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Maharajganj News: नियम कानून का पेच... सीमावर्ती क्षेत्र में करोड़ों का कारोबार चौपट
Sat, 28 Sep 2024 02:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 28 Sep 2024 02:32 AM IST
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सोनौली कस्बे में कम आ रहे खरीदार।
महराजगंज। बदले नियम कानून की वजह से सीमावर्ती इलाकों में रोजाना करोड़ों का कारोबार चौपट हो रहा है। सीमा पर दोनों तरफ जांच और नेपाल में भंसार लगने के कारण नेपाल के ग्राहक भारतीय क्षेत्र में खरीदारी के लिए कम आ रहे हैं। बिक्री कम होने से हालात यह है कि व्यापारियों का दुकान का किराया तक नहीं निकल पा रहा है।
नेपाल में दशहरा पर्व शुरू होने वाला है। नेपाल का सबसे बड़ा त्योहार है, लेकिन ग्राहकों की कमी के कारण सोनौली कस्बे के व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। सीमा पर आने और जाने के दौरान दोनों देशों की जांच एजेंसियों द्वारा कड़ाई और भैरहवा भंसार में 100 रुपये से अधिक पर ड्यूटी शुल्क लेने के बाद नेपाली ग्राहक भारतीय सीमा क्षेत्र में कम आ रहे हैं।
उम्मीद से काफी कम ग्राहकों की उपस्थिति ने व्यापारियों की कमर तोड़ दिया है। करोड़ों रुपये के समान बिक्री नहीं होने के कारण फंस सकते हैं। जनपद के सीमावर्ती बाजार नेपाली ग्राहकों पर निर्भर हैं। व्यापारी सीजनल त्योहार के कारण कपड़े, प्रसाधन सहित खाने पीने की वस्तुएं मंगवाकर व्यापार करते हैं, लेकिन इस वर्ष ग्राहकों की कमी के कारण सीमावर्ती व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि आगामी त्योहारों को लेकर स्टॉक लाया गया है, लेकिन ग्राहकों की कमी के कारण चिंता सताने लगी है।
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व्यापारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के बाजारों में रोजाना दो करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। अकेले सोनौली बाजार में एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता रहा है। नेपाल की सीमा से लगते भारतीय क्षेत्र में छह माह पहले तक हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता था। इसी दौरान नेपाल ने कस्टम ड्यूटी में इजाफा कर दिया। फैसला लागू होते ही भारत के सीमावर्ती क्षेत्र के बाजार बेजार हो गए।
नेपाली खरीदारों से गुलजार रहते थे ये बाजार
सोनौली, भगवानपुर, हरदी डाली, पेड़ारी, बरगदवा, ठूठीबारी, परसामलिक, फरेंदी बाजार, खनुवा, बरगदवा, ठूठीबारी, निचलौल, सिसवा और नौतनवां के बाजारों में छ माह पहले तक नेपाली खरीदारों की भीड़ दिखती थी, लेकिन अब भीड़ नहीं दिखती है।
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नेपाल में दशहरा पर्व शुरू होने वाला है। नेपाल का सबसे बड़ा त्योहार है, लेकिन ग्राहकों की कमी के कारण सोनौली कस्बे के व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। सीमा पर आने और जाने के दौरान दोनों देशों की जांच एजेंसियों द्वारा कड़ाई और भैरहवा भंसार में 100 रुपये से अधिक पर ड्यूटी शुल्क लेने के बाद नेपाली ग्राहक भारतीय सीमा क्षेत्र में कम आ रहे हैं।
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उम्मीद से काफी कम ग्राहकों की उपस्थिति ने व्यापारियों की कमर तोड़ दिया है। करोड़ों रुपये के समान बिक्री नहीं होने के कारण फंस सकते हैं। जनपद के सीमावर्ती बाजार नेपाली ग्राहकों पर निर्भर हैं। व्यापारी सीजनल त्योहार के कारण कपड़े, प्रसाधन सहित खाने पीने की वस्तुएं मंगवाकर व्यापार करते हैं, लेकिन इस वर्ष ग्राहकों की कमी के कारण सीमावर्ती व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि आगामी त्योहारों को लेकर स्टॉक लाया गया है, लेकिन ग्राहकों की कमी के कारण चिंता सताने लगी है।
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व्यापारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के बाजारों में रोजाना दो करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हो रहा है। अकेले सोनौली बाजार में एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता रहा है। नेपाल की सीमा से लगते भारतीय क्षेत्र में छह माह पहले तक हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता था। इसी दौरान नेपाल ने कस्टम ड्यूटी में इजाफा कर दिया। फैसला लागू होते ही भारत के सीमावर्ती क्षेत्र के बाजार बेजार हो गए।
नेपाली खरीदारों से गुलजार रहते थे ये बाजार
सोनौली, भगवानपुर, हरदी डाली, पेड़ारी, बरगदवा, ठूठीबारी, परसामलिक, फरेंदी बाजार, खनुवा, बरगदवा, ठूठीबारी, निचलौल, सिसवा और नौतनवां के बाजारों में छ माह पहले तक नेपाली खरीदारों की भीड़ दिखती थी, लेकिन अब भीड़ नहीं दिखती है।