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Maharajganj News: किसी भी जनपद से करा सकते हैं वाहन का फिटनेस
Wed, 10 Jul 2024 03:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 10 Jul 2024 03:40 AM IST
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महराजगंज। वाहन के फिटनेस की अवधि समाप्त हो गई है और वाहन स्वामी किसी और जनपद में है तो वह उसी जनपद के एआरटीओ कार्यालय में जाकर अपने वाहन की फिटनेस करवा सकेंगे। परिवहन विभाग ने एनीवेयर फिटनेस व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत अब किसी भी जिले में वाहन की फिटनेस कराई जा सकती है। पहले वाहन अपने ही जिले के एआरटीओ कार्यालय ले जाकर फिटनेस की जांच करानी पड़ती थी।
जनपद में 4.50 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें करीब एक लाख व्यावसायिक वाहन हैं, 1100 स्कूली वाहन भी हैं। इनका फिटनेस परीक्षण कराया जाता है। विभाग के अनुसार, यदि वाहन स्वामी गैर जनपद में पहुंचा है तो फिटनेस जांच के लिए वाहन स्वामी को दो भागों में शुल्क जमा करना होगा। एक भाग का शुल्क उक्त जिले के संभागीय परिवहन कार्यालय में जमा कराना होगा, जहां वाहन मौजूद है, वहीं दूसरा भाग वाहन परीक्षण के लिए होगा।
संबंधित जिले के अधिकारी इस तरह के वाहन की फिटनेस की जांच प्रारूप संख्या 38 के बजाय नए प्रारूप संख्या 38 ए पर करते हुए परीक्षण रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इस रिपोर्ट की तीन प्रतियां होंगी। एक प्रति विभाग के सिस्टम में अपलोड की जाएगी, जबकि दूसरी प्रति को 30 दिन के अंदर वाहन स्वामी को मूल कार्यालय में जमा करना होगा। तीसरी प्रति वाहन स्वामी के पास रहेगी। इसके साथ ही शुल्क का दूसरा भाग ऑनलाइन जमा कराने के बाद रसीद कार्यालय में जमा करानी होगी। नई व्यवस्था में वाहन के बजाय उसके स्वामी को एक बार मूल कार्यालय में परीक्षण रिपोर्ट देने के लिए जाना पड़ेगा।
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संभागीय निरीक्षक आरडी प्रसाद ने बताया कि आवेदक को वाहन फिटनेस के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले का चयन करने के साथ ही जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। इसके उपरांत अधिकारी एप के माध्यम से निरीक्षण करेंगे। फिर निर्धारित तारीख पर फिटनेस की जांच के लिए बुलाया जाएगा। जांच के बाद प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा।
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जनपद में 4.50 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें करीब एक लाख व्यावसायिक वाहन हैं, 1100 स्कूली वाहन भी हैं। इनका फिटनेस परीक्षण कराया जाता है। विभाग के अनुसार, यदि वाहन स्वामी गैर जनपद में पहुंचा है तो फिटनेस जांच के लिए वाहन स्वामी को दो भागों में शुल्क जमा करना होगा। एक भाग का शुल्क उक्त जिले के संभागीय परिवहन कार्यालय में जमा कराना होगा, जहां वाहन मौजूद है, वहीं दूसरा भाग वाहन परीक्षण के लिए होगा।
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संबंधित जिले के अधिकारी इस तरह के वाहन की फिटनेस की जांच प्रारूप संख्या 38 के बजाय नए प्रारूप संख्या 38 ए पर करते हुए परीक्षण रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इस रिपोर्ट की तीन प्रतियां होंगी। एक प्रति विभाग के सिस्टम में अपलोड की जाएगी, जबकि दूसरी प्रति को 30 दिन के अंदर वाहन स्वामी को मूल कार्यालय में जमा करना होगा। तीसरी प्रति वाहन स्वामी के पास रहेगी। इसके साथ ही शुल्क का दूसरा भाग ऑनलाइन जमा कराने के बाद रसीद कार्यालय में जमा करानी होगी। नई व्यवस्था में वाहन के बजाय उसके स्वामी को एक बार मूल कार्यालय में परीक्षण रिपोर्ट देने के लिए जाना पड़ेगा।
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संभागीय निरीक्षक आरडी प्रसाद ने बताया कि आवेदक को वाहन फिटनेस के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले का चयन करने के साथ ही जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। इसके उपरांत अधिकारी एप के माध्यम से निरीक्षण करेंगे। फिर निर्धारित तारीख पर फिटनेस की जांच के लिए बुलाया जाएगा। जांच के बाद प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा।