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Maharajganj News: पुल का तीन पिलर बनाकर जिम्मेदारों ने ओढ़ ली खामोशी की चादर

Sat, 07 Sep 2024 03:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 07 Sep 2024 03:37 AM IST
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Those responsible covered themselves with silence by building three pillars of the bridge.
सुभाष नगर वार्ड में अधूरा पड़ा पुल। 
महराजगंज। शहर में बलिया नाले पर 15 साल पहले पुल का तीन पिलर बनाकर छोड़ दिया गया। इसके बाद से जिम्मेदारों ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। 15 साल बीतने के बाद भी आज तक बजट जारी नहीं हो सका। आज भी लोगों को उम्मीद है कि पुल का निर्माण होगा।
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जानकारी के अनुसार, बलिया नाले पर 2009 में पुल बनना शुरू हुआ था। 99 लाख रुपये खर्च कर पुल का तीन पाया बनाकर छोड़ दिया गया। इसके बाद वक्त के साथ पुल के निर्माण के लिए बजट का संशोधन भी हुआ। करीब साढ़े चार करोड़ की संशोधित बजट की फाइल शासन में धूल फांक रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बजट के इंतजार में बैठे हैं। पुल बनने से शहर का सुभाष नगर और पड़री मोहल्ले का सीधे जुड़ाव हो जाएगा।
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शहर में मुख्य रोड बलिया नाले से होकर गुजरता है। इस पर पुल बना है। इसी तरह से सुभाष नगर व पड़री मोहल्ले को जोड़ने के लिए पुल बनाने की योजना बनी, लेकिन यह वक्त के साथ ही धराशायी हो चुकी है। उस वक्त वर्ष 2009 में प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी। पुल बनाने के लिए बसपा सरकार में स्वीकृति मिली थी। शुरुआत में पुल बनाने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में लोक निर्माण विभाग को सौंप दी गई।
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अधिकारियों भी पत्र भेजकर दायित्व की कर दे रहे इतिश्री
अधिकारी बताते हैं कि समय बीतने के बाद निर्माण की लागत बढ़ी तो प्रोजेक्ट में कुछ बदलाव कर दिया गया, जिससे इसकी लागत बढ़कर करीब साढ़े चार करोड़ हो गई। बजट को फिर से संशोधित किया गया। पूरी फाइल तैयार कर शासन को भेज दी गई। यहीं से व्यवस्था में उदासीनता दिखने लगी। हर बार पत्राचार होता रहा, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में हालत यह है कि फाइल शासन में धूल फांक रही है। अधिकारी भी पत्र भेजकर दायित्व की इतिश्री कर दे रहे हैं।
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