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Maharajganj News: ई-रिक्शा का स्कूल वाहन के उपयोग प्रतिबंधित, सितंबर से विभाग करेगा कार्रवाई

Sun, 23 Aug 2026 02:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 02:00 AM IST
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Two people were arrested for molesting a married woman who had returned to her parents' home after three months.
सेफ फ्यूचर व तय मानक सुविधा न होने की दशा में निर्देश
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महराजगंज। ई- रिक्शा का उपयोग अब स्कूल वाहन के रूप में नहीं किया जा सकेगा। परिवहन विभाग ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। एआरटीओ ने इसके लिए सभी निजी व सरकारी स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए हैं। अगले माह से विभाग स्कूलों के लिए बच्चों को ढोने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
जनपद में चार हजार से अधिक ई-रिक्शा एआरटीओ कार्यालय से पंजीकृत हैं। ई-रिक्शा से यात्रियों का आवागमन सुलभ हुआ है। सस्ता होने की वजह से कई ई-रिक्शा का उपयोग स्कूल संचालक बच्चों को लाने और ले जाने में इस्तेमाल करने लगे। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा का उपयोग इस उद्देश्य से किया जाने लगा।
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अब तक इस संबंध में स्पष्ट आदेश नहीं थे। मिशन सेफ फ्यूचर के तहत बदले मानकों के कारण ई-रिक्शा को बच्चों के स्कूल आवागमन के लिए अनुपयुक्त पाया गया है। इसलिए एआरटीओ कार्यालय की तरफ से निर्देश पत्र जारी किया गया है। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि सुरक्षा के दृष्टिगत बच्चों को स्कूल भेजने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग न करें।
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यह हैं मिशन सेफ फ्यूचर के मानक
मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल वाहनों के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक अभिलेखों के शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। स्कूल वाहन का पंजीयन प्रमाण-पत्र, फिटनेस, चालक का स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र, वाहन परमिट, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, चरित्र सत्यापन प्रमाण-पत्र,बीमा, प्रदूषण, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटिका तथा सीसीटीवी कैमरा लगा होना अनिवार्य है। इन मानकों का पालन ई-रिक्शा में करना संभव नहीं।

वर्जन
मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के तय मानक पर ई रिक्शा को विकसित नहीं किया जा सकता। इसे वजह से बच्चों को स्कूल लाने व ले जाने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। सभी सरकारी गैरसरकारी स्कूलों को इसकी जानकारी दी गई है। सितंबर से जांच कर ऐसे ई रिक्शा पर कार्रवाई की जाएगी जो बच्चों को स्कूल या घर छोड़ते मिलेंगे।
-मनोज कुमार सिंह, एआरटीओ महराजगंज।
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