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Maharajganj News: बेटे को बचाने गई थी मां...खुद भी गंवा बैठी जान

Sat, 04 Apr 2026 02:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 02:07 AM IST
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The mother went to save her son...and lost her own life.
सिसवा में मां बेटे की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।  
चौधरी चरण सिंह नगर वार्ड में शुक्रवार को करंट की चपेट में मां-बेटे की मौत
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पढ़ने लिखने में काफी होनहार था अखिलेश, पिता बनाना चाहते थे अधिकारी
सिसवा बाजार। कस्बे के चौधरी चरण सिंह नगर वार्ड में शुक्रवार को करंट की चपेट में आने से पत्नी और छोटे बेटे की मौत से किसान रामदेव सदमे में हैं। एक तरफ बेटे को पढ़ा-लिखाकर अधिकारी बनाने का उनका सपना टूट तो वहीं बुढ़ापे में पत्नी का साथ भी छूट गया। रामदेव पत्नी और बेटे का एक साथ शव देखकर बिलख रहे हैं। उन्हें देखकर सबकी आंखें नम हो जा रही हैं।
नहाने के लिए मोटर चलाने गए अखिलेश को जब करंट लगा तो उसकी चीख नहीं निकली। कुछ गिरने की आवाज सुनकर जब मां पहुंची तो जिगर के टुकड़े को छटपटाते देख उसे बचाने की कोशिश की लेकिन करंट ने उनको भी अपने चपेट में ले लिया। कुछ देर बाद जब बरामदे के पास बैठे रामदेव ने आवाज लगाई तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
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इसके बाद वह घर के अंदर पहुंचे तो पत्नी बेटे को अचेत अवस्था में देख चिल्लाने लगे। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और स्वीच को ऑफ किया। इसके बाद आनन-फानन में दोनों को लेकर लोग सीएचसी पहुंचे। डॉक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन दोनों के शव लेकर घर पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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12वीं का छात्र था अखिलेश
सिसवा नगर स्थित खेसरारी के चौधरी चरण सिंह नगर वार्ड निवासी रामदेव खेती-किसानी करके बच्चों को पढ़ाकर पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। उनके चार बेटों और दो बेटियों में अखिलेश पढ़ने-लिखने में बहुत होनहार था। सिसवा के ही एक निजी विद्यालय में वह 12वीं का छात्र था। पिता रामदेव ने बताया कि तीन बेटे अर्जुन, बल्लू और दीपक पढ़-लिखकर नौकरी करने चले गए। रामदेव दो बेटियों देवकी और जानकी और एक बेटा अर्जुन की शादी करके सारा ध्यान होनहार छोटे बेटे अखिलेश को पढ़ा-लिखा कर उसे अधिकारी बनना चाहते थे। रामदेव यही शब्द बार-बार दोहराकर मूर्छित हो जा रहे हैं। रामदेव की हालत देख पड़ोसी और शुभचिंतकों की आंखें भीग जा रही हैं।

वार्ड में पसरा मातम
मां-बेटे की मौत से गांव में भी मातम पसर गया है। रामदेव और उनके परिवार को रोता-बिलखता देख आसपास के लोगों की भी आंखें नम हो जा रही हैं। लोग रामदेव को ढांढस बंधा रहे हैं। रामदेव बेटे और पत्नी का शव देखकर मूर्छित हो जा रहे थे। आस-पड़ोस के साथ ही उनके नात-रिश्तेदारों की भी भीड़ जुट गई है।
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