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बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा 33 फीसदी भूमि के हुए बैनामे
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत किसानों की भूमि अधिग्रहण कर बैनामा कराने के मामले में महोबा ने बुंदेलखंड में पहला स्थान पाया है। अब तक सबसे ज्यादा भूमि के बैनामे महोबा में ही हुए हैं।
जिले में 33 फीसदी भूमि अधिग्रहीत कर किसानों को 50.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। चित्रकूट दूसरे नंबर पर है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के तहत जिले की तहसील चरखारी के खरेला, पुन्निया और बराय सहित तीन गांव तथा
महोबा तहसील के खन्ना, ग्योड़ी, कोहारी, बन्नी और पुरा सहित पांच गांव की 324.143 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई हैं। उक्त भूमि का अधिग्रहण कर किसानों के बैनामे कराए जा रहे हैं।
एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहीत की गई भूमि का अच्छा मुआवजा मिलने के कारण किसान प्रतिदिन बैनामे करा रहे हैं।
एडीएम पूनम निगम ने बताया कि महोबा में अबतक सबसे ज्यादा 33 फीसदी भूमि के बैनामे हुए हैैं, जबकि चित्रकूट में 21.15 फीसदी, बांदा में नौ फीसदी, हमीरपुर में 7.85 फीसदी, जालौन में 5.29 फीसदी बैनामा हुआ है।
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उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की टीमों को लेकर किसानों को जल्द से जल्द बैनामा कराने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले के आठ गांवों से निकलने वाले एक्सप्रेस के कारण उस क्षेत्र का विकास होने के आसार बढ़ गए हैं। एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने के बाद महोबा आगरा और दिल्ली से सीधा जुड़ जाएगा।
साथ ही कम समय में यहां के लोग आगरा-दिल्ली का सफर करेंगे। जिन गांवों से एक्सप्रेस-वे होता हुआ जाएगा। वहां पर रोजगार के साधन भी बढ़ जाएंगे। जिससे ग्रामीणों को लाभ होगा।
एक्सप्रेस-वे के लिए बैनामा कराने में महोबा अव्वल
जिले में 33 फीसदी भूमि का कराया बैनामा, चित्रकूट दूसरे नंबर पर
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जिले में 33 फीसदी भूमि अधिग्रहीत कर किसानों को 50.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। चित्रकूट दूसरे नंबर पर है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के तहत जिले की तहसील चरखारी के खरेला, पुन्निया और बराय सहित तीन गांव तथा
महोबा तहसील के खन्ना, ग्योड़ी, कोहारी, बन्नी और पुरा सहित पांच गांव की 324.143 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई हैं। उक्त भूमि का अधिग्रहण कर किसानों के बैनामे कराए जा रहे हैं।
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एक्सप्रेस-वे में अधिग्रहीत की गई भूमि का अच्छा मुआवजा मिलने के कारण किसान प्रतिदिन बैनामे करा रहे हैं।
एडीएम पूनम निगम ने बताया कि महोबा में अबतक सबसे ज्यादा 33 फीसदी भूमि के बैनामे हुए हैैं, जबकि चित्रकूट में 21.15 फीसदी, बांदा में नौ फीसदी, हमीरपुर में 7.85 फीसदी, जालौन में 5.29 फीसदी बैनामा हुआ है।
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उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की टीमों को लेकर किसानों को जल्द से जल्द बैनामा कराने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले के आठ गांवों से निकलने वाले एक्सप्रेस के कारण उस क्षेत्र का विकास होने के आसार बढ़ गए हैं। एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने के बाद महोबा आगरा और दिल्ली से सीधा जुड़ जाएगा।
साथ ही कम समय में यहां के लोग आगरा-दिल्ली का सफर करेंगे। जिन गांवों से एक्सप्रेस-वे होता हुआ जाएगा। वहां पर रोजगार के साधन भी बढ़ जाएंगे। जिससे ग्रामीणों को लाभ होगा।
एक्सप्रेस-वे के लिए बैनामा कराने में महोबा अव्वल
जिले में 33 फीसदी भूमि का कराया बैनामा, चित्रकूट दूसरे नंबर पर