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बांध में 40 सेंटीमीटर पानी बचने से हायतौबा

Sat, 19 Mar 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा Updated Sat, 19 Mar 2016 12:02 AM IST
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40 centimeters of water in the dam to save hi hue
उर्मिल बांध का जायजा लेते अभियंता - फोटो : अमर उजाला
43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना दम तोड़ रही है। उर्मिल बांध में सिर्फ 40 सेंटीमीटर पानी बचने से हायतौबा मचने लगी है।
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शुक्रवार को पूर्व श्रम मंत्री के साथ जल निगम, जल संस्थान, जल निगम यांत्रिक शाखा के अवर अभियंताओं ने उर्मिल बांध पहुंचकर जायजा लिया। इन्होंने पेयजल समस्या के समाधान के उपाय पर विमर्श किया।

 वर्ष 2005 में सपा सरकार में मंत्री सिद्धगोपाल साहू ने महोबा पुनर्गठन पेयजल योजना की शुरुआत कराई थी। इसके तहत महोबा शहर के अलावा श्रीनगर और सिजहरी गांवाें को भी पानी की आपूर्ति होनी थी। उर्मिल बांध में इंटेकवेल और श्रीनगर में फिल्टर प्लांट बनाया गया था।
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महोबा में कीरत सागर के पास 750 केएल का ओवरहेड टैंक, मदन सागर के पास 1750 केएल का सीडब्लूआर, कल्याण सागर के पास 3100 केएल का सीडब्लूआर और कलेक्ट्रेट के पास 2050 केएल का सीडब्लूआर टैंक बनाया गया था। इनसे पूरे शहर में पानी की आपूर्ति की जानी थी। योजना के तहत वर्ष 2038 तक  करीब दो लाख की आबादी को पानी मुहैया कराने की योजना थी।
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उर्मिल बांध से वर्ष 2010 में पानी की आपूर्ति  शुरू हुई। योजना के तहत महोबा शहर, सिजहरी और श्रीनगर गांव को पानी दिया जाने लगा। दो सालों से बारिश न होने से उर्मिल बांध ने जवाब दे दिया है।

इससे पेयजल का संकट गहरा गया। अब बांध में 40 सेंटीमीटर पानी बचा है। इस समस्या को लेकर शुक्रवार को पूर्व श्रम मंत्री सिद्धगोपाल साहू, जल निगम के अधिशाषी अभियंता ओपी वर्मा, जल संस्थान के एक्सईएन राजीव भटनागर और जल निगम यांत्रिक शाखा के अवर अभियंता जीतेंद्र कुमार सहित तमाम अभियंताओं ने उर्मिल बांध का जायजा लिया।

एक माह से दो गांव की आपूर्ति ठप
उर्मिल बांध में पानी कम होने से सिजहरी और श्रीनगर की पेयजल आपूर्ति एक माह से पूरी तरह से ठप है। यहां के लोग पानी के लिए ट्यूबवेल, हैंडपंपों और कुओं पर आश्रित हैं।

वर्ष 2013 में भी हुआ था संकट
वर्ष 2013 में सूखा से उर्मिल बांध ने जवाब दे दिया था। उस समय बांध के बीच इकट्ठा पानी को नाली बनाकर लाया गया था। इससे  करीब दो माह तक लोगों को पानी मिला था। इसके बाद बारिश होने से पेयजल समस्या खत्म हो गई थी। इस बार भी वर्ष 2013 जैसे हालात हैं।


उर्मिल बांध का पानी इंटेकवेल से काफी दूर पहुंच जाने से जल संस्थान और जल निगम के अभियंताओं ने बड़ी नाली बनाकर इंटेकवेल तक पानी लाने की योजना बनाई है। इससे पानी की समस्या से निजात दिलाई जा सकेगी।  बांध में अभी पर्याप्त पानी है। इसे नाली के जरिए इंटेकवेल तक लाकर तीन माह तक पानी की आपूर्ति की जा सकती है।
                ओपी वर्मा, अधिशाषी अभियंता, जल निगम
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