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दहन होने से पहले गिर गया लंकेश का पुतला
Mahoba
Updated Mon, 14 Oct 2013 05:39 AM IST
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महोबा। डाक बंगला मैदान रावण दहन के लिए बनाया गया 55 फुट ऊंचा दशानन का पुतला रविवार को दहन से पहले ही जमीन पर गिरकर धराशाई हो गया। रावण के पुतले पर चढ़कर घास-फूस भर रहा श्रमिक नीचे गिरकर घायल हो गया। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुतले के नीचे खड़े लोगाें में भगदड़ मच गई।
14 अक्तूबर को रावण का दहन किया जाना है। साहित्य परिषद द्वारा डाक बंगला मैदान में 55 फुट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। चार फुट तक सीमेंट से नीचे बेस बनाया गया। इसके बाद लोहे के सरियाें से रावण के सिर और भुजाएं बनाई गई थीं। रावण के पुतले को कपड़े से ढककर तैयार कर दिया गया। पीछे के हिस्से में घास फूस और पटाखे भरने की तैयारी चल रही थी। पीली कोठी निवासी बाबू (30) पुत्र लक्ष्मन रविवार को रावण के ऊपर चढ़कर घास-फूस भर रहा था। तभी अचानक तेज आंधी आने से 55 फुट रावण मय बेस के उखड़कर जमीन पर गिर गया। साथ ही श्रमिक गिरकर घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पानी पीने के चक्कर में बच गई शकुन
महोबा। हर साल रावण के पुतले पर चढ़कर काम करने वाली शकुन रविवार को बाल-बाल बच गई। घर से तैयार होकर रामलीला मैदान पहुंची शकुन को रविवार को रावण के सिर को तैयार कर सजाना था। अचानक प्यास लगने पर वह पड़ोस के यहां पानी पीने लगी। पानी पीने के बाद जैसे ही पुतले की तरफ बढ़ी, अचानक आंधी आई और वह रुक गई। चंद सेकेंड बाद लंकेश का पुतला जमीन पर आ गया और शकुन बाल-बाल बच गई।
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अब 40 फुट ऊंचे रावण का होगा दहन
महोबा। दहन के एक दिन पहले 55 फुट ऊंचा पुतला गिर जाने से पुतला तैयार करने वाले साहित्य परिषद के अध्यक्ष रमेश चंद्र जैदका खासा उदास हैं। लेकिन उनका कहना है कि कारीगर लगा दिए गए हैं, 15 फुट नीचे का हिस्सा बेल्डिंग के जरिए काटकर 40 फुट ऊंचा लंकेश पुन: खड़ा कर दशहरे के दिन ही दहन कराएंगे।
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14 अक्तूबर को रावण का दहन किया जाना है। साहित्य परिषद द्वारा डाक बंगला मैदान में 55 फुट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। चार फुट तक सीमेंट से नीचे बेस बनाया गया। इसके बाद लोहे के सरियाें से रावण के सिर और भुजाएं बनाई गई थीं। रावण के पुतले को कपड़े से ढककर तैयार कर दिया गया। पीछे के हिस्से में घास फूस और पटाखे भरने की तैयारी चल रही थी। पीली कोठी निवासी बाबू (30) पुत्र लक्ष्मन रविवार को रावण के ऊपर चढ़कर घास-फूस भर रहा था। तभी अचानक तेज आंधी आने से 55 फुट रावण मय बेस के उखड़कर जमीन पर गिर गया। साथ ही श्रमिक गिरकर घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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पानी पीने के चक्कर में बच गई शकुन
महोबा। हर साल रावण के पुतले पर चढ़कर काम करने वाली शकुन रविवार को बाल-बाल बच गई। घर से तैयार होकर रामलीला मैदान पहुंची शकुन को रविवार को रावण के सिर को तैयार कर सजाना था। अचानक प्यास लगने पर वह पड़ोस के यहां पानी पीने लगी। पानी पीने के बाद जैसे ही पुतले की तरफ बढ़ी, अचानक आंधी आई और वह रुक गई। चंद सेकेंड बाद लंकेश का पुतला जमीन पर आ गया और शकुन बाल-बाल बच गई।
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अब 40 फुट ऊंचे रावण का होगा दहन
महोबा। दहन के एक दिन पहले 55 फुट ऊंचा पुतला गिर जाने से पुतला तैयार करने वाले साहित्य परिषद के अध्यक्ष रमेश चंद्र जैदका खासा उदास हैं। लेकिन उनका कहना है कि कारीगर लगा दिए गए हैं, 15 फुट नीचे का हिस्सा बेल्डिंग के जरिए काटकर 40 फुट ऊंचा लंकेश पुन: खड़ा कर दशहरे के दिन ही दहन कराएंगे।