस मौके पर कमलेश कुमार, गोविंद दास प्रजापति, वृंदावन पाल, बद्री प्रसाद अवस्थी, जयराम सेन, ओमप्रकाश रावत, ओमप्रकाश चौबे, रामाधीन मिश्रा, तुलाराम, साधुराम, अवधेश मिश्रा, चंद्रकिशोर साहू, चतुर्भुज पाठक आदि किसान नेता मौजूद रहे।
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