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अर्बन पीएचसी: पर्याप्त जगह नहीं, मरीजों को होती दुश्वारियां
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अर्बन पीएचसी।
महराजगंज। शहर के इंदिरा नगर में संचालित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (अर्बन पीएचसी) मानकविहीन भवन में चल रहा है, इससे मरीजों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस के अनुसार, अर्बन पीएचसी का भवन कम से कम 2000 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में होना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज, जांच और अन्य सुविधाएं सुचारू रूप से मिल सकें। लेकिन इंदिरा नगर स्थित यह स्वास्थ्य केंद्र मात्र 1400 स्क्वायर फीट क्षेत्र में संचालित हो रहा है। सीमित जगह होने के कारण यहां व्यवस्थाएं भी बेतरतीब ढंग से की गई हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि लैब को दूसरे तल पर स्थापित किया गया है। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को खून जांच के लिए सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाना पड़ता है, जो उनके लिए जोखिम भरा है।
क्षेत्र की सरिता ने बताया कि छह माह पहले उन्हें टाइफाइड बुखार हो गया था। इलाज के लिए वह अर्बन पीएचसी में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में गई थी। डॉक्टर ने खून जांच कराने के बाद दवा शुरू करने की बात कही। लेकिन जब वह खून जांच के लिए दूसरे तल पर स्थित लैब में गई तो सीढ़ी चढ़ने में उन्हें काफी परेशानी हुई। देवेंद्र ने बताया कि यहां पर मरीजों को जांच कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सामान्य हालात में भी ऊपर जाना मुश्किल होता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति बीमार हो, कमजोरी हो या चक्कर आ रहे हों, तो ऐसे में सीढ़ी चढ़ना बेहद खतरनाक हो सकता है।
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बबिता ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। उन्हें गर्भावस्था के दौरान बार-बार खून जांच और अन्य टेस्ट कराने पड़ते हैं। उधर लोगों का कहना है कि यह स्वास्थ्य केंद्र शहरी क्षेत्र के हजारों लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करता है, लेकिन भवन की स्थिति देखकर लगता है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे जल्दबाजी में बिना किसी कार्ययोजना के तैयार किया गया है।
यहां पर इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अर्बन पीएचसी पर कुछ सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां पर 24 घंटे डिलीवरी की व्यवस्था है, जिससे आसपास की गर्भवती महिलाओं को राहत मिलती है। इसके अलावा हेल्थ एटीएम मशीन से जांच की सुविधा दी जा रही है, जिससे कुछ बुनियादी जांचें मौके पर ही हो जाती हैं। ओपीडी सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलती है। दो मंजिला भवन के ऊपरी तल पर लैब की व्यवस्था है, जबकि नीचे डॉक्टरों का कक्ष और दवा वितरण काउंटर स्थित है। यहां पर डॉ. नमिता गुप्ता, फार्मासिस्ट हरिकेश यादव, लैब टेक्नीशियन ज्योतिष कुमार, स्टाफ नर्स शिल्पा और सुमन पांडेय व दो स्वीपर तैनात हैं। मालती, सुधीर, मनोज, सितेंद्र आदि का कहना है कि कई बार भीड़ अधिक होने पर अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती।
अर्बन पीएचसी पर इलाज के लिए आने वाले सभी मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी भी मरीज को जांच में असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्था की गई है। यदि किसी मरीज को खून जांच की जरूरत होती है और वह ऊपर नहीं जा सकता, तो लैब टेक्नीशियन नीचे आकर सैंपल लेता है।
डॉ. केपी सिंह, डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी अर्बन पीएचसी
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स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस के अनुसार, अर्बन पीएचसी का भवन कम से कम 2000 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में होना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज, जांच और अन्य सुविधाएं सुचारू रूप से मिल सकें। लेकिन इंदिरा नगर स्थित यह स्वास्थ्य केंद्र मात्र 1400 स्क्वायर फीट क्षेत्र में संचालित हो रहा है। सीमित जगह होने के कारण यहां व्यवस्थाएं भी बेतरतीब ढंग से की गई हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि लैब को दूसरे तल पर स्थापित किया गया है। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को खून जांच के लिए सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाना पड़ता है, जो उनके लिए जोखिम भरा है।
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क्षेत्र की सरिता ने बताया कि छह माह पहले उन्हें टाइफाइड बुखार हो गया था। इलाज के लिए वह अर्बन पीएचसी में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में गई थी। डॉक्टर ने खून जांच कराने के बाद दवा शुरू करने की बात कही। लेकिन जब वह खून जांच के लिए दूसरे तल पर स्थित लैब में गई तो सीढ़ी चढ़ने में उन्हें काफी परेशानी हुई। देवेंद्र ने बताया कि यहां पर मरीजों को जांच कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सामान्य हालात में भी ऊपर जाना मुश्किल होता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति बीमार हो, कमजोरी हो या चक्कर आ रहे हों, तो ऐसे में सीढ़ी चढ़ना बेहद खतरनाक हो सकता है।
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बबिता ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। उन्हें गर्भावस्था के दौरान बार-बार खून जांच और अन्य टेस्ट कराने पड़ते हैं। उधर लोगों का कहना है कि यह स्वास्थ्य केंद्र शहरी क्षेत्र के हजारों लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करता है, लेकिन भवन की स्थिति देखकर लगता है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे जल्दबाजी में बिना किसी कार्ययोजना के तैयार किया गया है।
यहां पर इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अर्बन पीएचसी पर कुछ सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां पर 24 घंटे डिलीवरी की व्यवस्था है, जिससे आसपास की गर्भवती महिलाओं को राहत मिलती है। इसके अलावा हेल्थ एटीएम मशीन से जांच की सुविधा दी जा रही है, जिससे कुछ बुनियादी जांचें मौके पर ही हो जाती हैं। ओपीडी सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलती है। दो मंजिला भवन के ऊपरी तल पर लैब की व्यवस्था है, जबकि नीचे डॉक्टरों का कक्ष और दवा वितरण काउंटर स्थित है। यहां पर डॉ. नमिता गुप्ता, फार्मासिस्ट हरिकेश यादव, लैब टेक्नीशियन ज्योतिष कुमार, स्टाफ नर्स शिल्पा और सुमन पांडेय व दो स्वीपर तैनात हैं। मालती, सुधीर, मनोज, सितेंद्र आदि का कहना है कि कई बार भीड़ अधिक होने पर अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती।
अर्बन पीएचसी पर इलाज के लिए आने वाले सभी मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी भी मरीज को जांच में असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्था की गई है। यदि किसी मरीज को खून जांच की जरूरत होती है और वह ऊपर नहीं जा सकता, तो लैब टेक्नीशियन नीचे आकर सैंपल लेता है।
डॉ. केपी सिंह, डिप्टी सीएमओ व नोडल अधिकारी अर्बन पीएचसी