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नेपाल में उपद्रव: पर्यटकों को लौटने में आसानी, ट्रक चालकों को परेशानी
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महराजगंज। नेपाल में हिंसक प्रदर्शन के बाद बुधवार को जिले से लगी सीमा क्षेत्र में नेपाल के शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बुधवार सुबह को परेशान भारतीय ट्रक चालकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। वे सभी भारतीय क्षेत्र में आना चाह रहे थे। बैरिकेडिंग के कारण वह प्रवेश नहीं कर पा रहे। वहीं पर्यटक अपनी आगे की यात्रा निरस्त कर भारतीय क्षेत्र में आ रहे हैं। उनको आने में दिक्कत नहीं हो रही है।
बुधवार को नेपाल में अलग-अलग शहरों में फंसे भारतीय यात्री बेलहिया सीमा पहुंचे। उनको पैदल भारतीय सीमा में आने दिया गया है। पर्यटकों ने अंदर के हालात को बेहद खराब बताया। एक अनुमान के अनुसार, नेपाल में कम से कम 20 हजार पर्यटक फंसे हैं, इसमें से लोग भारतीय क्षेत्र में आ रहे हैं। कोई बुटवल से आ रहा है तो कोई पोखरा से ही चला गया। बुधवार को करीब 40 पर्यटक ऐसे मिले जो काठमांडों नहीं गए। ये सभी लोग बीच रास्ते से ही सीमा की ओर लौट गए।
कानपुर के ज्ञान प्रकाश रघुबंशी ने बताया कि पोखरा में हालात बेहद खराब हैं। होटल में दोस्तों के साथ रूका था। होटल के अंदर तो कोई बात नहीं थी लेकिन सड़क पर आने पर डर लगा रहा था। होटल संचालक ने व्यवस्था करके किसी तरह से हमेंं भेजवाया। गनीमत रही की रास्ते में कहीं कोई बात नहीं हुई। लखनऊ के रूपचंद्र वर्मा ने बताया कि नेपाल में फंसे सभी पर्यटक जैसे तैसे वापस आ रहे हैं। पता नहीं कितने दिन तक यह समस्या रहेगी। वहां रहने में डर लग रहा था। बताया कि काठमांडों के एक होटल में रूका था। उससे थोड़ी रही दूरी पर तोड़फोड़ आगजनी की घटनाएं हो रहीं थी। नेपाली युवक की मदद से चार हजार रुपये देकर बेलहिया सीमा तक पहुंचा।
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उधर, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बेलहिया बॉर्डर पर तनावपूर्ण स्थिति के कारण करीब 40 भारतीय ट्रक चालक नेपाल के बेलहिया में फंसे हुए हैं। नेपाल में चल रहे उपद्रव और हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए भारतीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है और सोनौली सीमा पर बैरिकेडिंग से बंद कर दिया है। इसके चलते भारतीय ट्रकों को नेपाल से भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे चालकों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गुजरात के अहमदाबाद निवासी ट्रक चालक जितेंद्र ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चालकों ने एक स्वर में मांग किया कि उन्हें भारतीय क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी जाए ताकि उनकी जानमाल की सुरक्षा हो सके।
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बुधवार को नेपाल में अलग-अलग शहरों में फंसे भारतीय यात्री बेलहिया सीमा पहुंचे। उनको पैदल भारतीय सीमा में आने दिया गया है। पर्यटकों ने अंदर के हालात को बेहद खराब बताया। एक अनुमान के अनुसार, नेपाल में कम से कम 20 हजार पर्यटक फंसे हैं, इसमें से लोग भारतीय क्षेत्र में आ रहे हैं। कोई बुटवल से आ रहा है तो कोई पोखरा से ही चला गया। बुधवार को करीब 40 पर्यटक ऐसे मिले जो काठमांडों नहीं गए। ये सभी लोग बीच रास्ते से ही सीमा की ओर लौट गए।
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कानपुर के ज्ञान प्रकाश रघुबंशी ने बताया कि पोखरा में हालात बेहद खराब हैं। होटल में दोस्तों के साथ रूका था। होटल के अंदर तो कोई बात नहीं थी लेकिन सड़क पर आने पर डर लगा रहा था। होटल संचालक ने व्यवस्था करके किसी तरह से हमेंं भेजवाया। गनीमत रही की रास्ते में कहीं कोई बात नहीं हुई। लखनऊ के रूपचंद्र वर्मा ने बताया कि नेपाल में फंसे सभी पर्यटक जैसे तैसे वापस आ रहे हैं। पता नहीं कितने दिन तक यह समस्या रहेगी। वहां रहने में डर लग रहा था। बताया कि काठमांडों के एक होटल में रूका था। उससे थोड़ी रही दूरी पर तोड़फोड़ आगजनी की घटनाएं हो रहीं थी। नेपाली युवक की मदद से चार हजार रुपये देकर बेलहिया सीमा तक पहुंचा।
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उधर, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बेलहिया बॉर्डर पर तनावपूर्ण स्थिति के कारण करीब 40 भारतीय ट्रक चालक नेपाल के बेलहिया में फंसे हुए हैं। नेपाल में चल रहे उपद्रव और हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए भारतीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है और सोनौली सीमा पर बैरिकेडिंग से बंद कर दिया है। इसके चलते भारतीय ट्रकों को नेपाल से भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे चालकों में भय और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
गुजरात के अहमदाबाद निवासी ट्रक चालक जितेंद्र ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चालकों ने एक स्वर में मांग किया कि उन्हें भारतीय क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी जाए ताकि उनकी जानमाल की सुरक्षा हो सके।