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Maharajganj News: पिछले साल से तीन हजार हेक्टेयर कम हुआ गेहूं का बोआई रकबा
Mon, 28 Oct 2024 03:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 28 Oct 2024 03:37 AM IST
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महराजगंज। जिले में दलहन और तिलहन के साथ मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने के मद्देनजर रबी की बोआई का रकबा तीन हजार हेक्टेयर कम कर दिया गया है। इस बार पिछले वर्ष के 1.50 लाख हेक्टेयर की जगह सिर्फ 1.47 लाख हेक्टेयर ही गेहूं की बोआई की जाएगी।
तीन हजार हेक्टेयर जो गेहूं से कम किए जा रहे हैं, उससे दलहन और तिलहन का रकबा न सिर्फ बढ़ाया जाएगा, बल्कि मोटे अनाज के लिए 2500 हेक्टेयर का रकबा निर्धारित कर दिया गया है।
जनपद में रबी फसल की बोआई 30 अक्तूबर से शुरू होकर पूरे नवंबर चलती है। इसके लिए विभाग के साथ साथ किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। खेतों की जोताई के साथ ही समतलीकरण का कार्य शुरू है। कुछ स्थानों पर मोटे अनाज और तिलहन की बोआई के लिए खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी न होने की वजह से खेतों में पानी भरने का काम भी हो रहा है, ताकि बीज का जमाव अच्छे तरीके से हो सके। वहीं किसानों में तिलहन के मिनी किट बांटे जा रहे हैं। विभाग के अनुसार पिछले वर्ष जनपद में एक लाख 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई थी।
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पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष गेहूं की फसल का रकबा तीन हजार हेक्टेयर घटेगा। कृषि विभाग ने गेहूं के साथ ही अन्य रबी फसलों की बोआई की तैयारी शुरू कर दी है। फसलों की बोआई के लिए बीजों की मांग उप्र बीज विकास निगम समेत अन्य सरकारी संस्थाओं से की गई है। इस वर्ष 7500 क्विंटल गेहूं का बीज वितरण करने को लेकर विभाग बीज निगम को डिमांड कर चुका है। विभाग का कहना है कि रबी की बोआई का समय आ गया है। अभी गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों की बोआई किसान एक सप्ताह में शुरू कर सकते हैं।े
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तीन हजार हेक्टेयर जो गेहूं से कम किए जा रहे हैं, उससे दलहन और तिलहन का रकबा न सिर्फ बढ़ाया जाएगा, बल्कि मोटे अनाज के लिए 2500 हेक्टेयर का रकबा निर्धारित कर दिया गया है।
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जनपद में रबी फसल की बोआई 30 अक्तूबर से शुरू होकर पूरे नवंबर चलती है। इसके लिए विभाग के साथ साथ किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। खेतों की जोताई के साथ ही समतलीकरण का कार्य शुरू है। कुछ स्थानों पर मोटे अनाज और तिलहन की बोआई के लिए खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी न होने की वजह से खेतों में पानी भरने का काम भी हो रहा है, ताकि बीज का जमाव अच्छे तरीके से हो सके। वहीं किसानों में तिलहन के मिनी किट बांटे जा रहे हैं। विभाग के अनुसार पिछले वर्ष जनपद में एक लाख 50 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई थी।
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पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष गेहूं की फसल का रकबा तीन हजार हेक्टेयर घटेगा। कृषि विभाग ने गेहूं के साथ ही अन्य रबी फसलों की बोआई की तैयारी शुरू कर दी है। फसलों की बोआई के लिए बीजों की मांग उप्र बीज विकास निगम समेत अन्य सरकारी संस्थाओं से की गई है। इस वर्ष 7500 क्विंटल गेहूं का बीज वितरण करने को लेकर विभाग बीज निगम को डिमांड कर चुका है। विभाग का कहना है कि रबी की बोआई का समय आ गया है। अभी गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों की बोआई किसान एक सप्ताह में शुरू कर सकते हैं।े