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Maharajganj News: मौसम ने ली करवट, शाम को हुई बूंदाबांदी
Thu, 01 Feb 2024 08:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 01 Feb 2024 08:26 PM IST
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महराजगंज। तीन दिन से धूप निकल रही है। इससे लोगों को दिन में ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया और पछुआ हवा चलने लगी। इससे गलन बढ़ गई। शाम में कई जगह हल्की बूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान 24 तो न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते दो दिन धूप होने से ठंड कम हो गई थी।
तीन दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब चार गुना का अंतर देखा गया। ऐसे में तापमान में उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही करने वाले सर्दी, खांसी व बुखार की चपेट में आ जा रहे हैं। ऐसे में लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बदली छा गई। पछुआ हवाओं से गलन बढ़ गई।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि उत्तरोत्तर दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं की निम्न क्षोभमंडलीय पुरवा हवाओं के साथ संभावित प्रतिक्रिया के कारण बृहस्पतिवार को बादल छाए रहे। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के कारण सतही स्तर पर हवा का रुख बदल कर पुरुवा/दक्षिणी-पूर्वी होने से वायु संचालन बढ़ गया है। इससे वायुमंडलीय स्थिरता घटने के कारण कोहरा छंटने से धूप निकलने से उष्मा बढ़ने लगती है। ऐसे में अब शीत दिवस की स्थिति लगभग समाप्त हो गई है।
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तीन दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में करीब चार गुना का अंतर देखा गया। ऐसे में तापमान में उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही करने वाले सर्दी, खांसी व बुखार की चपेट में आ जा रहे हैं। ऐसे में लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बदली छा गई। पछुआ हवाओं से गलन बढ़ गई।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि उत्तरोत्तर दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं की निम्न क्षोभमंडलीय पुरवा हवाओं के साथ संभावित प्रतिक्रिया के कारण बृहस्पतिवार को बादल छाए रहे। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के कारण सतही स्तर पर हवा का रुख बदल कर पुरुवा/दक्षिणी-पूर्वी होने से वायु संचालन बढ़ गया है। इससे वायुमंडलीय स्थिरता घटने के कारण कोहरा छंटने से धूप निकलने से उष्मा बढ़ने लगती है। ऐसे में अब शीत दिवस की स्थिति लगभग समाप्त हो गई है।
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