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Maharajganj News: लखनऊ जंक्शन की शोभा बढ़ा रहा ट्राम-वे रेल इंजन

Fri, 06 Mar 2026 01:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:47 AM IST
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Tramway rail engine is enhancing the beauty of Lucknow Junction
लखनऊ जंक्शन प्लेटफार्म नम्बर 6 की शोभा बढ़ा रहा लक्ष्मीपुर की ऐतिहासिक ट्राम वे रेल इंजन।
पिछले माह एकमा डिपो से ले जाया गया था इंजन
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लखनऊ जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर प्रदर्शित किया गया है ट्रॉम-वे रेल इंजन
लक्ष्मीपुर। सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर रही लगभग सौ वर्ष पुरानी ट्रॉम वे रेल का इंजन अब राजधानी लखनऊ के रेलवे जंक्शन की शोभा बढ़ा रहा है। पिछले माह लक्ष्मीपुर के एकमा डिपो से ले जाया गया यह इंजन अब लखनऊ जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर प्रदर्शित किया गया है। हालांकि इंजन के लखनऊ भेजे जाने से लक्ष्मीपुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों के मन में गहरा दुःख और मलाल है।

दरअसल, वर्ष 1924 में ब्रिटिश शासन के दौरान सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के घने जंगलों से बहुमूल्य वन संपदा को मुख्य रेल लाइन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लक्ष्मीपुर रेलवे स्टेशन के समीप ट्राम-वे रेल परियोजना स्थापित की गई थी। उस समय इस परियोजना के निर्माण पर करीब 3,51,243 रुपये की लागत आई थी। इस परियोजना के तहत लक्ष्मीपुर रेंज और उत्तरी चौक रेंज के जंगलों में करीब 22.4 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई गई थी। इसके माध्यम से जंगलों से लकड़ी और अन्य वन उत्पादों को आसानी से बाहर लाया जाता था।
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ट्राम-वे रेल परियोजना अपने समय में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई और लगभग 55 वर्षों तक लगातार सेवा देती रही लेकिन समय के साथ इसकी उपयोगिता कम होती गई और अंततः वर्ष 1982 में करीब 8 लाख रुपये के घाटे के कारण इस परियोजना को बंद करना पड़ा।
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परियोजना बंद होने के बाद इसमें लगे 40 अश्व शक्ति के चार इंजन, 26 बोगियां, एक सैलून कोच, दो निरीक्षण ट्रॉली तथा अन्य उपकरण को सुरक्षित रूप से लक्ष्मीपुर के एकमा डिपो में संरक्षित कर दिया गया था। समय के साथ यह ट्राम वे रेल इंजन क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध हो गया और स्थानीय लोग इसे संरक्षित कर संग्रहालय या पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग करने लगे।
वर्ष 2009 में तत्कालीन वन मंत्री फतेह बहादुर सिंह के निर्देश पर इस परियोजना से जुड़ा एक इंजन, एक सैलून और एक बोगी को लखनऊ चिड़ियाघर में प्रदर्शित करने के लिए भेज दिया गया था। इसके बाद भी एकमा डिपो में कई उपकरण और इंजन सुरक्षित रखे गए थे।
हाल ही में 23 फरवरी 2026 को शासन के निर्देश पर रेलवे अधिकारियों द्वारा एकमा डिपो से ट्राम वे रेल के दो इंजनों को लखनऊ ले जाया गया। इसके बाद क्षेत्र के लोगों में काफी निराशा और नाराजगी देखने को मिली। लोगों का मानना है कि यह इंजन लक्ष्मीपुर की ऐतिहासिक पहचान था और इसे यहीं संरक्षित किया जाना चाहिए था। अब यह इंजन राजधानी लखनऊ के रेलवे जंक्शन पर प्रदर्शित होकर हजारों यात्रियों को इस अनोखी ऐतिहासिक परियोजना की याद दिला रहा है।

वहीं लक्ष्मीपुर क्षेत्र में अब इस परियोजना का केवल एक इंजन ही शेष बचा है, जिसे लेकर लोगों के मन में चिंता बनी हुई है कि भविष्य में इसका क्या होगा। इस संबंध में लक्ष्मीपुर रेंजर वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि एक इंजन अभी भी एकमा डिपो में सुरक्षित रखा गया है। शासन से जो भी निर्देश प्राप्त होगा, विभाग उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
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