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आधार व नाम में गडबड़ी के चलते 25 हजार किसानों की लटकी सम्मान निधि
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महोबा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे अधिकांश किसानों के आधार कार्ड व नाम में गड़बड़ी है। जिससे 25 हजार किसानों की सम्मान निधि लटक गई हैं। हालांकि कृषि विभाग ने किसानों की परेशानी को देखते हुए अभिलेखों को दुरुस्त कराने के लिए अलग से काउंटर खोला है। जिसमें किसान अपने अभिलेख दुरुस्त करा सकते हैं।
जिले में किसान सम्मान निधि की पहली किस्त एक लाख 9 हजार 755 किसानों के खातों में भेजी गई थी, जबकि दूसरी किस्त भेजने में किसानों की संख्या घटकर एक लाख एक हजार 408 पहुंच गई। सभी किसानों की सॉफ्टवेयर में फीडिंग की गई तो तमाम किसानों के आधार व नाम में अंतर मिला। जिससे सॉफ्टवेयर में उनके नाम अपलोड नहीं हो सके। जिससे 84 हजार 730 किसानों को ही सम्मान निधि भेजी जा सकी। सम्मान निधि का पैसा न आने से किसान आएदिन विभागीय अधिकारियों व डीएम से शिकायतें कर रहे हैं।
उप कृषि निदेशक जी. राम ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सभी पंजीकृत किसानों को अपने आधारकार्ड सत्यापन कराना है, ताकि पात्र वास्तविक किसान के खाते में ही पैसा जा सके। यदि आधारकार्ड और किसान के नाम मे कुछ भी अंतर होगा तो उसे संशोधित कराना जरूरी है। मामूली अंतर में भी कंप्यूटर सिस्टम उसे अलग कर देता है। पूरा कार्यालय प्राथमिकता से इस काम को अंजाम दे रहा है। डीएम अवधेश कुमार तिवारी ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए अलग से काउंटर खुलवाया गया है, ताकि किसानों की एक बार में ही समस्या का समाधान हो सके।
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जिले में किसान सम्मान निधि की पहली किस्त एक लाख 9 हजार 755 किसानों के खातों में भेजी गई थी, जबकि दूसरी किस्त भेजने में किसानों की संख्या घटकर एक लाख एक हजार 408 पहुंच गई। सभी किसानों की सॉफ्टवेयर में फीडिंग की गई तो तमाम किसानों के आधार व नाम में अंतर मिला। जिससे सॉफ्टवेयर में उनके नाम अपलोड नहीं हो सके। जिससे 84 हजार 730 किसानों को ही सम्मान निधि भेजी जा सकी। सम्मान निधि का पैसा न आने से किसान आएदिन विभागीय अधिकारियों व डीएम से शिकायतें कर रहे हैं।
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उप कृषि निदेशक जी. राम ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सभी पंजीकृत किसानों को अपने आधारकार्ड सत्यापन कराना है, ताकि पात्र वास्तविक किसान के खाते में ही पैसा जा सके। यदि आधारकार्ड और किसान के नाम मे कुछ भी अंतर होगा तो उसे संशोधित कराना जरूरी है। मामूली अंतर में भी कंप्यूटर सिस्टम उसे अलग कर देता है। पूरा कार्यालय प्राथमिकता से इस काम को अंजाम दे रहा है। डीएम अवधेश कुमार तिवारी ने बताया कि दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए अलग से काउंटर खुलवाया गया है, ताकि किसानों की एक बार में ही समस्या का समाधान हो सके।
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