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मुआवजे को लेकर कबरई बांध में धरने पर बैठे किसान, काटा हंस्त्रजना
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कबरई महोबा। अर्जुन सहायक परियोजना के तहत वर्ष 2013-14 में अधिग्रहीत की गई भूमि का सर्किल रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलित किसानों ने रविवार को कबरई बांध पहुंच जमकर हंगामा काटा और काम बंद कराते हुए धरने पर बैठ गए, जिससे अधिकारियों के हांथ पांव फूल गए। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन जारी रहेगा।
2200 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अर्जुन सहायक परियोजना के तहत कबरई बांध का 125 करोड़ की लागत से उच्चीकरण कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग ने वर्ष 2013-14 में कबरई क्षेत्र के किसानों की भूमि उस समय मौजूद भू अधिग्रहण नियमों के तहत अधिग्रहित कर ली थी। अब किसानों को मौजूदा सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिल रहा है, जिसको लेकर किसान राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर रविवार को किसानों ने कबरई बांध जाकर काम रुकवा दिया।
इसके बाद आक्रोशित किसान निर्माणाधीन कबरई बांध में ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान आधा सैकड़ा से अधिक पुरुष व महिला किसानों ने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। किसानों का कहना था कि जब तक नए सर्किल रेट के चार गुने मुआवजा की राशि का भुगतान नहीं होता तब तक काम नहीं होने देंगे। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव निरंजन राजपूत के नेतृत्व में किसान धरने पर बैठ रहे। उधर जिलाधिकारी सहदेव का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है। भूमि अधिग्रहण के समय क्या कानून लागू था, उसका पालन हुआ की नहीं। जांच के बाद जो नियमानुसार होगा कार्रवाई की जाएगी।
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मुआवजे को लेकर कबरई बांध में धरने पर बैठे किसान, काटा हंगामा
- सर्किल रेट से चार गुने मुआवजे की मांग को लेकर अड़े किसान
- आक्रोशित किसानों ने बंद कराया कबरई बांध का काम
2200 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अर्जुन सहायक परियोजना के तहत कबरई बांध का 125 करोड़ की लागत से उच्चीकरण कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग ने वर्ष 2013-14 में कबरई क्षेत्र के किसानों की भूमि उस समय मौजूद भू अधिग्रहण नियमों के तहत अधिग्रहित कर ली थी। अब किसानों को मौजूदा सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिल रहा है, जिसको लेकर किसान राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर रविवार को किसानों ने कबरई बांध जाकर काम रुकवा दिया।
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इसके बाद आक्रोशित किसान निर्माणाधीन कबरई बांध में ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान आधा सैकड़ा से अधिक पुरुष व महिला किसानों ने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। किसानों का कहना था कि जब तक नए सर्किल रेट के चार गुने मुआवजा की राशि का भुगतान नहीं होता तब तक काम नहीं होने देंगे। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव निरंजन राजपूत के नेतृत्व में किसान धरने पर बैठ रहे। उधर जिलाधिकारी सहदेव का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है। भूमि अधिग्रहण के समय क्या कानून लागू था, उसका पालन हुआ की नहीं। जांच के बाद जो नियमानुसार होगा कार्रवाई की जाएगी।
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मुआवजे को लेकर कबरई बांध में धरने पर बैठे किसान, काटा हंगामा
- सर्किल रेट से चार गुने मुआवजे की मांग को लेकर अड़े किसान
- आक्रोशित किसानों ने बंद कराया कबरई बांध का काम