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Maharajganj News: गलत सोहबत में रास्ता भटककर जीवन तबाह कर लिए ये रंगबाज
Fri, 30 Jun 2023 01:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 30 Jun 2023 01:07 AM IST
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शानो शौकत के लिए गलत ढंग से दौलत कमाने की चाह या फिर इश्क का नशा चढ़ा तो कर लिया पूरा करियर तबाह
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जवानी में रंगबाजी का शौक कोई नई बात नहीं है, मगर कुछ दिनों की इस हनक के चक्कर में युवाओं का जीवन इस कदर तबाह हो जाता है कि दोबारा संभाले नहीं संभलता। दोस्तों की मंडली में रंगबाजी चाहे किसी को प्रेमजाल में फंसकर अंदाज दिखाने की हो या शानो शौकत के लिए गलत ढंग से दौलत कमाने की, अंजाम खतरनाक ही होता है।कोई किस्मत से बच जाए तो बात और है, मगर ज्यादातर जेल की सलाखों के पीछे ही नजर आते हैं।
ऐसे कई रंगबाज बीते दिनों पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। इनमें गलत ढंग से पैसा कमाने तो कोई अवैध संबंधों के चक्कर में फंसकर हत्यारा बना और कई शराब की लत में लुटेरे बन गए। ऐसे युवा जब पकड़े जाते हैं, तब पछताने के सिवा उनके सामने कोई चारा नहीं बचता। कुछ मां-बाप तो लोकलाज के चक्कर में साथ तक छोड़ देते हैं। कई पकड़े जाने के बाद पुलिस के पास तरह-तरह से सिफारिश लेकर पहुंचते हैं। दरअसल, गलत रास्ते को चुनते समय युवाओं को इस बात का अहसास नहीं होता है कि पकड़े गए तो कॅरियर तो बरबाद होगा ही, परिवार भी तबाह हो जाएगा। फंसने के बाद काम धंधे से ही नहीं, नौकरी से भी हाथ धो बैठते हैं। जानिए कुछ ऐसे ही युवाओं के बुरे हश्र की कहानी।
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पढ़ाई दौरान ही शुरू कर दी धोखाधड़ी
केस नंबर एक
19 फरवरी 2021 को बृजनमगंज थाना क्षेत्र के बंजरहा सोनबरसा के रहने वाले विशाल ने बीसीए की पढ़ाई लखनऊ की। वह प्रथम वर्ष का छात्र रहा तभी से उसका दिमाग रकम कमाने में जुट गया। जवानी की दहलीज पर कदम रखने वाले युवक विशाल यादव ने अपने साथी आकाश यादव निवासी दरबारीचक लेहड़ा बाजार को मिलाकर चुना लगाने का धंधा शुरू किया। दोनों के पास से पांच आईफोन, 23 आधार कार्ड, मोबाइल, लैपटाॅप बरामद हुआ था। ऑनलाइन बुकिंग करने वाली कंपनी को दोनों ने मिलकर 70 लाख रुपये की चूना लगाया था। दोनों ने यू ट्यूब से हैकिंग का ज्ञान सीखकर धोखाधड़ी करना शुरू किया। पकड़े जाने पर दोनों का कॅरियर चौपट हो गया।
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दुष्कर्म के आरोपी एपीओ को भेजा गया था जेल
केस नंबर दो
16 दिसबंर 2020 को निचलौल ब्लॉक कार्यालय में पूर्व में तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा (एपीओ) पर एक महिला रोजगार सेवक ने शादी की झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया था। उस वक्त उसकी उम्र करीब 30 साल रही होगी। पुलिस ने तत्काल पीड़ित रोजगार सेवक की तहरीर के आधार पर आरोपी एपीओ पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में मामले को सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी एपीओ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि निचलौल ब्लॉक के कार्यालय में पूर्व में आरोपी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा (एपीओ) के पद पर तैनात था। इसी बीच कार्यालय में विकास खंड क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला रोजगार सेवक और एपीओ के बीच जान पहचान हो गई थी। कुछ दिन बाद दोनों एक-दूसरे के और करीब आ गए। उसके बाद आरोपी एपीओ ने महिला रोजगार सेवक को शादी करने का झांसा देते हुए कई वर्षों तक दुष्कर्म करता रहा। जब महिला रोजगार सेवक ने एपीओ से शादी करने का दबाव बनाया, तो एपीओ ने शादी करने से इन्कार करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा था। जांच में मामले को सही पाया गया। उसके बाद आरोपी एपीओ को 16 दिसंबर को जेल भेज दिया गया। उसकी नौकरी भी हाथ से चली गई।
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भविष्य संवरने से पहले ही इश्क में बर्बाद हो गया
केस नंबर तीन
घुघली थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती की इंटर में पढ़ाई के दौरान उसके साथ पढ़ने वाले एक युवक से दोस्ती हो गई थी। युवती का आरोप है कि इस दोस्ती को युवक ने प्रेम समझ लिया। एक तरफा प्रेम में पागल प्रेमी उससे हमेशा मिलने की जिद करता था, लेकिन वह उसकी बातों को दरकिनार कर देती थी। युवती का आरोप है कि बार-बार युवक परेशान करता था। लोकलाज की वजह से वह मुंह नहीं खोलती थी। उसे लगता था कि घर वाले परेशान हो जाएंगे। युवती का कहना है कि दो साल तक परेशान होने के बाद उसने हिम्मत जुटा कर पुलिस से शिकायत की। इधर उसकी शादी तय हो गई। प्रेमी को जब पता चला कि प्रेमिका की शादी तय हो गई है तो वह परेशान हो गया। वह उसे धमकी देने लगा। पुलिस ने आरोपी युवक पर केस दर्ज कर मामले की विवेचना कर रही है। अब युवक की आगे की पढ़ाई भी बेकार हो गई है। भविष्य संवरने से पहले ही इश्क में बर्बाद हो गया।
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एक्पर्ट कमेंट
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अभिभावक संवाद बनाए रखें
बच्चों से संवाद कायम रखना जरूरी पड़ता है। समकालीन समाज में भौतिक उपलब्धियों को जीवन का प्रमुख लक्ष्य माना जा रहा है। इस कारण अच्छी संपन्न जीवन शैली युवाओं को आकर्षित कर रही है। माता- पिता में संघर्ष, भावनात्मक उपेक्षा, उपभोक्ता संस्कृति और संचार माध्यमों आदि के कारण युवाओं में समाज विरोधी व्यवहार दिखाई दे रहा है। युवाओं को अपराध की ओर उन्मुख होने से रोकने के लिए अभिभावक संवाद बनाए रखें। साथ ही बच्चों को सकारात्मक सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण प्रदान करें।
- डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा, समाजशास्त्री
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युवावस्था में डोपामाइन नाम का हार्मोन रिलीज होता है
बचपन का दुलार ठीक, लेकिन काउंसिलिंग भी जरूरी दिमाग से निकलने वाले हारमोंस से शरीर संचालित होता है। हर उम्र में एक ऐसा कैमिकल काम करता है, जिसका असर हमारे व्यवहार पर बचपन में हम बच्चों को दुलार ज्यादा करते हैं। उनकी हर डिमांड को पूरा करते हैं। लेकिन बड़े होने पर यही आदतें उन्हें गलत रास्ते पर ले जाती हैं। युवावस्था में डोपामाइन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। इससे बच्चों के मन में जो आ गया है, उसे वह हासिल करना चाहते हैं। ऐसे में लोगों का ध्यान खुद की ओर आकर्षित करने की चाहत बढ़ जाती है। इस वजह से अगर अभिभावक ने ध्यान नहीं दिया तो गलत रास्ते का भी चुनाव कर लेते हैं। यह समय ऐसा होता है, जब अभिभावक को बच्चों के साथ बैठकर बातचीत कर उनकी काउंसिलिंग करना चाहिए, ताकि वह गलत रास्ते पर ना जाए।
- डॉ. मेघा विश्वनाथ, मनोचिकित्सक
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मामलों को सामने आने पर पुलिस कार्रवाई करती है। युवा अवस्था में बहुत संभल कर रहने की जरूरत होती है। गलत रास्ते पर चलने के कारण करियर चौपट हो जाता है। पुलिस अपनी कार्रवाई अपराध के हिसाब से करती है। कुछ तो ऐसे गिरफ्त में आते हैं, जो पहली बार अपराध किए हाेते हैं।
डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक
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महराजगंज। जवानी में रंगबाजी का शौक कोई नई बात नहीं है, मगर कुछ दिनों की इस हनक के चक्कर में युवाओं का जीवन इस कदर तबाह हो जाता है कि दोबारा संभाले नहीं संभलता। दोस्तों की मंडली में रंगबाजी चाहे किसी को प्रेमजाल में फंसकर अंदाज दिखाने की हो या शानो शौकत के लिए गलत ढंग से दौलत कमाने की, अंजाम खतरनाक ही होता है।कोई किस्मत से बच जाए तो बात और है, मगर ज्यादातर जेल की सलाखों के पीछे ही नजर आते हैं।
ऐसे कई रंगबाज बीते दिनों पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। इनमें गलत ढंग से पैसा कमाने तो कोई अवैध संबंधों के चक्कर में फंसकर हत्यारा बना और कई शराब की लत में लुटेरे बन गए। ऐसे युवा जब पकड़े जाते हैं, तब पछताने के सिवा उनके सामने कोई चारा नहीं बचता। कुछ मां-बाप तो लोकलाज के चक्कर में साथ तक छोड़ देते हैं। कई पकड़े जाने के बाद पुलिस के पास तरह-तरह से सिफारिश लेकर पहुंचते हैं। दरअसल, गलत रास्ते को चुनते समय युवाओं को इस बात का अहसास नहीं होता है कि पकड़े गए तो कॅरियर तो बरबाद होगा ही, परिवार भी तबाह हो जाएगा। फंसने के बाद काम धंधे से ही नहीं, नौकरी से भी हाथ धो बैठते हैं। जानिए कुछ ऐसे ही युवाओं के बुरे हश्र की कहानी।
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केस नंबर एक
19 फरवरी 2021 को बृजनमगंज थाना क्षेत्र के बंजरहा सोनबरसा के रहने वाले विशाल ने बीसीए की पढ़ाई लखनऊ की। वह प्रथम वर्ष का छात्र रहा तभी से उसका दिमाग रकम कमाने में जुट गया। जवानी की दहलीज पर कदम रखने वाले युवक विशाल यादव ने अपने साथी आकाश यादव निवासी दरबारीचक लेहड़ा बाजार को मिलाकर चुना लगाने का धंधा शुरू किया। दोनों के पास से पांच आईफोन, 23 आधार कार्ड, मोबाइल, लैपटाॅप बरामद हुआ था। ऑनलाइन बुकिंग करने वाली कंपनी को दोनों ने मिलकर 70 लाख रुपये की चूना लगाया था। दोनों ने यू ट्यूब से हैकिंग का ज्ञान सीखकर धोखाधड़ी करना शुरू किया। पकड़े जाने पर दोनों का कॅरियर चौपट हो गया।
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दुष्कर्म के आरोपी एपीओ को भेजा गया था जेल
केस नंबर दो
16 दिसबंर 2020 को निचलौल ब्लॉक कार्यालय में पूर्व में तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा (एपीओ) पर एक महिला रोजगार सेवक ने शादी की झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया था। उस वक्त उसकी उम्र करीब 30 साल रही होगी। पुलिस ने तत्काल पीड़ित रोजगार सेवक की तहरीर के आधार पर आरोपी एपीओ पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में मामले को सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी एपीओ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि निचलौल ब्लॉक के कार्यालय में पूर्व में आरोपी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा (एपीओ) के पद पर तैनात था। इसी बीच कार्यालय में विकास खंड क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला रोजगार सेवक और एपीओ के बीच जान पहचान हो गई थी। कुछ दिन बाद दोनों एक-दूसरे के और करीब आ गए। उसके बाद आरोपी एपीओ ने महिला रोजगार सेवक को शादी करने का झांसा देते हुए कई वर्षों तक दुष्कर्म करता रहा। जब महिला रोजगार सेवक ने एपीओ से शादी करने का दबाव बनाया, तो एपीओ ने शादी करने से इन्कार करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा था। जांच में मामले को सही पाया गया। उसके बाद आरोपी एपीओ को 16 दिसंबर को जेल भेज दिया गया। उसकी नौकरी भी हाथ से चली गई।
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भविष्य संवरने से पहले ही इश्क में बर्बाद हो गया
केस नंबर तीन
घुघली थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती की इंटर में पढ़ाई के दौरान उसके साथ पढ़ने वाले एक युवक से दोस्ती हो गई थी। युवती का आरोप है कि इस दोस्ती को युवक ने प्रेम समझ लिया। एक तरफा प्रेम में पागल प्रेमी उससे हमेशा मिलने की जिद करता था, लेकिन वह उसकी बातों को दरकिनार कर देती थी। युवती का आरोप है कि बार-बार युवक परेशान करता था। लोकलाज की वजह से वह मुंह नहीं खोलती थी। उसे लगता था कि घर वाले परेशान हो जाएंगे। युवती का कहना है कि दो साल तक परेशान होने के बाद उसने हिम्मत जुटा कर पुलिस से शिकायत की। इधर उसकी शादी तय हो गई। प्रेमी को जब पता चला कि प्रेमिका की शादी तय हो गई है तो वह परेशान हो गया। वह उसे धमकी देने लगा। पुलिस ने आरोपी युवक पर केस दर्ज कर मामले की विवेचना कर रही है। अब युवक की आगे की पढ़ाई भी बेकार हो गई है। भविष्य संवरने से पहले ही इश्क में बर्बाद हो गया।
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एक्पर्ट कमेंट
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अभिभावक संवाद बनाए रखें
बच्चों से संवाद कायम रखना जरूरी पड़ता है। समकालीन समाज में भौतिक उपलब्धियों को जीवन का प्रमुख लक्ष्य माना जा रहा है। इस कारण अच्छी संपन्न जीवन शैली युवाओं को आकर्षित कर रही है। माता- पिता में संघर्ष, भावनात्मक उपेक्षा, उपभोक्ता संस्कृति और संचार माध्यमों आदि के कारण युवाओं में समाज विरोधी व्यवहार दिखाई दे रहा है। युवाओं को अपराध की ओर उन्मुख होने से रोकने के लिए अभिभावक संवाद बनाए रखें। साथ ही बच्चों को सकारात्मक सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण प्रदान करें।
- डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा, समाजशास्त्री
युवावस्था में डोपामाइन नाम का हार्मोन रिलीज होता है
बचपन का दुलार ठीक, लेकिन काउंसिलिंग भी जरूरी दिमाग से निकलने वाले हारमोंस से शरीर संचालित होता है। हर उम्र में एक ऐसा कैमिकल काम करता है, जिसका असर हमारे व्यवहार पर बचपन में हम बच्चों को दुलार ज्यादा करते हैं। उनकी हर डिमांड को पूरा करते हैं। लेकिन बड़े होने पर यही आदतें उन्हें गलत रास्ते पर ले जाती हैं। युवावस्था में डोपामाइन नाम का हार्मोन रिलीज होता है। इससे बच्चों के मन में जो आ गया है, उसे वह हासिल करना चाहते हैं। ऐसे में लोगों का ध्यान खुद की ओर आकर्षित करने की चाहत बढ़ जाती है। इस वजह से अगर अभिभावक ने ध्यान नहीं दिया तो गलत रास्ते का भी चुनाव कर लेते हैं। यह समय ऐसा होता है, जब अभिभावक को बच्चों के साथ बैठकर बातचीत कर उनकी काउंसिलिंग करना चाहिए, ताकि वह गलत रास्ते पर ना जाए।
- डॉ. मेघा विश्वनाथ, मनोचिकित्सक
मामलों को सामने आने पर पुलिस कार्रवाई करती है। युवा अवस्था में बहुत संभल कर रहने की जरूरत होती है। गलत रास्ते पर चलने के कारण करियर चौपट हो जाता है। पुलिस अपनी कार्रवाई अपराध के हिसाब से करती है। कुछ तो ऐसे गिरफ्त में आते हैं, जो पहली बार अपराध किए हाेते हैं।
डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक