{"_id":"66880b5db15ae74cd70e7ba7","slug":"thirst-reaches-danger-mark-sandalwood-falls-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-126134-2024-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: खतरे के निशान के करीब पहुंची प्यास, चंदन नीचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: खतरे के निशान के करीब पहुंची प्यास, चंदन नीचे
Fri, 05 Jul 2024 08:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 05 Jul 2024 08:33 PM IST
विज्ञापन
निचलौल। जिले और नेपाल के पहाड़ों पर हुई बारिश से जहां आमजन को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं नेपाल से निकलकर जिले में बहने वाली नदियों के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव होने लगा है। शुक्रवार को जहां प्यास नदी खतरे के निशान को छूने को आतूर दिखी। वहीं चंदन नदी में जलस्तर नील बनी हुई है। गंडक सहित अन्य नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, नेपाल में पहाड़ों और जिले में पूरे दिन हुई बारिश से प्यास नदी का जलस्तर 100.25 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे से महज दो मीटर नीचे है। चंदन नदी का जलस्तर काफी न्यूनतम पर है। इसके चलते उसका लेबल अभी नील बता रहा है। महाव नाला 3.5 फिट पर बह रहा है। यह खतरे से डेढ़ फीट अभी नीचे है। गंडक नदी में 95.2 हजार क्यूसेक जलस्तर है। राप्ती में 76.79 मीटर जलस्तर है। यह नदी अभी खतरे से करीब चार मीटर नीचे बह रही हैं। प्यास नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसा लग रहा है कि वह खतरे के निशान को छूने की ओर है। संवाद
विज्ञापन
सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, नेपाल में पहाड़ों और जिले में पूरे दिन हुई बारिश से प्यास नदी का जलस्तर 100.25 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे से महज दो मीटर नीचे है। चंदन नदी का जलस्तर काफी न्यूनतम पर है। इसके चलते उसका लेबल अभी नील बता रहा है। महाव नाला 3.5 फिट पर बह रहा है। यह खतरे से डेढ़ फीट अभी नीचे है। गंडक नदी में 95.2 हजार क्यूसेक जलस्तर है। राप्ती में 76.79 मीटर जलस्तर है। यह नदी अभी खतरे से करीब चार मीटर नीचे बह रही हैं। प्यास नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसा लग रहा है कि वह खतरे के निशान को छूने की ओर है। संवाद
विज्ञापन