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Maharajganj News: नदी निगल जाएगी सड़क, तटबंध पर जगह जगह गडढ़ा, रेन कट से बढ़ सकती मुसीबत

Wed, 19 Jul 2023 01:11 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jul 2023 01:11 AM IST
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The road will be swallowed by the river, potholes on the embankment, trouble may increase due to rain cut
रेन कट से ग्राम सभा जिगिनिहवां के लोहरटोला और सोबडा गांव के लोग भयभीत
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संवाद न्यूज एजेंसी

महराजगंज। चंदन नदी में नेपाल से आने वाले पानी का दबाव बढ़ता है तो विकराल रूप दिखने लगता है। नदी में पानी का दबाव कम है, लेकिन कटान तेज है। कटान की गति देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो नदी सड़क को निगल जाएगी। तटबंध के बेहतर रहने के दावों से इतर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। करीब 12 जगहों पर रेन कट हैं। तटबंध पर आने जाने के लिए बना रास्ता कीचड़ से भरा हुआ है। बंधे की दशा देखकर किनारे बसे गांव के लोग दहशत में है। लोगों को डर है कि नेपाल में बारिश होने पर पानी दबाव बढ़ा तो बंधे नदी के पानी को रोक नहीं पाएंगे।
मंगलवार को चंदन नदी के तटबंध की चौंकाने वाली तस्वीर दिखी। नदी में पानी का स्तर कम होता दिखा, लेकिन कटान बढ़ रहा था। ठूठीबारी से चंदन नदी के पश्चिमी छोर से होकर सफर शुरू हुआ तो पहले ही बंधे में बारिश से कटान दिखने लगा। कीचड़युक्त रास्ते पर बाइक बहुत संभलकर चलानी पड़ी। बंधे पर कहीं कहीं नदी सड़क के बेहतर करीब तक कटान करती हुई दिखी। बंधे पर करीब चार किमी आगे जाने पर किनारे का हिस्सा ज्यादा कटा हुआ दिखा। कटे हुए स्थान पर सड़क की चौड़ाई बेहद कम हो गई है। बारिश होने से सड़क पर कीचड़ लगा हुआ है। रास्ते होकर आ रहे रामदीन ने पूछा कुछ हो रहा है, क्या? बरसात में अब कौन सा काम होगा। उनसे कोई सवाल नहीं किया गया, लेकिन वह स्वयं हीं बंधे की बदहाली की कहानी बयां करने लगे।
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रामदीन ने बताया कि जैसे तैसे काम कर कोरम पूर कर दिया जाता है। सरकारी फाइलों में सब कुछ बेहतर है, लेकिन हकीकत यहीं दिख रही है। उनकी बात समाप्त नहीं हुई कि सोनमति सिर पर बाॅक्स रखे हुए गुजर रही थीं। कींचड में वह फिसल कर गिरने से बच गईं। उन्होंने बताया कि बंधे पर जगह जगह कट बना है। बंधे की स्थिति देखकर लग रहा है कि पानी का दबाव ज्यादा हुआ तो समस्या हो सकती है। ठूठीबारी कस्बे के सटे पूरब दक्षिण चंदन नदी होकर बहती है। नदी के पश्चिमी छोर पर ठूठीबारी से सोबडा बैरिहवां, किशनपुर, डगरुपुर,धरमौली होते हुए डीह राजा स्थान तक लगभग 12 किमी बांध पर सफर के दौरान खामियों की पोल खुल गई। बांध पर हुआ काम की पूरी कहानी राहगीरों ने बयां की।
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बंधे पर बनी है पक्की सड़क
--ठूठीबारी से होते हुए सोबडा, बैरिहवां, किसुनपुर, डगरुपुर , रामनगर गांव पश्चिम तक रिंग बांध में जगह जगह रेन कट हो गया है। वहीं सिंचाई विभाग की ओर से रामनगर से ठूठीबारी डीराजा स्थान तक बंधे पर करीब 89.17 लाख रुपये की लागत से पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है।
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इन क्षेत्रों में ज्यादा होता है कटान
--नौतनवां क्षेत्र के दोमुहान गांव के सामने झरही व चंदन नदी दोनों मिल जाती है, जिससे बरसात के दिनों में पानी की धारा विकराल रूप धारण कर लेती है। निचलौल ब्लॉक के बकुलडिहा, सुकरहर, लक्ष्मीपुर खूर्द एवं नौतनवां ब्लॉक के दोमुहान ,मल्लाह टोला, लोहार टोला के सामने बंधे को चंदन नदी की तेज धारा से कटान होता है। मल्लाहटोला, जिगिनिहवां, कजडहवां, साहू टोला,अहीर टोला, लोहार टोला, सीहाभार कचरहियां, धुमठवां आदि गांव के सिवान में लगे सैकड़ों एकड़ धान की फसल बाढ़ आने पर रेत से पट जाती है।
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चंदन नदी के तटबंध पर दो जगहों पर कटान तेज
--चंदन नदी बंधे के सटे बैरीअहवां गांव जाने वाले पगडंडी के पास ठूठीबारी ग्राम प्रधान अजय कुमार के खेत के पूरब सामने लगभग 300 मीटर चंदन नदी कटान तेज कर दिया है। वहीं चंदन नदी के पश्चिमी तटबंध नौतनवां क्षेत्र के जिगिनिहवां ग्राम सभा के मल्हार टोली गांव के दक्षिण रामचंद्र गौतम के खेत के सामने 200 मीटर पिछले बाढ़ में हुई कटान की अत तक मरम्मत नहीं की जा सकी है। ग्रामीणों ने जर्जर तटबंध मरम्मत की मांग की।
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बाढ़ आने पर हर साल किसानों की सैकडों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो जाती है। टूटे बंधे की बेहतर ढंग से मरम्मत समय से नहीं होने के कारण हर साल बाढ़ आती है। इस बार अभी तक राहत है, लेकिन आने वाले समस्या हो सकती है।
राकेश गोंड, सोबड़ा
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समय के पहले बंधों की मरम्मत हुई रहती तो डर नहीं लगता। अभी नेपाल में बारिश कम हो रही है। वहां बारिश ज्यादा हुई तो पूरा पानी इस नदी में आएगा तो बंधों पर दबाव बढ़ जाएगा।
राधेश्याम सहानी, जिगिनिहवां
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चंदन नदी की कटान से लगभग 10 डिस्मिल खेत नदी में विलीन हो गया है। कटान के रास्ते नदी का पानी गांव में घुस जाता है। इस साल तो अभी बाढ़ नहीं आई है। नदी में पानी ज्यादा हुआ तो कमजोर स्थानों पर बंधा टूट सकता है। यह सोचकर डर लग रहा है।

श्रीमतिदेवी, जिगिनिहवां
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नदी के किनारे बंधों में बने रेन कट की मरम्मत नहीं हुई। सभी लोग सहमे हुए हैं कि आने वाले दिनों में क्या होगा। गड्ढों को भरने की जरूरत है। पानी कम होने पर नदी कटान तेजी से कर रही है।
रामबचन सहानी, ग्राम प्रधान, जिगिनिहवां
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बाढ़ से बचाव की पूरी तैयारी है। सभी बंधों को ठीक रखने का निर्देश दिया गया है। जनपद की सीमा में आने वाले बंधे दुरूस्त हैं। अधिकारियों की टीम प्रत्येक दिन निगरानी में है, जहां जरूरत होती है, वहां तुरंत मरम्मत करा दी जाती है।
सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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