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Mahoba News: महोबा जिले की जीडीपी में 384.58 करोड़ की गिरावट, अर्थव्यवस्था पिछड़ी

Tue, 01 Aug 2023 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Aug 2023 12:24 AM IST
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384.58 crore decline in Mahoba district's GDP, economy backward
महोबा। जिला स्तर पर भी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के ताजा आंकड़े शासन की ओर से जारी कर दिए गए हैं। पिछले आंकड़े की तुलना में इस बार जिले की जीडीपी में 384.58 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज हुई है। वानिकी और लट्ठा बनाने के काम में भारी कमी आने से इसका जीडीपी कर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है जबकि अन्य सेक्टरों का जीडीपी में प्रदर्शन शानदार रहा।
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शासन की ओर से हाल में ही वर्ष 2021-22 के जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए हैं। 18 मानकों के आधार पर जीडीपी का आंकलन सामने आया है। जिले में सिर्फ एक सेक्टर को छोड़कर सभी सेक्टरों का जीडीपी में प्रदर्शन बेहतर रहा। वानिकी व लट्ठा बनाने के काम के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण जीडीपी में कमी देखी जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में जीडीपी में वानिकी और लट्ठा बनाने का काम का योगदान 2201.82 करोड़ रुपये था। जो वर्ष 2021-22 में घटकर महज 48.62 करोड़ रुपये आ गया। ऐसे में वानिकी व लट्ठा बनाने के काम में 2153.2 करोड़ रुपये की कमी आई है जबकि अन्य सेक्टर मत्स्य और जलीय कृषि, खनन व उत्खनन, व्यापार, होटल, मरम्मत, परिवहन, रेलवे, संचार आदि का जीडीपी में योगदान पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है।
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आने वाले समय में जिले में जीडीपी की तस्वीर बेहतर हो सकती है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चलते परिवहन क्षेत्र से जिले की जीडीपी में इजाफा होगा। साथ ही ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के तहत जिले में नई औद्योगिक इकाइयां लगेंगी। इससे जिले की जीडीपी में इजाफा होगा।
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जिला घरेलू उत्पाद और मानक की बात करें तो यह किसी जिले में एक साल में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य का योग होता है। जिले में फसलें, पशु, उपज, मत्स्य, खनन, निर्माण, बिजली, गैस, जलापूर्ति और अन्य उपयोगी सेवाओं का आंकलन किया जाता है। इसके साथ ही कारोबार, संपदा, आवास गृह का स्वामित्व, वाहन, बैंकिंग सेवाएं, व्यावसायिक सेवाओं, लोक प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल गतिविधियों व अन्य सेवाओं के मानक के आधार पर जिला घरेलू उत्पाद का आंकलन किया जाता है। वरिष्ठ अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजनाथ प्रसाद का कहना है कि अभी हाल में शासन की ओर से वर्ष 2021-22 के जिले की जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए हैं। पिछले आंकड़े की तुलना में इस बार के आंकड़ों के अनुसार जीडीपी में गिरावट दर्ज हुई है।
उपभोक्ता खर्च : इसमें सरकार, निजी क्षेत्र आदि के किए गए खर्च को मापा जाता है।
उत्पादन दृष्टिकोण : इसमें विभिन्न क्षेत्रों से उत्पन्न वस्तुतियों और सेवाओं का मूल्य मापा जाता है।
महत्वपूर्ण मापदंड : जीडीपी एक महत्वपूर्ण आर्थिक मापदंड है। जिसका उपयोग आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन करने और तुलना करने में किया जाता है।
जीडीपी की स्थिति वर्षवार
वर्ष जीडीपी
2019-20- 9,520.12
2020-21- 11,447.40
2021-22- 11,062.82
-नोट- जीडीपी करोड़ रुपये में है।
जीडीपी में प्रमुख सेक्टरों का योगदान
सेक्टर योगदान
फसलें 1,698.53
पशुधन 548.15
वानिकी और लट्ठा बनाना 48.52
मत्स्य और जलीय कृषि 315.28
खनन और उत्खनन 1987.12
विनिर्माण 276.12
विद्युत, गैस व जलापूर्ति आदि 51.26
निर्माण कार्य 401.70
व्यापार, मरम्मत, होटल 1,507.63
परिवहन, संग्रहण व संचार 816.50
रेलवे 290.31
नोट : आंकड़े करोड़ रुपये में है।
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