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30 मिनट भी पानी नहीं दे पा रहे ट्यूबवेल
अमर उजाला ब्यूरो, महोबा
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:19 AM IST
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जल निगम द्वारा लगाया गया ट्यूबवेल।
- फोटो : अमर उजाला
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महोबा। गर्मी बढ़ने के साथ जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है। जल स्तर नीचे जाने से सौ से ज्यादा ट्यूबवेल ने जवाब देने लगे हैं। ये ट्यूबवेल जल निगम ने लगाए थे। ज्यादातर ट्यूबवेल आधा घंटा भी पानी नहीं दे पा रहे हैं। इससे पीने के पानी की समस्या बढ़ती जा रही है।
शहर में लगे छह ट्यूबवेल से पानी कम आ रहा है। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति पर प्रभाव पड़ रहा है। कमोबेश यही स्थिति कुलपहाड़ क्षेत्र और ग्राम खन्ना के ट्यूबवेलों की है। जल स्तर गिरने से ट्यूबवेल भी कम पानी दे रहे हैं।
श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार वर्ष 2000 में शुरू हुई श्रीनगर पेयजल योजना ने भी अब हाथ खड़े कर दिए है। गांव में 20 हजार की आबादी को पानी पिलाने के लिए पांच ट्यूबवेल हैं जो बमुश्किल 25 मिनट पानी दे रहे हैं।
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जिससे 20 प्रतिशत लोगों को ही पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि तालाबाें बांधों के सूखने से जल स्तर तेजी से खिसक रहा है। हालत ये है कि साढ़े सात एचपी (हॉर्श पावर) की मोटरों के स्थान पर तीन एचपी की मोटरें चल रहीं है। इसी तरह जल स्तर घटने से खन्ना पंप हाउस में बीस एचपी की मोटर के स्थान पर दस एचपी की मोटर चलानी पड़ रही है।
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शहर में लगे छह ट्यूबवेल से पानी कम आ रहा है। इससे शहर की पेयजल आपूर्ति पर प्रभाव पड़ रहा है। कमोबेश यही स्थिति कुलपहाड़ क्षेत्र और ग्राम खन्ना के ट्यूबवेलों की है। जल स्तर गिरने से ट्यूबवेल भी कम पानी दे रहे हैं।
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श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार वर्ष 2000 में शुरू हुई श्रीनगर पेयजल योजना ने भी अब हाथ खड़े कर दिए है। गांव में 20 हजार की आबादी को पानी पिलाने के लिए पांच ट्यूबवेल हैं जो बमुश्किल 25 मिनट पानी दे रहे हैं।
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जिससे 20 प्रतिशत लोगों को ही पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान के अवर अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि तालाबाें बांधों के सूखने से जल स्तर तेजी से खिसक रहा है। हालत ये है कि साढ़े सात एचपी (हॉर्श पावर) की मोटरों के स्थान पर तीन एचपी की मोटरें चल रहीं है। इसी तरह जल स्तर घटने से खन्ना पंप हाउस में बीस एचपी की मोटर के स्थान पर दस एचपी की मोटर चलानी पड़ रही है।