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वनटांगियावासी को अच्छे दिनों की उम्मीद
महराजगंज/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:40 PM IST
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लोग समस्याओं से जूझते हुए जीवन यापन करने को विवश है।
- फोटो : अमर उजाला
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वनटांगिया सेक्टर 26,27 व 28 दक्षिणी रेंज चौक क्षेत्र में है। यहां लोग समस्याओं से जूझते हुए जीवन यापन करने को विवश है। उन्हें उम्मीद है कि अच्छे दिन जरूर आएगा। वनटांगिया ग्राम में आज भी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं है। आने-जाने के लिए बेहतर रास्ता नहीं है। जीविका का मुख्य साधन खेती है। यहां लोग खेतों में सब्जी की खेती कर परिवार का पालन -पोषण यहां के लोग करते हैं। यहां के बच्चें भगवान भरोसे शिक्षा प्राप्त करते हैं। बच्चों के पढ़ने के लिये सरकारी स्कूल की व्यवस्था नही हैं। पढ़ाई के लिये प्राइवेट विद्यालय का ही सहारा है। जहां गरीब बच्चों के लिये शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल हैं। 9 इंडिया मार्का हैंड पंप है लेकिन ज्यादातर हैंडपंपों से शुद्ध पानी नहीं मिल पाता है। चार सोलर लाइट के सहारे तीनों सेक्टरों के 500 परिवारों के लिए रोशनी की सुविधा दी गई है। जो पर्याप्त नहीं है। गांव से 400 मीटर दूरी पर एक पोटहा नामक नाला हैं जो गर्मी के दिनों में सुख जाता हैं। इससे पशु भी पानी के लिये तरस जाते हैं। वनटांगिया वासियों ने समस्याओं को लेकर अपनी पीड़ा को बयां किया।
बनटागिंया सेक्टर 26 निवासी रमाशंकर निषाद का कहना है कि वन ग्राम में मुलभूत सुविधाएं नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल नहीं है। प्राइवेट स्कूल में शुल्क महंगा है। ऐसे में वहां पढ़ाने में परेशानी होती है। समस्याओं को दूर करने के लिए शासन प्रशासन की ओर से कोई कारगर पहल नहीं हुई है।
बनटागियां सेक्टर 27 के रहने वाले रविस चन्द्र कन्नौजिया का कहना है कि अगर किसी की तबियत खराब हो जाय तो भगवान ही मालिक रहता है। कई बार तो बेहद कठिनाई होती है। चाहे पढ़ाई की बात हो या फिर स्वास्थ्य सुविधा की। यहां कुछ भी नहीं है। समस्याओं के बीच जीवन यापन करना मजबूरी बन गई है।
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बनटांगिया सेक्टर 28 निवासी सर्वजित कुमार का कहना है कि वनग्राम को ग्राम पंचायत का दर्जा नही है। लिहाजा मनरेगा के काम भी नहीं मिलता है। आय के लिये सब्जी उगाकर जीविका चलाया जाता है।
बनटांगिया सेक्टर 28 के रामअचल सहानी का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। वन ग्राम के उत्थान के लिए सार्थक पहल न होने से आज भी समस्याएं बनी हुई है।
वनटांगिया खुर्रमपुर में मूलभूत सुविधाओं की कमी
लेहड़ा बाजार। बृजमनगंज ब्लॉक अन्तर्गत लेहड़ा ग्रामसभा के वन टंगिया खुर्रमपुर में मुलभूत सुविधाओं की कमी है। वन टंगिया खुर्रमपुर नर्सरी लगभग 2226 आवादी वाला गांव है इसमें लगभग 554 परिवार है। सिर्फ 10 इण्डिया मार्का हैंडपंप लगे है। इसमें 6 खराब है। बिजली के लिए 300-500 मीटर से अधिक लंबा केबल से लाया गया है। बिजली का एक भी पोल नही लगा है। इस गांव मे एक भी सरकारी विद्यालय नही है। इस गांव से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर प्राइवेट विद्यालय है। लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में कोई स्वास्थ्य केन्द्र नही है। यहां पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग से होकर जाना पड़ता है।
ग्रामप्रधान रमाशंकर यादव ने बताया की वर्ष 2015 में इस गांव को लेहड़ा ग्रामसभा से जोड़ा गया। उसके बाद पात्र लोगों को विधवा और वृद्धा और विकलांग व समाजवादी पेंशन और पात्र गृहस्थी राशन मिल रहा है।
खंड विकास अधिकारी पीडी शुक्ला ने बताया नियमानुसार जो सुविधाएं मिलनी चाहिए। सभी मिल रही हैं। जहां तक वनटांगिया वासियों की समस्याओं के निराकरण की बात है तो उसके लिए शासन प्रशासन स्तर से भी पहल हुई है।
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बनटागिंया सेक्टर 26 निवासी रमाशंकर निषाद का कहना है कि वन ग्राम में मुलभूत सुविधाएं नहीं है। बच्चों को पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल नहीं है। प्राइवेट स्कूल में शुल्क महंगा है। ऐसे में वहां पढ़ाने में परेशानी होती है। समस्याओं को दूर करने के लिए शासन प्रशासन की ओर से कोई कारगर पहल नहीं हुई है।
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बनटागियां सेक्टर 27 के रहने वाले रविस चन्द्र कन्नौजिया का कहना है कि अगर किसी की तबियत खराब हो जाय तो भगवान ही मालिक रहता है। कई बार तो बेहद कठिनाई होती है। चाहे पढ़ाई की बात हो या फिर स्वास्थ्य सुविधा की। यहां कुछ भी नहीं है। समस्याओं के बीच जीवन यापन करना मजबूरी बन गई है।
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बनटांगिया सेक्टर 28 निवासी सर्वजित कुमार का कहना है कि वनग्राम को ग्राम पंचायत का दर्जा नही है। लिहाजा मनरेगा के काम भी नहीं मिलता है। आय के लिये सब्जी उगाकर जीविका चलाया जाता है।
बनटांगिया सेक्टर 28 के रामअचल सहानी का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। वन ग्राम के उत्थान के लिए सार्थक पहल न होने से आज भी समस्याएं बनी हुई है।
वनटांगिया खुर्रमपुर में मूलभूत सुविधाओं की कमी
लेहड़ा बाजार। बृजमनगंज ब्लॉक अन्तर्गत लेहड़ा ग्रामसभा के वन टंगिया खुर्रमपुर में मुलभूत सुविधाओं की कमी है। वन टंगिया खुर्रमपुर नर्सरी लगभग 2226 आवादी वाला गांव है इसमें लगभग 554 परिवार है। सिर्फ 10 इण्डिया मार्का हैंडपंप लगे है। इसमें 6 खराब है। बिजली के लिए 300-500 मीटर से अधिक लंबा केबल से लाया गया है। बिजली का एक भी पोल नही लगा है। इस गांव मे एक भी सरकारी विद्यालय नही है। इस गांव से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर प्राइवेट विद्यालय है। लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में कोई स्वास्थ्य केन्द्र नही है। यहां पहुंचने के लिए कच्चे मार्ग से होकर जाना पड़ता है।
ग्रामप्रधान रमाशंकर यादव ने बताया की वर्ष 2015 में इस गांव को लेहड़ा ग्रामसभा से जोड़ा गया। उसके बाद पात्र लोगों को विधवा और वृद्धा और विकलांग व समाजवादी पेंशन और पात्र गृहस्थी राशन मिल रहा है।
खंड विकास अधिकारी पीडी शुक्ला ने बताया नियमानुसार जो सुविधाएं मिलनी चाहिए। सभी मिल रही हैं। जहां तक वनटांगिया वासियों की समस्याओं के निराकरण की बात है तो उसके लिए शासन प्रशासन स्तर से भी पहल हुई है।