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दुर्घटनाओं से नहीं ले रहे सबक
Mahoba
Updated Sat, 26 Jul 2014 05:30 AM IST
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महोबा। पुलिस उदासीनता के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। डेढ़ माह पहले केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की सड़क हादसे में मौत के बाद भले ही मोदी सरकार ने सड़क दुर्घटनाआें में लगाम लगाने को मोटर व्हीकल एक्ट सख्त करने की योजना बनाई हो, लेकिन यहां इसका कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है। बेखौफ वाहन चालक शराब पीकर खुलेआम वाहन दौड़ा रहे हैं। एक दिन पहले हुई स्कूल बस दुर्घटना भी पुलिस निष्क्रियता का परिणाम है।
आए दिन हो रहीं सड़क दुर्घटनाआें से पुलिस महकमा सबक नहीं ले रहा है। 20 दिन पहले तक पुलिस चेकिंग का सिलसिला अब थम गया है। डग्गामार वाहन चालक बेखौफ होकर ओवरलोड वाहनों के साथ सड़काें पर दौड़ लगा रहे हैं। चालक बिना लाइसेंस और शराब के नशे में गाड़ी चलाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। शराब पीकर चालक द्वारा बस चलाने के कारण गुरुवार को झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैंदाें के पास स्कूल बस की ट्रक से भिड़ंत हो जाने से 35 मासूम बच्चे घायल हो गए।
पुलिस कर्मियाें की मौजूदगी में आड़े तिरछे वाहन सड़क पर खड़े कर सवारियां भरना डग्गामार वाहन चालकाें की आदत बन गई है। यातायात पुलिस कर्मियाें के न होने से परमानंद चौराहा, जिला अस्पताल, प्राइवेट बस स्टैंड, ऊदल चौक, तहसील चौराहा, खोया मंडी आदि स्थानाें पर डग्गामार और टेंपो चालक आड़े तिरछे वाहन खड़े कर सवारियां भर रहे हैं। सड़क संकरी हो जाने से लंबा जाम लग जाता है। इससे वाहन चालकाें और राहगीराें को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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इंसेट
नो पार्किंग के बोर्ड बने शोपीस
रोडवेज बस स्टैंड, जिला अस्पताल सहित कई स्थानाें पर लगे नो पार्किंग के बोर्ड शोपीस बन गए हैं। हालत यह है कि नो पार्किंग के बोर्ड के पास ही टेंपो चालक टेंपो खड़े कर देते हैं। यहां पुलिस कर्मियाें और होमगार्डों की ड्यूटी होने के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है।
पुलिस कर्मी उड़ा रहे ट्रैफिक नियमाें की धज्जियां- यातायात नियमाें का पालन कराने वाले पुलिस कर्मी खुद बाइक पर बिना हेलमेट तथा तीन सवारियों और डग्गामार वाहनाें में लटककर यात्रा करते देखे जा सकते हैं। यातायात नियमाें को तोड़ने लगे पुलिस कर्मियों से यातायात व्यवस्था सुधारने की उम्मीद करना बेमानी होगी।
संसाधनाें की कमी और अतिक्रमण बना रोड़ा- संसाधनाें की कमी और अतिक्रमण, यातायात नियमाें का पालन कराने में रोड़ा बन रहा है। चौराहाें पर न तो ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं और न पर्याप्त पुलिस कर्मी हैं। कार्रवाई से बेपरवाह वाहन चालक ट्रैफिक नियमाें को तार-तार कर रहे हैं। कई बार अभियान चलाने के बावजूद अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। अतिक्रमण के चलते सड़कें संकरी होने से दिन में जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऊदल चौक, डाक घर, जिला अस्पताल और रोडवेज के सामने आए दिन जाम लगता है।
बारिश के चलते चेकिंग अभियान चलाने में दिक्कत आ रही है। सावन में पर्र्वों के चलते भीड़भाड़ बढ़ जाती है। वहीं इस दौरान चेकिंग अभियान से लोगाें को परेशानी होती है। इसलिए सावन के महीने के बाद दोबारा चेकिंग अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। -बबलू कुमार, पुलिस अधीक्षक।
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आए दिन हो रहीं सड़क दुर्घटनाआें से पुलिस महकमा सबक नहीं ले रहा है। 20 दिन पहले तक पुलिस चेकिंग का सिलसिला अब थम गया है। डग्गामार वाहन चालक बेखौफ होकर ओवरलोड वाहनों के साथ सड़काें पर दौड़ लगा रहे हैं। चालक बिना लाइसेंस और शराब के नशे में गाड़ी चलाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। शराब पीकर चालक द्वारा बस चलाने के कारण गुरुवार को झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैंदाें के पास स्कूल बस की ट्रक से भिड़ंत हो जाने से 35 मासूम बच्चे घायल हो गए।
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पुलिस कर्मियाें की मौजूदगी में आड़े तिरछे वाहन सड़क पर खड़े कर सवारियां भरना डग्गामार वाहन चालकाें की आदत बन गई है। यातायात पुलिस कर्मियाें के न होने से परमानंद चौराहा, जिला अस्पताल, प्राइवेट बस स्टैंड, ऊदल चौक, तहसील चौराहा, खोया मंडी आदि स्थानाें पर डग्गामार और टेंपो चालक आड़े तिरछे वाहन खड़े कर सवारियां भर रहे हैं। सड़क संकरी हो जाने से लंबा जाम लग जाता है। इससे वाहन चालकाें और राहगीराें को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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नो पार्किंग के बोर्ड बने शोपीस
रोडवेज बस स्टैंड, जिला अस्पताल सहित कई स्थानाें पर लगे नो पार्किंग के बोर्ड शोपीस बन गए हैं। हालत यह है कि नो पार्किंग के बोर्ड के पास ही टेंपो चालक टेंपो खड़े कर देते हैं। यहां पुलिस कर्मियाें और होमगार्डों की ड्यूटी होने के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है।
पुलिस कर्मी उड़ा रहे ट्रैफिक नियमाें की धज्जियां- यातायात नियमाें का पालन कराने वाले पुलिस कर्मी खुद बाइक पर बिना हेलमेट तथा तीन सवारियों और डग्गामार वाहनाें में लटककर यात्रा करते देखे जा सकते हैं। यातायात नियमाें को तोड़ने लगे पुलिस कर्मियों से यातायात व्यवस्था सुधारने की उम्मीद करना बेमानी होगी।
संसाधनाें की कमी और अतिक्रमण बना रोड़ा- संसाधनाें की कमी और अतिक्रमण, यातायात नियमाें का पालन कराने में रोड़ा बन रहा है। चौराहाें पर न तो ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं और न पर्याप्त पुलिस कर्मी हैं। कार्रवाई से बेपरवाह वाहन चालक ट्रैफिक नियमाें को तार-तार कर रहे हैं। कई बार अभियान चलाने के बावजूद अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। अतिक्रमण के चलते सड़कें संकरी होने से दिन में जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऊदल चौक, डाक घर, जिला अस्पताल और रोडवेज के सामने आए दिन जाम लगता है।
बारिश के चलते चेकिंग अभियान चलाने में दिक्कत आ रही है। सावन में पर्र्वों के चलते भीड़भाड़ बढ़ जाती है। वहीं इस दौरान चेकिंग अभियान से लोगाें को परेशानी होती है। इसलिए सावन के महीने के बाद दोबारा चेकिंग अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। -बबलू कुमार, पुलिस अधीक्षक।