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Maharajganj News: मटेरियल मद के 113.40 करोड़ बकाया ने रोकी वीबी जी राम जी की रफ्तार
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महराजगंज। मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी (विकसित भारत जी राम जी) योजना लागू हो गई है लेकिन पुरानी देनदारी का बोझ नई योजना की रफ्तार पर ब्रेक बन गया है। जिले में मनरेगा के तहत कराए गए पक्के कार्यों में इस्तेमाल सामग्री का 113 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान अब भी लंबित है। भुगतान न होने से अमृत सरोवर, सीसी रोड, नाली-खड़ंजा, पंचायत भवन जैसे पक्के कार्य पूरी तरह अटक रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में मटेरियल मद में करीब 29 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 84 करोड़ रुपये का बकाया है। लंबे समय से भुगतान न होने के कारण ग्राम पंचायतों में सामग्री आपूर्ति करने वाले सप्लायरों ने आगे ईंट, गिट्टी, सीमेंट और सरिया की आपूर्ति से हाथ खड़े कर दिए हैं।
पहले काम, फिर भुगतान की व्यवस्था पड़ी भारी
मनरेगा में पहले कार्य पूरा होने के बाद सामग्री और अन्य मदों का भुगतान किया जाता था। हालांकि समय पर भुगतान न होने के कारण पुरानी देनदारी लगातार बढ़ती गई। योजना का नाम बदलने के बाद भी पुराना भुगतान लंबित है, जिसका असर सीधे ग्राम पंचायतों में पक्के कार्यों से जुड़े भुगतान पर पड़ रहा है। नई योजना के तहत कार्यों को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर भुगतान व्यवस्था में असमंजस बना हुआ है। जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन से लेकर ब्लॉक स्तर तक प्रधान और सप्लायर भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। सप्लायरों का कहना है कि उन्होंने उधारी पर सामग्री दी, अब ब्याज पर कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। कई गांवों में आधे-अधूरे बने अमृत सरोवर तालाब और सड़कों का काम भुगतान न होने से महीनों से बंद पड़ा है।
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ब्लॉकवार बकाया स्थिति-
जिले के 12 ब्लॉकों में कुल 113.40 करोड़ का बकाया है। सबसे अधिक बकाया सिसवा ब्लॉक का है।
ब्लॉक का नाम बकाया (करोड़ में)
बृजमनगंज 8.05
धानी 1.83
घुघली 7.93
लक्ष्मीपुर 6.59
महराजगंज सदर 5.05
मिठौरा 12.76
नौतनवा 11.31
निचलौल 16.20
पनियरा 9.90
परतावल 6.10
फरेंदा 7.20
सिसवा 19.54
बोले जिम्मेदार
शासन ने मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी किया है लेकिन नई योजना के तहत भी पक्के कार्यों के लिए मटेरियल की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। सप्लायर पुराना भुगतान न होने से नई योजना में उधारी देने को तैयार नहीं है। इससे केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे अमृत सरोवर, खेल मैदान, आदि निर्माण प्रभावित हैं।
- अनिल कुमार जोशी, प्रधान संघ अध्यक्ष व प्रशासक, परसौनी, महराजगंज।
बोले अधिकारी
मनरेगा मटेरियल की लंबित करीब 113.40 करोड़ रुपये की देनदारी का भुगतान शासन स्तर से लंबित है। शासन से बजट मिलते ही भुगतान कराया जाएगा। उपायुक्त को भुगतान की सभी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण रखने के निर्देश हैं जिससे बजट अवमुक्त होते ही भुगतान किया जा सके।
- महेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में मटेरियल मद में करीब 29 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 84 करोड़ रुपये का बकाया है। लंबे समय से भुगतान न होने के कारण ग्राम पंचायतों में सामग्री आपूर्ति करने वाले सप्लायरों ने आगे ईंट, गिट्टी, सीमेंट और सरिया की आपूर्ति से हाथ खड़े कर दिए हैं।
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पहले काम, फिर भुगतान की व्यवस्था पड़ी भारी
मनरेगा में पहले कार्य पूरा होने के बाद सामग्री और अन्य मदों का भुगतान किया जाता था। हालांकि समय पर भुगतान न होने के कारण पुरानी देनदारी लगातार बढ़ती गई। योजना का नाम बदलने के बाद भी पुराना भुगतान लंबित है, जिसका असर सीधे ग्राम पंचायतों में पक्के कार्यों से जुड़े भुगतान पर पड़ रहा है। नई योजना के तहत कार्यों को लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर भुगतान व्यवस्था में असमंजस बना हुआ है। जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन से लेकर ब्लॉक स्तर तक प्रधान और सप्लायर भुगतान के लिए चक्कर काट रहे हैं। सप्लायरों का कहना है कि उन्होंने उधारी पर सामग्री दी, अब ब्याज पर कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। कई गांवों में आधे-अधूरे बने अमृत सरोवर तालाब और सड़कों का काम भुगतान न होने से महीनों से बंद पड़ा है।
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ब्लॉकवार बकाया स्थिति-
जिले के 12 ब्लॉकों में कुल 113.40 करोड़ का बकाया है। सबसे अधिक बकाया सिसवा ब्लॉक का है।
ब्लॉक का नाम बकाया (करोड़ में)
बृजमनगंज 8.05
धानी 1.83
घुघली 7.93
लक्ष्मीपुर 6.59
महराजगंज सदर 5.05
मिठौरा 12.76
नौतनवा 11.31
निचलौल 16.20
पनियरा 9.90
परतावल 6.10
फरेंदा 7.20
सिसवा 19.54
बोले जिम्मेदार
शासन ने मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी किया है लेकिन नई योजना के तहत भी पक्के कार्यों के लिए मटेरियल की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। सप्लायर पुराना भुगतान न होने से नई योजना में उधारी देने को तैयार नहीं है। इससे केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे अमृत सरोवर, खेल मैदान, आदि निर्माण प्रभावित हैं।
- अनिल कुमार जोशी, प्रधान संघ अध्यक्ष व प्रशासक, परसौनी, महराजगंज।
बोले अधिकारी
मनरेगा मटेरियल की लंबित करीब 113.40 करोड़ रुपये की देनदारी का भुगतान शासन स्तर से लंबित है। शासन से बजट मिलते ही भुगतान कराया जाएगा। उपायुक्त को भुगतान की सभी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण रखने के निर्देश हैं जिससे बजट अवमुक्त होते ही भुगतान किया जा सके।
- महेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ