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कामतानाथ के भक्तों के लिए लगाए भंडारे
Mahoba
Updated Thu, 21 Aug 2014 05:30 AM IST
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श्रीनगर (महोबा)। भदई अमावस्या पर कामतानाथ के दर्शन करने पैदल जा रहे श्रद्धालुआें के लिए जगह-जगह भंडारे लगाए गए हैं। इससे श्रद्धालुआें को रास्ते में भोजन बनाने के झंझट से निजात मिल गई है। दिन भर पैदल चलकर थके हारे श्रद्धालु शाम को भंडारे में भोजन करने के बाद भंडारा स्थल पर ही सो जाते हैं।
ननौरा, फुटेरा, समशेरा, सिजरिया, डिगरिया, अतरार माफ, पिपरा माफ, लुहेड़ी, कैमाहा, छोटी टपरियन, बड़ी टपरियन के अलावा सीमावर्ती मध्य प्रदेश के मलहरा, नौगांव, ऊजरा, गढ़ी मलहरा, महाराजपुर, पहाड़िया और नैगवां सहित तमाम गांवाें के ग्रामीण भदई अमावस्या पर भगवान कामतानाथ के दर्शन के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। आस्थावान श्रद्धालुआें के लिए श्रीनगर, महोबा, कबरई, कैमाहा सहित कई स्थानाें पर भंडारों का आयोजन कर रहे हैं। बुधवार को श्रीनगर में तुलसीदास कुशवाहा, मुन्ना विश्वकर्मा, हरिशंकर गुप्ता, सुनील विश्वकर्मा, मिजाजीलाल कुशवाहा और संजय गुप्ता आदि ने भंडारा खोल कर श्रद्धालुआें को भोजन कराया। दो दिन से कामतानाथ के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुआें के जत्थे निकल पड़े हैं। श्रद्धालु दिन भर पैदल चलते हैं और रात होने पर किसी विद्यालय या पेड़ के नीचे सो जाते हैं। अगले दिन फिर पैदल यात्रा शुरू कर देते हैं।
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ननौरा, फुटेरा, समशेरा, सिजरिया, डिगरिया, अतरार माफ, पिपरा माफ, लुहेड़ी, कैमाहा, छोटी टपरियन, बड़ी टपरियन के अलावा सीमावर्ती मध्य प्रदेश के मलहरा, नौगांव, ऊजरा, गढ़ी मलहरा, महाराजपुर, पहाड़िया और नैगवां सहित तमाम गांवाें के ग्रामीण भदई अमावस्या पर भगवान कामतानाथ के दर्शन के लिए सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। आस्थावान श्रद्धालुआें के लिए श्रीनगर, महोबा, कबरई, कैमाहा सहित कई स्थानाें पर भंडारों का आयोजन कर रहे हैं। बुधवार को श्रीनगर में तुलसीदास कुशवाहा, मुन्ना विश्वकर्मा, हरिशंकर गुप्ता, सुनील विश्वकर्मा, मिजाजीलाल कुशवाहा और संजय गुप्ता आदि ने भंडारा खोल कर श्रद्धालुआें को भोजन कराया। दो दिन से कामतानाथ के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुआें के जत्थे निकल पड़े हैं। श्रद्धालु दिन भर पैदल चलते हैं और रात होने पर किसी विद्यालय या पेड़ के नीचे सो जाते हैं। अगले दिन फिर पैदल यात्रा शुरू कर देते हैं।
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