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शिक्षकों की बैठक में वेतन विसंगति दूर करने का गूंजा मुद्दा
Updated Sun, 30 Sep 2018 08:52 PM IST
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महोबा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला कार्यसमिति की बैठक जिलाध्यक्ष बेनीप्रसाद यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यालयों को माडल स्कूल बनाने व शिक्षकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रस्ताव पास किए गए। बैठक में शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर कराने का मुद्दा गूूंजता रहा।
शिशु शिक्षा निकेतन विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि नगर क्षेत्र में एक शिक्षक दो से तीन विद्यालयों का संचालन कर रहे है। शिक्षकों की भारी कमी के चलते परेशानी आ रही है। उन्होंने शिक्षकों की कमी दूर कराने, सातवें वेतन का अवशेष एरियर शीघ्र भुगतान कराने व पितृ विसर्जनी अमावस्या का अवकाश कराने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देने का प्रस्ताव पास किया गया। जिला महामंत्री मुकेश कुमार श्रीवास ने कहा कि अधिक गर्मी होने के कारण माह अक्टूबर में विद्यालय समय यथावत सुबह 8 से दोपहर एक बजे तक रखा जाए। बैठक में तय किया गया कि अच्छा कार्य करने वाले सेवारत शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। कहा कि संगठन किसी भी शिक्षक का शोषण बर्दास्त नहीं करेगा। शोषण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन का पूरा सहयोग करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर मुकेश, आशुतोष, सीएल प्रजापति, गीमा वर्मा, संध्या तिवारी, रेखा यादव, प्रतिभा कबीर, जयसिंह कुशवाहा सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने का गूंजा मुद्दा
- राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की बैठक में विभिन्न समस्याओं पर हुई चर्चा
शिशु शिक्षा निकेतन विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष ने कहा कि नगर क्षेत्र में एक शिक्षक दो से तीन विद्यालयों का संचालन कर रहे है। शिक्षकों की भारी कमी के चलते परेशानी आ रही है। उन्होंने शिक्षकों की कमी दूर कराने, सातवें वेतन का अवशेष एरियर शीघ्र भुगतान कराने व पितृ विसर्जनी अमावस्या का अवकाश कराने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन देने का प्रस्ताव पास किया गया। जिला महामंत्री मुकेश कुमार श्रीवास ने कहा कि अधिक गर्मी होने के कारण माह अक्टूबर में विद्यालय समय यथावत सुबह 8 से दोपहर एक बजे तक रखा जाए। बैठक में तय किया गया कि अच्छा कार्य करने वाले सेवारत शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। कहा कि संगठन किसी भी शिक्षक का शोषण बर्दास्त नहीं करेगा। शोषण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन का पूरा सहयोग करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर मुकेश, आशुतोष, सीएल प्रजापति, गीमा वर्मा, संध्या तिवारी, रेखा यादव, प्रतिभा कबीर, जयसिंह कुशवाहा सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे।
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शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने का गूंजा मुद्दा
- राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की बैठक में विभिन्न समस्याओं पर हुई चर्चा